क्या एयरटेल रिलायंस जिओ से बेहतर 4G स्पीड ऑफर कर रहा है?

Highlights

रिलायंस के AGM के लगभग दूसरे ही दिन एयरटेल ने अपने मुंबई में Carrier Aggregation technology का इस्तेमाल करते हुए अपनी LTE एडवांस स्पीड्स की घोषणा की है.

क्या एयरटेल रिलायंस जिओ से बेहतर 4G स्पीड ऑफर कर रहा है?

31 अगस्त का दिन शायद ही आने वाले बहुत सारे दिनों तक कोई भूल पायेगा क्योंकि इसी दिन रिलायंस जिओ के मालिक मुकेश अम्बानी ने अपने जिओ नेटवर्क के टैरिफ की घोषणा की थी. इसके साथ ही अगले ही दिन एयरटेल ने अपने मुंबई में Carrier Aggregation technology का इस्तेमाल करते हुए अपनी LTE एडवांस स्पीड्स की घोषणा की है. और कहा कि वह रिलायंस जिओ से कही बेहतर 4G स्पीड देने वाला है. इसके साथ ही आपको बता दें कि एयरटेल ने यह भी कहा कि वह लगभग 135 Mbps की स्पीड आपको देने वाला है. जो अभी मिल रही 4G स्पीड से लगभग तीन गुना कम है.

जिस शब्द पर एयरटेल ने इतनी बड़ी घोषणा की है वह है “Carrier Aggregation”. इस तकनीक में माध्यम से टेलीकॉम कंपनियों को यह आज़ादी मिलती है कि वह बहुत से चैनल्स को एक साथ कंबाइन कर सके. जिसके बाद हमें LTE नामक एडवांस नेटवर्क मिलता है. इसे हम सभी IMT एडवांस के नाम से भी जानते हैं, इस तकनीक का अभी भी 3GPP द्वारा शोध जारी है.

“Carrier Aggregation” क्या है?

जैसा कि अभी ऊपर आपको बताया ही गया था कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आप कई अलग अलग कैरिएर को मिलाकर LTE बैंड में तब्दील कर सकते हैं. इसके माध्यम से आपको हायर बैंडविथ मिलती है. इसके साथ साथ आपके डाटा की स्पीड में भी बहुत अधिक इजाफा हो जाता है.

2015 से, मुंबई में एयरटेल के यूजर्स को 4G स्पीड मिल रही है लेकिन वह उन्हें 2.3Ghz के बैंड पर मिल रही है. जो लगभग इस साल के 1800 MHz के बराबर कही जा सकती है. और “Carrier Aggregation” के माध्यम से एयरटेल ने दो अलग अलग फ़्रेक़ुएन्सिस को मिलकर एक हायर डाटा स्पीड पा ली है.

इसमें आने वाली समस्याएं

सबसे पहली और बड़ी समस्या तो डिवाइस है क्या आपका डिवाइस भी इस बैंड को सपोर्ट करेगा? अगर नहीं किया तो क्या फायदा इस हायर डाटा स्पीड का... हालाँकि यहाँ यह भी सामने आया है कि चिपसेट बनाने वाले सभी लोग इस बात से भलीभांति अवगत होंगे तभी किसी चिपसेट का निर्माण किया जाएगा. आपको बता दें कि क्वालकॉम के प्रोसेसर LTE एडवांस को सपोर्ट करते हैं. ये सुविधा आपको स्नेपड्रैगन 200 से स्नेपड्रैगन 800, और स्नेपड्रैगन X5 से स्नेपड्रैगन X12 मॉडेम में मिल जायेगी. और सारे चिपसेट इसी को ध्यान में रखकर अब डिजाईन किये जा रहे हैं.

इसके अलावा आपको बता दें कि “Carrier Aggregation” अभी भी शोध प्रक्रिया में है. एयरटेल ने कहा है कि वह क्लास C CA जैसी स्पीड देने के पक्ष में है. जो आजकल के दौर में सबसे ज्यादा है. बता दें कि “Carrier Aggregation” बैंडविथ क्लासेस क्लास A से F जाती है जिनमें से D, E और F अभी भी शोध प्रक्रिया से गुजर रहे हैं.

Team Digit

Team Digit

Team Digit is made up of some of the most experienced and geekiest technology editors in India!

View full profile

Recommended Articles