सर्विसिंग के बाद भी AC नहीं फेंक रहा ठंडी हवा? इस चीज में हो सकती है दिक्कत, जान लें बारीकी वर्ना लग जाएगा मोटा चूना
AC की कूलिंग कम होने की वजह कॉइल खराबी हो सकती है
गैस लीक और कॉइल डैमेज कूलिंग को पूरी तरह प्रभावित करते हैं
समय पर सर्विस और सफाई से इस समस्या से बचा जा सकता है
AC Cooling: अगर आपका AC सर्विस और डीप क्लीनिंग के बाद भी ठीक से कूलिंग नहीं कर रहा है तो समस्या सिर्फ सामान्य नहीं है. ऐसे में सबसे ज्यादा शक कूलिंग कॉइल पर जाता है. दूसरी भाषा में कहे तो इवैपोरेटर या कंडेंसर कॉइल में खराबी. यही AC का सबसे अहम हिस्सा होता है और इसमें दिक्कत आने पर कूलिंग पूरी तरह प्रभावित हो जाती है. अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो गैस लीक हो सकती है और बार-बार रिफिल का खर्च उठाना पड़ सकता है.
Surveyकॉइल की समस्या से कूलिंग बंद!
AC की कूलिंग कॉइल हीट एक्सचेंज का काम करती है. जब यह गंदी हो जाती है, जंग लगने लगती है या डैमेज हो जाती है, तो ठंडी हवा बन ही नहीं पाती है. यही वजह है कि कई बार सर्विस के बाद भी कूलिंग में सुधार नहीं दिखता है.
कैसे पहचानें कि कॉइल खराब है?
कॉइल की समस्या को नजरअंदाज करना आसान है, लेकिन कुछ संकेत साफ दिखते हैं:
- AC चल रहा है, लेकिन ठंडी हवा नहीं दे रहा
- इंडोर यूनिट पर बर्फ जमना शुरू हो जाता है
- पानी लीक होना या अजीब गंध आना
- बिजली बिल अचानक बढ़ जाना
- एयरफ्लो कमजोर होना या टर्बो मोड काम न करना
कॉइल की समस्या को कैसे ठीक करें?
इस तरह की समस्या का समाधान छोटा भी हो सकता है और महंगा भी, यह नुकसान पर निर्भर करता है:
- डीप क्लीनिंग (500 से 1,500 रुपये): अगर कॉइल पर धूल जमी है, तो अच्छी तरह सफाई से कूलिंग वापस आ सकती है
- गैस रीफिल (2,000 से 4,000 रुपये): गैस लीक होने पर लीकेज ठीक करके नई गैस भरी जाती है
- कॉइल रिपेयर (3,000 से 7,000 रुपये): छोटे डैमेज को वेल्डिंग या सीलिंग से ठीक किया जाता है
- कॉइल बदलना (6,000 से 15,000 रुपये या ज्यादा): ज्यादा खराब होने पर पूरी कॉइल बदलनी पड़ती है
कैसे बचाएं अपने AC को इस समस्या से?
अक्सर लोग AC की देखभाल को नजरअंदाज करते हैं, जबकि यही सबसे बड़ी गलती होती है. समय पर खासकर गर्मी शुरू होने से पहले सर्विस कराना जरूरी है. फिल्टर को हर महीने साफ करना चाहिए ताकि धूल जमा न हो. AC को बहुत कम तापमान पर लगातार चलाना भी नुकसानदायक हो सकता है. साथ ही वोल्टेज फ्लक्चुएशन से बचाने के लिए स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो AC की कूलिंग लंबे समय तक सही बनी रह सकती है और बड़े खर्च से बचा जा सकता है.
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सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile