100 साल लंबा YouTube वीडियो? सन्नाटे और ब्लैक स्क्रीन ने किया इंटरनेट को कन्फ्यूज, नार्थ कोरिया कनेक्शन ने बढ़ाया रहस्य
इंटरनेट की दुनिया में कब क्या वायरल हो जाए, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है. अभी तक हमने अजीबोगरीब डांस, स्टंट या फनी वीडियो वायरल होते देखे थे, लेकिन इस महीने एक ‘काली स्क्रीन’ (Pitch Black Screen) ने ऑनलाइन दुनिया में कोहराम मचा रखा है. एक वीडियो जिसमें न कोई आवाज है, न कोई दृश्य और न ही कोई हरकत. फिर भी, लाखों लोग कन्फ्यूजन और जिज्ञासा के मारे उस प्ले बटन को दबा रहे हैं. वजह है इसका ‘रनटाइम’ (Runtime).
SurveyYouTube पर अपलोड यह वीडियो दावा करता है कि यह 100 साल से भी ज्यादा लंबा है. जी हाँ, एक सदी से ज्यादा! @shinywr नाम के अकाउंट द्वारा अपलोड किए गए इस वीडियो की चुप्पी ही अब इसका सबसे बड़ा शोर बन गई है. यह महज एक ग्लिच है, कोई प्रयोग या फिर कुछ और? आइए सुलझाते हैं इस डिजिटल पहेली को.
एक सदी तक चलने वाला वीडियो या सिर्फ भ्रम?
इस महीने की शुरुआत में @shinywr नामक एक रहस्यमयी अकाउंट द्वारा अपलोड किए गए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. स्क्रीन पर वीडियो की अवधि (Duration) ऐसी दिखती है जैसे यह एक सदी से भी अधिक समय तक चलेगा. दर्शकों ने तुरंत नोटिस किया कि इसमें कुछ तो गड़बड़ है. शुरुआत में लोगों को लगा कि यह बोरियत मिटाने का कोई साधन है, लेकिन देखते ही देखते यह एक ‘वायरल पहेली’ बन गया.
इसने न केवल आम लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि टेक-एक्सपर्ट्स, Conspiracy Theorists और सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने वाली आम भीड़ को भी अपनी ओर आकर्षित किया है. यह वीडियो दिखाता है कि कैसे ‘मौन’ (Silence) इंटरनेट के सबसे शोरगुल वाले प्लेटफॉर्म पर हावी हो सकता है.
ग्लिच, प्रयोग या डिजिटल टाइम कैप्सूल?
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म हो गया. कई यूजर्स ने इस अपलोड के असली होने पर संदेह जताया. ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने इस कन्फ्यूजन को बखूबी बयां किया: “यह विचित्र है, और यह आपको सोचने पर मजबूर करता है कि क्या यह कोई ग्लिच है, प्लेटफॉर्म की सीमाओं के साथ किया गया कोई प्रयोग है, या फिर कोई डिजिटल टाइम कैप्सूल.” वहीं, कुछ लोगों ने यूट्यूब की तकनीकी सीमाओं पर ध्यान केंद्रित किया. वेरिफाइड अकाउंट्स आमतौर पर केवल 12 घंटे तक के वीडियो अपलोड कर सकते हैं, जिससे सदी भर लंबे रनटाइम पर संदेह गहरा गया.
तकनीकी सच: मिली-सेकंड का खेल
इस रहस्य को सुलझाने के लिए एक यूजर ने बेहद तकनीकी और तार्किक स्पष्टीकरण दिया. उसने बताया, “वह वीडियो वास्तव में 12 घंटे 30 मिनट 56 सेकंड का है. यूट्यूब वीडियो की अवधि को ‘मिली-सेकंड’ (Milliseconds) में एक नंबर के रूप में स्टोर करता है. अगर अपलोडर, एनकोडर, या स्ट्रीमिंग मैनिफेस्ट यूट्यूब को कोई टूटा हुआ या जानबूझकर ‘ओवरफ्लो’ किया हुआ वैल्यू फीड करता है, तो यूजर इंटरफेस (UI) उस ‘गारबेज मैथ’ (Garbage Math) को दशकों या सदियों जैसी बेतुकी संख्याओं में बदल देता है.” यानी, यह संभवतः एक तकनीकी हेरफेर है जिसे जानबूझकर सिस्टम को चकमा देने के लिए किया गया है.
साजिशें, नॉर्थ कोरिया और ‘सीक्रेट’ चैनल
हर कोई इसे सिर्फ एक बग नहीं मान रहा है. कुछ दर्शकों ने अपनी कल्पना और हास्य का सहारा लिया. एक कमेंट में लिखा था, “यह निश्चित रूप से एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी की शुरुआत है जिसके बारे में लोग 10 साल बाद बात करेंगे,” वहीं दूसरे ने जोड़ा, “10 साल बाद इसके बारे में कोई पागल कर देने वाली कहानी (Lore) होगी.”
जब लोगों ने गहराई से छानबीन की, तो और भी सवाल खड़े हो गए. इस चैनल ने अपनी लोकेशन ‘नॉर्थ कोरिया’ (North Korea) बताई है, जहां यूट्यूब पूरी तरह से ब्लॉक है. इस चैनल पर एक और अजीब टाइटल वाला वीडियो भी है जो सैकड़ों घंटे लंबा होने का सुझाव देता है, हालांकि वह भी वास्तव में 12 घंटे से थोड़ा ज्यादा का ही है. सबसे दिलचस्प सुराग खुद अपलोडर की ओर से आया, जिसने लिखा, “मेरे वीडियो लोगों को रिकमेंड क्यों हो रहे हैं? यह चैनल एक सीक्रेट (Secret) रहने वाला था.”
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile