चौंकाने वाला खुलासा! मोबाइल ही नहीं, आपके ईयरबड्स भी हो सकते हैं हैक, जानिए कैसे बचें
हैकिंग अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से बढती जा रही है। जैसे-जैसे आधुनिक गैजेट्स और सॉफ्टवेयर ज्यादा स्मार्ट हो रहे हैं, वैसे-वैसे हैकर्स को भी नए और ज्यादा कमजोर रास्ते मिल रहे हैं। हाल ही में सेफ्टी रिसर्चर्स ने कुछ गंभीर खामियों का खुलासा किया है, जिनके जरिए हैकर्स OnePlus, Xiaomi, Nothing, JBL, Sony और Marshall जैसे बड़े ब्रांड्स के ऑडियो डिवाइस और एक्सेसरीज़ को कंट्रोल कर सकते हैं। कुछ मामलों में यह खतरा यूजर की लोकेशन ट्रैक होने तक भी पहुंच सकता है।
SurveyiPhone यूजर्स भी चपेट में
यह सुरक्षा चूक एक वायरलेस प्रोटोकॉल से जुड़ी है, जिसे Google ने Fast Pair नाम से डेवलप किया था ताकि Android और ChromeOS डिवाइस पर Bluetooth एक्सेसरीज़ को आसानी से कनेक्ट किया जा सके। चिंता की बात यह है कि इस कमजोरी का असर केवल Android तक सीमित नहीं है। रिसर्चर्स के अनुसार iPhone यूजर्स, जिन्होंने कभी गूगल का कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं किया, वे भी इस संभावित साइबर हमले की चपेट में आ सकते हैं। इस बात की पुष्टि बेल्जियम की KU Leuven यूनिवर्सिटी के Computer Security और Industrial Cryptography ग्रुप के रिसर्चर्स ने की है।
कैसे हैक होती है ऑडियो एक्सेसरी
इस तरह के हमलों को रिसर्चर्स ने “WhisperPair” नाम दिया है। इसके जरिए कोई भी हमलावर लगभग 50 फीट की दूरी से चुपचाप किसी ऑडियो एक्सेसरी के साथ पेयर हो सकता है और फिर उसे पूरी तरह से अपने कंट्रोल में ले सकता है। एक बार डिवाइस से समझौता हो जाने के बाद, हैकर फोन कॉल में दखल दे सकता है, अपनी ऑडियो चला सकता है या डिवाइस के माइक्रोफोन का इस्तेमाल कर आसपास की बातचीत सुन सकता है।
15 सेकंड में डिवाइस हाईजैक
इस रिसर्च से जुड़े Sayon Duttagupta ने Wired से बातचीत में कहा कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर चलते हुए हेडफोन लगाए म्यूजिक सुन रहा हो, तो 15 सेकंड से भी कम समय में उसका डिवाइस हाईजैक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हमलावर माइक्रोफोन ऑन कर आसपास की आवाजें सुन सकता है, ऑडियो इंजेक्ट कर सकता है और यहां तक कि यूजर की लोकेशन भी ट्रैक कर सकता है। उनके अनुसार, इस स्थिति में डिवाइस पूरी तरह हमलावर के कब्जे में चला जाता है और वह उसके साथ कुछ भी कर सकता है।
WhisperPair हमलों से कैसे बचें?
WhisperPair जैसे हमलों से बचने के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। जब Bluetooth का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो उसे बंद रखना सबसे सुरक्षित तरीका माना जा रहा है, क्योंकि इससे हैकर्स के लिए कोई रास्ता नहीं बचता। इसके अलावा अनजान या संदिग्ध डिवाइस से आने वाले पेयरिंग रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से बचना चाहिए, खासकर तब जब वह प्रक्रिया आपने खुद शुरू न की हो। सार्वजनिक जगहों पर Bluetooth डिवाइस पेयर करने से परहेज करना और अपने ईयरबड्स या अन्य ऑडियो एक्सेसरीज़ का फर्मवेयर हमेशा अपडेट रखना भी सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माने जा रहे हैं।
Faiza Parveen
फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile