नए व्हाट्सएप स्कैम से हो जाएँ सावधान: देखें क्या है ‘Hi Mum’ स्कैम

HIGHLIGHTS

दुनिया भर में साइबर स्कैम्स काफी बढ़ते जा रहे हैं जिसमें स्कैमर्स पीड़ितों को बहका कर उनके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं।

ऑस्ट्रेलिया से एक नए स्कैम की रिपोर्ट सामने आ रही है।

2022 में लगभग 11,100 लोग 'Hi Mum' स्कैम का शिकार हो चुके हैं।

नए व्हाट्सएप स्कैम से हो जाएँ सावधान: देखें क्या है ‘Hi Mum’ स्कैम

साइबर मनी फ्रॉड दुनिया भर में बढ़ते जा रहे हैं। हम ऐसी कई घटनाएँ देख रहे हैं जिसमें स्कैमर्स लोगों को बहलाते फुसलाते हैं और फिर उनका बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। चाहे वह कोई ATM स्कैम हो, UPI स्कैम या फिर सिम स्वॉप स्कैम हो। अब हम एक नए स्कैम की रिपोर्ट देख रहे हैं जिसमें ऑस्ट्रेलिया से एक नया मामला सामने आ रहा है। इसमें स्कैमर पीड़ितों के परिवार का सदस्य बनकर अपना मोबाइल फोन खोने का बहाना बनाकर पैसे भेजने को कहता है। 

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'Hi Mum' स्कैम क्या है?

रेपोर्ट्स के अनुसार, स्कैमर्स पीड़ितों से व्हाट्सएप पर संपर्क करते हैं और यह दावा करते हैं कि या तो उनका फोन खो गया है या फिर खराब हो गया है और अब वे एक नए नंबर से संपर्क कर रहे हैं। जैसे ही वे पीड़ितों का विश्वास अपने ऊपर बना लेते हैं, फिर वे उनसे कुछ व्यक्तिगत जानकारी लेने की कोशिश करते हैं जैसे उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल की फोटोज और तत्काल किसी बिल का भुगतान करने के लिए या फोन बदलने के लिए पैसे आदि मांगते हैं। 

फिर वे आपके सामने फंड्स की आवश्यकता दर्शाते हैं और कहते हैं कि वे अपने कार्ड्स के माध्यम से एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनकी ऑनलाइन बैंकिंग अस्थायी रूप से बंद हो गई है या फिर उसमें कुछ गलतियाँ दिखाई दे रही हैं। रिपोर्ट से पता चला है कि 'Australian Consumer and Competition Commission' (ACCC) के द्वारा 'Hi Mum' स्कैम में काफी बढ़ोतरी देखी गई है और 1,150 से अधिक लोग इस स्कैम का शिकार हो चुके हैं। पिछले कुछ महीनों में लोग लगभग $2.6 (लगभग Rs 21 करोड़) गवा चुके हैं। सिर्फ 2022 में ही, लगभग 11,100 पीड़ितों के बैंक अकाउंट से $7.2m (लगभग Rs 57.84 करोड़) चुराए जा चुके हैं। अधिकतम स्कैम के मामले 55 से ऊपर की उम्र वाली महिलाओं द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं। 

हालांकि, यह मामला ऑस्ट्रेलिया में रिपोर्ट किया गया है लेकिन यह भारतियों के लिए भी एक चेतावनी के रूप में सामने आया है। क्योंकि भारत में भी पिछले कुछ सालों से साइबर क्राइम्स में काफी बढ़ोतरी होती हुई देखी जा रही है। हाल ही में दिल्ली के एक व्यापारी को बहका कर उसके कुछ बैंक अकाउंट्स में से लगभग 50 लाख रुपये निकाल लिए गए। सिम स्वॉपिंग, QR कोड स्कैम और फिशिंग स्कैम जैसे कई मामले वायरल हो रहे हैं। तो इसीलिए इस तरह के साइबर फ्रॉड्स से बचे रहने के लिए आपको एहतियात बरतना और जागरूक होना आवश्यक है। 

साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?

  • अपना OTP कभी भी किसी के साथ शेयर न करें। 
  • कभी भी अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पिन और CVV नंबर किसी को न बताएं, चाहे वे आपका परिवार हो या कोई दोस्त। 
  • अंजान लिंक पर कभी भी क्लिक न करें। 
  • सिर्फ सुरक्षित और अधिकृत वेबसाइट्स के माध्यम से ही ब्राउज करें। 
  • संदिग्ध लोग-इन और मेसेजिस से हमेशा सावधान रहें। 
  • ऑनलाइन खरीदारी करते समय कभी भी वेबसाइट्स पर अपनी भुगतान डिटेल्स सेव न करें। 
  • हमेशा विश्वसनीय और सुरक्षित साइट से ही खरीदारी करें। 
  • हमेशा सिर्फ वेरिफाइड व्यवसायों के ही कॉल्स उठाएँ और यदि कोई आपकी बैंक डिटेल्स, UPI डिटेल्स या अन्य डिटेल्स मांगता है तो उनसे सावधान रहें। 
  • अगर कॉल पर कोई आपसे कहता है कि वह बैंक से बात कर रहा है और आपके बैंक अकाउंट साख की डिटेल्स पूछता है तो उस पर कभी भी विश्वास न करें। 

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile

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