डा० गोविन्दप्पा वेंकटस्वामी ने अरविन्द आई हॉस्पिटल की शुरुआत की और कई लोगों को मोतियाबिंद की चपेट से बचाया जो कि आँखों की रौशनी जाने का सबसे बड़ा कारण बना हुआ था।
गूगल आज डूडल के माध्यम से भारत के प्रसिद्ध नेत्र सर्जन (ओप्थेमोलोजिस्ट) डा० गोविन्दप्पा वेंकटस्वामी के 100वें जन्मदिवस पर उन्हें सम्मानित किया है। वेंकटस्वामी अरविन्द आई हॉस्पिटल के फाउंडर और चैयरमैन थे जो कि दुनिया के सबसे बड़े आई केयर प्रदाताओं में से एक है।
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आई हॉस्पिटल ने 55 मिलियन मरीजों का इलाज और 6.8 मिलियन सर्जरी की हैं। और मोतियाबिंद का इलाज कर कई मरीजों को आँखों की रौशनी प्रदान की।
गूगल ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, वेंकटस्वामी को उनके सहकर्मियों और मरीजों के बीच Dr. V के नाम से जाना जाता था। उन्होंने 11-बेड फैसिलिटी के रूप में अरविन्द आई हॉस्पिटल की शुरुआत की थी और बाद में पूरे देश में क्लिनिक्स का एक नेटवर्क विकसित हुआ जिससे देश के कई नागरिकों की आँखों की रौशनी बचाने में सहायता मिली।
वेंकटस्वामी का जन्म 1 अक्टूबर 1918 को वादामालापुरम, तमिलनाडु में हुआ था और 30 वर्ष की उम्र में वो रुमेटी गठिया से ग्रस्त हो गए थे। हालांकि अपनी सवास्थ्य समस्याओं के बावजूद भी उन्होंने मोतियाबिंद को दूर करने की सर्जरी के बारे में शिक्षा प्राप्त की। डा. वेंकटस्वामी एक दिन में 100 सर्जरी कर सकते थे।
डा० गोविन्दप्पा वेंकटस्वामी को 1973 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया और उनकी मृत्यु 87 वर्ष की उम्र में 7 जुलाई 2006 को हुई।
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