सावधान! गूगल या AI से पूछा ये सवाल तो सीधे पुलिस पहुंचेगी आपके घर, एक-एक एक्टिविटी पर रहती है ‘तीसरी आंख’ की नजर
आप इंटरनेट पर आप जो कुछ भी सर्च करते हैं, उस पर ‘तीसरी आंख’ की नजर होती है. हम बात कर रहे हैं पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की. आजकल तकनीक इतनी आगे बढ़ गई है कि आपकी हर ऑनलाइन एक्टिविटी रिकॉर्ड हो रही है. भारत में साइबर कानून बहुत सख्त हैं.
Surveyकई बार हम मजे-मजे में या सिर्फ जानकारी के लिए कुछ ऐसी चीजें सर्च कर लेते हैं जो गैरकानूनी होती हैं. आपकी एक छोटी सी गलती आपको पुलिस की पूछताछ या जेल तक पहुंचा सकती है. बिना किसी देरी के आइए जानते हैं वो कौन सी 6 चीजें हैं जिन्हें सर्च करना खतरे से खाली नहीं है.
आतंकवाद से जुड़ी चीजें
इसको सर्च करने के बारे में सोचिए भी मत. अगर आप किसी आतंकी संगठन, उनसे जुड़ने के तरीके या उनके भाषणों के बारे में सर्च करते हैं, तो आप सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ सकते हैं. भारत में UAPA और अन्य कानूनों के तहत ऐसे मामलों में बहुत सख्त कार्रवाई होती है. सरकार ऐसे लोगों पर तुरंत जांच बैठा सकती है जो इस तरह की कंटेंट में दिलचस्पी रखते हैं.
बच्चों के शोषण से जुड़ा कंटेंट
यह पूरी तरह से गैरकानूनी है. बच्चों के साथ गलत काम या उनसे जुड़ी अश्लील तस्वीरें/वीडियो सर्च करना एक गंभीर अपराध है. भारत में इसे लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है. चाहे आपने गलती से ही ऐसा कुछ सर्च किया हो, इसके लिए कोई माफी नहीं है. इसमें लंबी जेल की सजा हो सकती है. इसलिए, ऐसी चीजों से हमेशा दूर रहें.
हैकिंग और फ्रॉड के तरीके
अगर आप Google पर यह ढूंढ रहे हैं कि “किसी का फोन कैसे हैक करें”, “वाई-फाई पासवर्ड कैसे तोड़ें” या “बैंक फ्रॉड कैसे करें”, तो संभल जाइए. हो सकता है कि आप बस मजाक में यह देख रहे हों, लेकिन साइबर सेल के लिए यह एक ‘अपराधिक इरादा’ हो सकता है. ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ने के कारण पुलिस ऐसे कीवर्ड्स पर खास नजर रखती है.
बम या हथियार बनाना
घर पर बम बनाने, अवैध हथियार या 3D प्रिंटेड गन के बारे में सर्च करना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है. सुरक्षा एजेंसियां ऐसे सर्च को बहुत गंभीरता से लेती हैं. वे यह नहीं देखेंगी कि आप सिर्फ अपनी जिज्ञासा मिटाने के लिए यह देख रहे थे. ऐसा सर्च करने पर आपको पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है.
ड्रग्स और डार्क वेब
नशीली दवाएं (ड्रग्स) बनाने या बेचने के तरीके और ‘डार्क वेब’ के लिंक्स खोजना भी खतरनाक है. भारत का नारकोटिक्स विभाग और साइबर सेल मिलकर ऐसे लोगों को ट्रैक करते हैं. आपका ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ (ऑनलाइन निशान) उतना छिपा हुआ नहीं है जितना आप सोचते हैं.
नकली पहचान पत्र (Fake IDs)
अगर आप सर्च कर रहे हैं कि “नकली Aadhaar या PAN कार्ड कैसे बनाएं” या “जाली पासपोर्ट कैसे बनवाएं”, तो यह धोखाधड़ी है. सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करना भारत में एक बड़ा अपराध है और इसमें बचने का कोई रास्ता नहीं है.
ChatGPT और AI का इस्तेमाल करते समय भी रहें सावधान
यह मत सोचिए कि ChatGPT या अन्य AI टूल्स कोई सीक्रेट जगह हैं. ये प्लेटफॉर्म पहले से ही चेतावनी देते हैं. अगर आप उनसे कुछ गैरकानूनी पूछते हैं, तो वे आपको ब्लॉक कर सकते हैं और आपकी बातचीत को रिव्यू किया जा सकता है. आप वहां भी पूरी तरह से अनजान नहीं हैं.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile