हिन्दी प्रेमियों के लिए पूरी तरह हिन्दी में काम करने वाला सोशल नेटवर्किंग साइट को पेश किया गया है. इस साइट को 'ट्विटर' की तर्ज पर बनाया गया है और इसका नाम 'मूषक' रखा गया है.
हिंदी भाषी लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में हिन्दी प्रेमियों के लिए पूरी तरह हिन्दी में काम करने वाला सोशल नेटवर्किंग साइट को पेश किया गया है. इसका नाम 'मूषक' रखा गया है. इस साइट को 'ट्विटर' की तर्ज पर बनाया गया है. हालाँकि अभी यह साइट ऑनलाइन नहीं हुई है, कहा जा रहा है कि 10 सितंबर को इसे शुरु किया जाएगा.
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स्मार्टफोन पर इस सोशल नेटवर्किंग साइट 'मूषक' को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है तथा इसके अलावा कम्प्यूटर पर इसे गूगल सर्च में www.mooshak.in के नाम से खोजा जा सकता है.
इस मौके पर 'मूषक' के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अनुराग गौड़ ने जानकारी दी कि भाषा वैज्ञानियों के अनुसार जो भाषा हम बोलना जानते हैं, उसे थोड़े प्रयासों से ही सरलता से लिखना सीख जाते हैं. उन्होंने कहा कि 'मूषक' का उद्देश्य हिन्दी और देवनागरी को आज की पीढ़ी के लिए सामयिक और प्रचलित करना है. इस सोशल नेटवर्किंग साइट पर हिन्दी भाषी रोमन में टाइप करने से वहीं तत्काल हिन्दी शब्द का विकल्प पा सकेंगे.
इस मौके पर 'मूषक' के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अनुराग गौड़ ने बताया कि जहां ट्विटर पर शब्दों की समय सीमा 140 शब्द हैं, वहीं हमने मूषक पर इसे 500 रखा है. कम्प्यूटर अथवा स्मार्टफोन पर हिन्दी टाइप करना रोमन लिपि पर आधारित है, इसलिए लोग हिन्दी लिखने से कतराते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, आज के डिजिटल युग में बदलती तकनीक के साथ हिन्दी को लोगों से परिचित कराना होगा, ताकि लोग रोमन लिपि से पिछड़कर अपनी पहचान ना खो दें.