Starlink के भारत लॉन्च की टाइमलाइन कन्फर्म, मंत्री ने दी जानकारी, जानें कब आ रहा है सैटेलाइट इंटरनेट

Starlink के भारत लॉन्च की टाइमलाइन कन्फर्म, मंत्री ने दी जानकारी, जानें कब आ रहा है सैटेलाइट इंटरनेट

Starlink अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विसेज भारत में 2025 के अंत तक लॉन्च करेगी, यह जानकारी संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने HT को दी. एक दिन पहले मंत्री ने PTI को बताया था कि कंपनी को जुलाई में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स से यूनिफाइड लाइसेंस मिल गया था, लेकिन यह क्लियरेंस भारत के कड़े सिक्योरिटी नियमों पर सहमत होने के बाद ही दिया गया.

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भारत में रहेगा यूजर्स का डेटा

क्लियरेंस के हिस्से के रूप में, Starlink को विदेश में स्थित सिस्टम्स के माध्यम से भारतीय यूजर ट्रैफिक को कॉपी, डिक्रिप्ट या रूट करने से मना किया गया है. सिक्योरिटी फ्रेमवर्क यह अनिवार्य करता है कि सभी सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स को भारत के भीतर स्थित अर्थ स्टेशन गेटवे के माध्यम से रूट किया जाए, जो डेटा ट्रैफिक के लिए एक महत्वपूर्ण चेकपॉइंट के रूप में काम करेगा.

ये शर्तें सभी सैटेलाइट कम्युनिकेशन फर्म्स के लिए अनिवार्य हैं. Starlink ने उन्हें स्वीकार कर लिया है. मंजूरी मिलने के साथ, कंपनी से उम्मीद है कि वह अपनी सर्विसेज को फेज (चरणों) में रोल आउट करेगी, जिसमें पहले रिमोट और कम सर्विस वाले क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा. कमर्शियल ऑपरेशंस दिसंबर 2025 तक शुरू होने की संभावना है, जो कि फाइनल स्पेक्ट्रम अलॉकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी पर निर्भर करेगा.

C-DOT स्थापना दिवस के मौके पर बोले मंत्री

डॉ. पेम्मासानी ने नई दिल्ली में आयोजित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) के 42वें स्थापना दिवस के मौके पर मंत्री ने कहा, “जियो-पॉलिटिकल रिस्क और टेक्नोलॉजी के तेजी से बदलाव को देखते हुए, C-DOT जैसी संस्थाओं का महत्व पहले कभी इतना नहीं रहा. इसलिए, जब AI, 6G, क्वांटम सिक्योर कम्युनिकेशन्स की बात आती है, तो वे अद्भुत काम कर रहे हैं.”

इस कार्यक्रम में टेलीकॉम सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने कहा, “भारत आज एक नहीं, बल्कि दो देशों से जियोपॉलिटिकल दबावों का सामना कर रहा है; ऐसी चुनौतियां जो वैश्विक मंच पर हमारी आर्थिक ताकत को परखती हैं. इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस का संबोधन इस बात की याद दिलाता है कि आत्मनिर्भरता इतनी महत्वपूर्ण क्यों है.”

डॉ. पेम्मासानी ने बताया कि C-DOT अब Ericsson, Nokia, Huawei और Samsung के बाद, एक स्वदेशी 4G और 5G स्टैक डेवलप करने वाला दुनिया का पांचवां प्लेयर है. C-DOT द्वारा निर्मित भारत की घरेलू 4G और 5G टेक्नोलॉजी, लगभग एक लाख BSNL टावरों को पावर दे रही है, जिससे देश अपने खुद के टेलीकॉम सिस्टम्स वाले चुनिंदा समूह में शामिल हो गया है.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile

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