WhatsApp में आज ही बदल लें ये सेटिंग, छोटी गलती से अकाउंट हो सकता है खाली और भनक तक नहीं लगेगी!
आज के दौर में WhatsApp सिर्फ चैटिंग ऐप नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. अरबों यूजर्स के साथ, यह प्लेटफॉर्म स्कैमर्स और हैकर्स के निशाने पर भी रहता है. आए दिन हम खबरों में सुनते हैं कि कैसे छोटी सी लापरवाही के कारण लोगों ने लाखों-करोड़ों रुपये गंवा दिए, और उन्हें भनक तक नहीं लगी कि वे किसी ठगी का शिकार हो रहे हैं. अपनी गाढ़ी कमाई और निजी पलों को सुरक्षित रखने के लिए WhatsApp की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत करना अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है.
SurveyWhatsApp का 2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन
WhatsApp अकाउंट को ‘हैक-प्रूफ’ बनाने की दिशा में सबसे पहला और सबसे कारगर कदम ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (Two-Factor Authentication) है. यह फीचर आपके अकाउंट पर सुरक्षा का एक दोहरा ताला लगा देता है. आमतौर पर WhatsApp सिर्फ मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से खुल जाता है, लेकिन इसे एक्टिवेट करने के बाद आपको एक 6-अंकों का पिन (PIN) भी सेट करना होता है.
यह पिन किसी बैंक अकाउंट से लिंक नहीं होता, लेकिन यह सुनिश्चित करता है कि अगर किसी जालसाज के हाथ आपका सिम कार्ड लग भी जाए, तो भी वह बिना पिन के आपके WhatsApp को एक्सेस नहीं कर पाएगा. आप सेटिंग्स के अंदर ‘प्राइवेसी’ या ‘अकाउंट’ सेक्शन में जाकर इसे आसानी से चालू कर सकते हैं. यह एक छोटा सा कोड आपके डेटा को चोरी होने से बचाने में सबसे बड़ी दीवार का काम करता है.
प्राइवेसी सेटिंग को करें मजबूत
दूसरी बड़ी सुरक्षा आपकी ‘प्राइवेसी सेटिंग्स’ में छिपी है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. WhatsApp आपको अपना ‘लास्ट सीन’ (Last Seen), ‘ऑनलाइन स्टेटस’ और ‘प्रोफाइल फोटो’ छिपाने की सुविधा देता है. अनजान नंबरों और संभावित स्कैमर्स से बचने के लिए इन सेटिंग्स को ‘My Contacts’ या ‘Nobody’ पर सेट करना समझदारी है.
अक्सर अपराधी आपकी प्रोफाइल फोटो और ऑनलाइन एक्टिविटी का इस्तेमाल करके आपकी पहचान चुराते हैं (Identity Theft) या आपके दोस्तों-रिश्तेदारों को ठगने की कोशिश करते हैं. इसलिए, अपनी सेटिंग्स को रिव्यू करें और सुनिश्चित करें कि कोई अनजान व्यक्ति आपकी निजी जिंदगी में ताक-झांक न कर सके.
ग्रुप सेटिंग को भी करें चेक
इसके अलावा, अनचाहे ग्रुप्स और फोन का फिजिकल एक्सेस भी बड़ा जोखिम पैदा करता है. WhatsApp ग्रुप्स का इस्तेमाल परिवार से लेकर ऑफिस तक हर जगह होता है, लेकिन हर किसी को आपको किसी भी ग्रुप में जोड़ने की अनुमति देना खतरनाक हो सकता है. स्कैमर्स अक्सर फर्जी इनवेस्टमेंट ग्रुप्स बनाकर लोगों को फंसाते हैं.
सेटिंग्स में जाकर इसे सीमित करें ताकि सिर्फ आपके कॉन्टैक्ट्स ही आपको जोड़ सकें. साथ ही, अपने ऐप को बायोमेट्रिक लॉक (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) से सुरक्षित रखें. यह सुरक्षा की पहली परत है, ताकि अगर आपका फोन किसी और के हाथ में भी हो, तो वह उसे अनलॉक करके आपकी पर्सनल चैट्स न पढ़ सके.
इस बात का जरूर रखें ख्याल
अंत में, सबसे महत्वपूर्ण पहलू है स्पाइवेयर और मालवेयर से बचाव. इसके लिए अपने WhatsApp को हमेशा अपडेट रखना अनिवार्य है. हमेशा गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड किए गए आधिकारिक ऐप का ही इस्तेमाल करें. कई बार लोग अतिरिक्त फीचर्स के लालच में मॉडिफाइड वर्जन (जैसे GB WhatsApp) डाउनलोड कर लेते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत खतरनाक होते हैं. संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स या लुभावने लिंक वाले मैसेज का जवाब कभी न दें. याद रखें, थोड़ी सी सावधानी और सही सेटिंग्स आपको बड़े आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से बचा सकती हैं.
Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile