BHIM और UPI के बीच क्या होता है सबसे मेन अंतर? हैं एक ही सिक्के के दो पहलू? देखें कितनी है दोनों की डेली लिमिट
UPI कोई ऐप नहीं, बल्कि एक पेमेंट टेक्नोलॉजी है।
BHIM सरकार द्वारा बनाया गया आधिकारिक UPI ऐप है।
Google Pay, PhonePe जैसे ऐप भी UPI पर ही काम करते हैं।
अक्सर रोजमर्रा की बातचीत में लोग BHIM और UPI शब्दों का इस्तेमाल ऐसे करते हैं, जैसे दोनों एक ही चीज हों। कोई कहता है BHIM से पेमेंट कर दिया, तो कोई बोलता है UPI नहीं चल रहा, जबकि असल में दोनों के मतलब अलग-अलग होते हैं। डिजिटल पेमेंट के दौर में यह भ्रम बहुत आम है, क्योंकि लगभग हर ट्रांजैक्शन आज UPI के जरिए ही हो रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि BHIM और UPI एक-दूसरे से जुड़े जरूर हैं, मगर दोनों एक जैसे नहीं हैं। अगर आप भी अब तक इन्हें एक ही समझते आए हैं, तो यहां हम आपको आसान भाषा में पूरा फर्क समझाने जा रहे हैं, ताकि भविष्य में आपको इन्हें लेकर कोई भी कन्फ्यूजन न रहे।
Surveyक्या है UPI?
UPI यानी Unified Payments Interface एक डिजिटल पेमेंट प्रणाली है, जिसे भारत में कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। इसका मकसद यह है कि कोई भी व्यक्ति, जिसके पास बैंक खाता और स्मार्टफोन है, वह बेहद आसानी से पैसे भेज और प्राप्त कर सके। UPI को IMPS (Immediate Payment Service) के आधार पर बनाया गया है, लेकिन यह उससे कहीं ज्यादा सरल और यूजर-फ्रेंडली है। इसमें पैसे भेजने के लिए न तो बैंक अकाउंट नंबर याद रखने की जरूरत होती है और न ही IFSC कोड आदि डालना पड़ता है। सिर्फ एक Virtual Payment Address (UPI ID) या QR कोड से चंद सेकेंड में पेमेंट हो जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि UPI 24×7 काम करता है, यानी छुट्टी हो या रात का समय, पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाता है।

क्या है BHIM?
BHIM यानी भारत इंटरफेस फॉर मनी एक मोबाइल ऐप है, जो UPI तकनीक पर ही काम करता है। इसे साल 2016 में UPI के साथ ही लॉन्च किया गया था, ताकि आम लोग इस नई डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को आसानी से समझ सकें और अपनाएं। BHIM ऐप को NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने खुद विकसित किया है, इसलिए इसे सरकार समर्थित और आधिकारिक UPI ऐप माना जाता है। BHIM के जरिए आप UPI ID, मोबाइल नंबर या QR कोड से पैसे भेज सकते हैं, पैसे मंगा सकते हैं और बैलेंस भी चेक कर सकते हैं। आसान इंटरफेस और सीमित लेकिन जरूरी फीचर्स की वजह से यह उन लोगों के लिए खास है, जो बिना ज्यादा झंझट के डिजिटल पेमेंट करना चाहते हैं।
BHIM और UPI में असली अंतर क्या है?
अगर सीधे शब्दों में कहा जाए, तो UPI एक टेक्नोलॉजी है, जबकि BHIM एक ऐप है। UPI एक ऐसा सिस्टम है, जिस पर कई ऐप काम करते हैं, जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm, Amazon Pay और BHIM। यानी जब आप इन ऐप्स से पेमेंट करते हैं, तो असल में ट्रांजैक्शन UPI नेटवर्क के जरिए ही होता है। BHIM सिर्फ उसी UPI सिस्टम का एक सरकारी ऐप है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि हर BHIM ट्रांजैक्शन UPI है, लेकिन हर UPI ट्रांजैक्शन BHIM से नहीं होता।
कौन सा बेहतर है: BHIM या दूसरे UPI ऐप?
अगर आपको सिर्फ सिंपल और सुरक्षित पेमेंट करना है, तो BHIM ऐप एक बढ़िया ऑप्शन है। इसमें गैर-जरूरी फीचर्स नहीं होते और सरकारी सपोर्ट की वजह से भरोसा भी ज्यादा रहता है। वहीं, अगर आप ऐसे ऐप चाहते हैं जिनमें कैशबैक, रिवॉर्ड, बिल पेमेंट, टिकट बुकिंग जैसे एडवांस फीचर्स मिलें, तो बाजार में मौजूद दूसरे UPI ऐप्स आपके लिए बेहतर हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि आप चाहें तो एक से ज्यादा UPI ऐप अपने फोन में इंस्टॉल कर सकते हैं और सभी में एक ही बैंक अकाउंट लिंक कर सकते हैं।
ट्रांजैक्शन लिमिट और सुरक्षा
NPCI ने UPI के लिए 1 लाख रुपये प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट तय की है और यही नियम BHIM ऐप पर भी लागू होता है। सुरक्षा के लिहाज से भी UPI सिस्टम मजबूत माना जाता है, क्योंकि हर ट्रांजैक्शन UPI PIN से ऑथराइज होती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स यही सलाह देते हैं कि किसी अनजान लिंक, कॉल या QR कोड से पेमेंट करते वक्त सावधानी जरूर बरतें, क्योंकि धोखाधड़ी का खतरा हमेशा बना रहता है।
Ashwani Kumar
Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile