WhatsApp चलाने के नियम में बदलाव..SIM निकालते ही लॉगआउट होगा अकाउंट, भारत के लिए स्पेशल रूल
Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp भारत में एक नया SIM Binding सिस्टम लाने की तैयारी में है. WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक यह फीचर Android के लेटेस्ट बीटा वर्जन 2.26.8.6 में देखा गया है. इसका मकसद भारतीय नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करना और फोन नंबर के दुरुपयोग को रोकना है. ऐसे में आप सिम निकालकर WhatsApp का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. यह वैसा ही है जैसे गूगल पे या पेटीएम में होता है.
SurveyWhatsApp का नया SIM Binding सिस्टम कैसे काम कर सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल यह फीचर टेस्टर्स के लिए एक्टिव नहीं है, लेकिन कोड में ऐसे संकेत मिले हैं जो बताते हैं कि ऐप यूजर अकाउंट को रजिस्ट्रेशन के समय इस्तेमाल किए गए SIM कार्ड से एक्टिवली जोड़े रखेगा.
अभी WhatsApp लॉगिन के दौरान केवल एक बार SMS के जरिए 6 अंकों का OTP भेजकर नंबर वेरिफाई करता है. एक बार वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ऐप यह जांच नहीं करता कि वही SIM कार्ड डिवाइस में सक्रिय है या नहीं. नए SIM Binding सिस्टम के तहत समय-समय पर बैकग्राउंड में वेरिफिकेशन किया जा सकता है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि अकाउंट उसी SIM से जुड़ा हुआ है जिससे रजिस्ट्रेशन किया गया था.
📝 WhatsApp beta for Android 2.26.8.6: what's new?
— WABetaInfo (@WABetaInfo) February 24, 2026
WhatsApp is working on a feature that aligns the app with India's mandatory SIM linkage rule, and it will be available in a future update!https://t.co/BRfqBnsOxJ pic.twitter.com/Ia2ZrF8HPZ
अगर यह लागू होता है तो यूजर्स को कभी-कभी दोबारा अपना नंबर वेरिफाई करने के लिए OTP दर्ज करना पड़ सकता है. अगर संबंधित SIM डिवाइस में मौजूद नहीं है या एक्टिव नहीं है, तो अकाउंट एक्सेस अस्थायी रूप से रोका जा सकता है, जब तक वेरिफिकेशन पूरा न हो जाए. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रक्रिया से चैट हिस्ट्री और स्टोर किए गए मैसेज पर असर नहीं पड़ने की उम्मीद है.
भारत के लिए खास फीचर
रिपोर्ट के मुताबिक यह फीचर खास तौर पर +91 कंट्री कोड वाले भारतीय नंबरों के लिए तैयार किया जा रहा है. फिलहाल अन्य देशों के यूजर्स के लिए ऐसी कोई जांच लागू होने की संभावना नहीं दिख रही है. अभी यह सुविधा डेवलपमेंट स्टेज में है और बीटा टेस्टर्स के लिए भी उपलब्ध नहीं हुई है. आने वाले अपडेट में इस फीचर के काम करने के तरीके और नियमों को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आ सकती है.
अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो WhatsApp पर फर्जी या रीसाइकल नंबर के जरिए अकाउंट दुरुपयोग पर लगाम लग सकती है. आपको बता दें कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने इसको लेकर कंपनी को निर्देश दिया था. ताकि स्कैमर्स पर लगाम लग सके.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile