“क्या आप मर चुके हैं?”…वायरल हो रहा मौत पूछने वाला ऐप, पैसे देकर लाखों लोग कर रहे हैं डाउनलोड, जानें क्या है वजह

“क्या आप मर चुके हैं?”…वायरल हो रहा मौत पूछने वाला ऐप, पैसे देकर लाखों लोग कर रहे हैं डाउनलोड, जानें क्या है वजह

सोचिए, आपके फोन की घंटी बजती है और स्क्रीन पर एक सीधा और खौफनाक सवाल फ़्लैश होता है—”क्या आप मर चुके हैं?” (Are you dead?). यह सुनने में किसी ‘ब्लैक मिरर’ एपिसोड या भद्दे मजाक जैसा लग सकता है, लेकिन चीन में यह एक हकीकत बन चुका है. वहां एक नया ऐप वायरल हो रहा है जो ठीक यही काम करता है.

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इसका नाम ‘साइलेम’ (Sileme) है. यह ऐप अब चीन में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है और पेड डाउनलोड्स (Paid Downloads) की लिस्ट में टॉप पर है. यह तकनीक शहरी अकेलेपन (Urban Loneliness) की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है जहां लोग भीड़ में भी अकेले हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.

हर 48 घंटे में एक डरावना लेकिन जरूरी सवाल

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऐप का कांसेप्ट बहुत ही सरल लेकिन गहरा है. ‘साइलेम’ (Sileme) ऐप अपने यूजर को हर 48 घंटे (दो दिन) में एक नोटिफिकेशन भेजता है. यूजर को बस एक बटन दबाकर यह कन्फर्म करना होता है कि वह सुरक्षित और जिंदा है. यह एक डिजिटल ‘हाजिरी’ जैसा है. अगर कोई यूजर लगातार दो बार चेक-इन (Check-in) मिस कर देता है, यानी नोटिफिकेशन का जवाब नहीं देता, तो ऐप मान लेता है कि कुछ गड़बड़ है.

इसके बाद, ऐप ऑटोमैटिकली यूजर द्वारा चुने गए ‘इमरजेंसी कॉन्टैक्ट’ (जैसे माता-पिता या दोस्त) को एक अलर्ट मैसेज भेज देता है. यह मैसेज मूल रूप से एक शुरुआती चेतावनी संकेत (Early Warning Sign) के रूप में काम करता है कि यूजर मुसीबत में हो सकता है.

युवा पेशेवरों और अकेलेपन का साथी

यह ऐप विशेष रूप से उन लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है जो अकेले रहते हैं, खासकर यंग वर्किंग प्रोफेशनल्स जो अपने परिवार और दोस्तों से दूर लंबे समय तक काम करते हैं. बीजिंग के 38 वर्षीय निवासी विल्सन होउ (Wilson Hou) ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने इस ऐप को तुरंत डाउनलोड कर लिया क्योंकि वह अकेले रहते हैं और घंटों काम करते हैं.

उन्होंने अपनी चिंता साझा करते हुए कहा कि अगर उनके किराए के घर में उन्हें कुछ गंभीर हो गया, तो शायद कई दिनों तक किसी को पता भी नहीं चलेगा. मानसिक शांति (Peace of Mind) के लिए, उन्होंने अपनी मां को अपना इमरजेंसी कॉन्टैक्ट बनाया है. ऐप की कीमत मात्र 8 युआन (लगभग 104 रुपये) है, जो इसे उन लोगों के लिए एक बेहद सस्ता सेफ्टी ऑप्शन बनाता है जो अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं.

बढ़ती ‘सिंगल’ आबादी और सामाजिक बहस

हाल के हफ्तों में, यह चीन में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला पेड ऐप बन गया है, जो दिखाता है कि यह विचार लोगों के दिलों से कितनी गहराई से जुड़ा है. ऐप की अचानक लोकप्रियता ने ऑनलाइन दुनिया में बड़े शहरों में अकेलेपन और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है. कई यूजर्स उस वास्तविकता पर चर्चा कर रहे हैं जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है—अकेले रहने वाले लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मदद मिलने में देरी हो सकती है क्योंकि उनके पास कोई नहीं होता है.

यह ट्रेंड ऐसे समय में आया है जब चीन में ‘वन-पर्सन होम्स’ (एक व्यक्ति वाले घरों) की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट्स का सुझाव है कि 2030 तक देश में ऐसे घरों की संख्या 20 करोड़ (200 Million) तक पहुंच सकती है.

युवा डेवलपर्स और विस्तार की योजना

दिलचस्प बात यह है कि इस गंभीर समस्या का समाधान किसी बड़ी टेक कंपनी ने नहीं, बल्कि तीन युवा डेवलपर्स ने निकाला है. ये तीनों 1995 के बाद पैदा हुए हैं और उन्होंने बहुत कम बजट में इस ऐप को बनाया था. उनकी यह छोटी सी कोशिश अब एक बड़े बिजनेस में बदल रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम अब अपने बिजनेस के विस्तार (Expansion) की ओर देख रही है. वे भविष्य में वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए संस्करण लाने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि बुजुर्गों की सुरक्षा भी एक बढ़ती हुई चिंता है.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile

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