Bitcoin के जनक Satoshi Nakamoto का खुल गया राज? नई रिपोर्ट में खुलासा परदे के पीछे कौन, खरबों के हैं मालिक

HIGHLIGHTS

Satoshi Nakamoto की पहचान पर नई रिपोर्ट में Adam Back का नाम आया

रिपोर्ट में तकनीकी और लिखने के पैटर्न के आधार पर दावा किया गया

Adam Back ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है

Bitcoin के जनक Satoshi Nakamoto का खुल गया राज? नई रिपोर्ट में खुलासा परदे के पीछे कौन, खरबों के हैं मालिक

Bitcoin को किसने बनाया? आपने कई बार यह सवाल पूछा होगा या इंटरनेट पर सर्च करने की कोशिश की होगी. लेकिन, बस एक नाम मिलता है Satoshi Nakamoto. हालांकि, यह कोई अज्ञात आदमी या ग्रुप हो सकता है. लेकिन, इसके पीछे छिपे व्यक्ति के बारे में लोग कयास ही लगाते हैं. अब नई रिपोर्ट चौंकाने वाली है.

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Satoshi Nakamoto कौन है? इसको लेकर अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Bitcoin के रहस्यमयी क्रिएटर असल में Adam Back हो सकते हैं. हालांकि यह दावा अभी भी पक्का नहीं है और खुद Adam Back इसे कई बार खारिज कर चुके हैं.

कहानी कहां से शुरू हुई?

साल 2008 में Satoshi Nakamoto नाम से एक व्यक्ति ने “Bitcoin: A Peer-to-Peer Electronic Cash System” नाम का व्हाइट पेपर जारी किया. इसके बाद 2009 में पहला Bitcoin माइन किया गया और डिजिटल करेंसी की दुनिया में एक नई शुरुआत हुई. लेकिन 2011 में अचानक Satoshi गायब हो गए और तब से आज तक उन्होंने कोई सार्वजनिक बातचीत नहीं की.

नई रिपोर्ट में दावा

The New York Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महीनों की जांच के बाद यह दावा किया गया है कि Satoshi Nakamoto असल में Adam Back हैं.

इस दावे के पीछे कुछ अहम आधार बताए गए हैं:

  • Adam Back ने Hashcash नाम की तकनीक बनाई थी, जो बाद में Bitcoin के प्रूफ-ऑफ-वर्क सिस्टम से मिलती है
  • Bitcoin के कई कॉन्सेप्ट जैसे डिसेंट्रलाइजेशन और डिजिटल स्कारसिटी पहले से Back के काम में दिखते हैं
  • लिखने का तरीका, भाषा (British English) और टेक्निकल अप्रोच में समानता बताई गई है

ईमेल और कनेक्शन ने बढ़ाया शक

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Satoshi ने 2008 में Adam Back से संपर्क किया था. अब तक इसे इस बात का सबूत माना जाता था कि दोनों अलग व्यक्ति हैं. लेकिन नई थ्योरी कहती है कि यह जानबूझकर पहचान छुपाने के लिए किया गया कदम हो सकता है.

क्या यह सच है?

सीधी बात यह है कि यह दावा अभी साबित नहीं हुआ है. Adam Back खुद बार-बार कह चुके हैं कि वे Satoshi नहीं हैं. इससे पहले भी कई लोगों को Satoshi बताया गया, लेकिन कोई भी दावा साबित नहीं हो पाया.

सबसे बड़ा सबूत अभी भी गायब

क्रिप्टो कम्युनिटी के अनुसार, Satoshi की असली पहचान साबित करने का एक ही तरीका है उनके पास मौजूद शुरुआती Bitcoin वॉलेट तक पहुंच. बताया जाता है कि इस वॉलेट में अरबों की कीमत के Bitcoin हैं, लेकिन 2011 से यह वॉलेट भी बिल्कुल शांत पड़ा है.

बना हुआ है रहस्य

Satoshi Nakamoto की पहचान आज भी Bitcoin की सबसे बड़ी मिस्ट्री है. 2009 में Genesis Block माइन करने से लेकर 2010 तक डेवलपर्स के साथ काम करने के बाद, Satoshi ने 2011 में प्रोजेक्ट छोड़ दिया और कहा कि यह “safe hands” में है. तब से लेकर अब तक, यह रहस्य तकनीक की दुनिया के सबसे बड़े अनसुलझे सवालों में से एक बना हुआ है.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile

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