आधार कार्ड बना सकता है आपको ठगी का शिकार! छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, तुरंत कर लें ये जरूरी काम
फर्जी पहचान से बचाव और किसी व्यक्ति की असल जानकारी की पुष्टि करने के लिए आधार वेरिफिकेशन एक अहम कदम है।
इसे कार्ड पर छपे QR कोड के माध्यम से या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए किया जा सकता है।
आधार वेरिफिकेशन करने से न केवल पहचान की चोरी से बचा जा सकता है, बल्कि सही KYC प्रक्रिया सुनिश्चित होती है।
डिजिटल लेनदेन और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच, आधार कार्ड को वेरिफाई करना बेहद जरूरी हो गया है। फर्जी पहचान से बचाव और किसी व्यक्ति की असल जानकारी की पुष्टि करने के लिए आधार वेरिफिकेशन एक अहम कदम है। इसे दो तरीकों से किया जा सकता है—कार्ड पर छपे QR कोड के माध्यम से या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए।
Survey1. QR कोड से आधार कार्ड का वेरिफिकेशन
हर आधार कार्ड पर एक QR कोड छपा होता है, जिसमें कार्डधारक की फोटो समेत उसकी डेमोग्राफिक जानकारी एन्क्रिप्टेड रूप में होती है। इसे स्मार्टफोन ऐप की मदद से ऑफलाइन वेरिफाई किया जा सकता है।
कैसे करें स्कैन:
- सबसे पहले UIDAI द्वारा स्वीकृत mAadhaar या Aadhaar QR Scanner जैसे ऐप को डाउनलोड करें।
- ऐप खोलें और QR कोड स्कैन विकल्प पर टैप करें।
- मोबाइल कैमरे से आधार कार्ड पर छपे QR कोड को स्कैन करें।
- ऐप स्कैन करते ही नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटो जैसी जानकारी तुरंत दिखा देगा।
- अब दिखाई गई जानकारी को आधार कार्ड से मिलाकर जांचें कि वह असली है या नहीं।
यह तरीका ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए बहुत उपयोगी है और इसमें आधार नंबर डालने की जरूरत नहीं पड़ती।
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2. UIDAI वेबसाइट से वेरिफिकेशन
अगर आपके पास QR स्कैनर नहीं है या आपको ऑनलाइन वेरिफिकेशन करना है, तो UIDAI की वेबसाइट पर यह सुविधा उपलब्ध है।
कैसे करें ऑनलाइन वेरिफिकेशन:
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं (https://uidai.gov.in)।
- ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाकर ‘Verify Aadhaar Number’ पर क्लिक करें।
- आधार नंबर या वर्चुअल ID (VID) एंटर करें।
- कैप्चा भरें और ‘Verify’ बटन पर क्लिक करें।
वेबसाइट यह पुष्टि करेगी कि आधार नंबर मान्य है या नहीं। साथ ही, कुछ व्यक्तिगत जानकारी भी दिखाई जाएगी जिसे आप क्रॉस-चेक कर सकते हैं।
ध्यान दें: कुछ लोगों की धारणा है कि सिर्फ नाम से भी आधार वेरिफाई किया जा सकता है, लेकिन यह गलत है। UIDAI वेबसाइट पर वेरिफिकेशन के लिए आधार नंबर या VID अनिवार्य है।
क्यों जरूरी है आधार वेरिफिकेशन?
आधार वेरिफिकेशन करने से न केवल पहचान की चोरी से बचा जा सकता है, बल्कि सही KYC प्रक्रिया सुनिश्चित होती है। यह व्यवसायों और आम नागरिकों दोनों को फर्जी दस्तावेजों से बचाव में मदद करता है। हमेशा वेरिफिकेशन के लिए केवल सरकारी वेबसाइट और ऑथेंटिक ऐप का ही इस्तेमाल करें।
चाहे आप किसी नए कर्मचारी की पहचान जांच रहे हों या डिजिटल सेवाओं में भरोसा बना रहे हों—आधार वेरिफिकेशन अब आपके हाथ में है, यह बस एक क्लिक या स्कैन की दूरी पर है।
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Faiza Parveen
फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile