Apple दिखाएगा टेक्नोलॉजी का असली ‘बाप’ कौन? दिमाग से कंट्रोल होगा iPhone..फोन को टच करने की नहीं होगी जरूरत
Apple के iPhone समेत ज्यादातर डिवाइस फ्लैगशिप सेगमेंट में काफी पॉपुलर हैं. कंपनी नए-नए फीचर्स से यूजर्स का दिल भी जीतती रहती है. अब नई रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. Apple एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है जिससे यूजर्स iPhone को अपने दिमाग से कंट्रोल कर पाएंगे.
Surveyन केवल iPhone बल्कि iPad और Vision Pro हेडसेट जैसे डिवाइस को सिर्फ अपने दिमाग से नियंत्रित करने की सुविधा कंपनी देगी. यह ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) तकनीक फिलहाल अभी शुरुआती चरण में है. इससे कंपनी शारीरिक अक्षमता वाले लोगों के लिए एक्सेसिबिलिटी और सहायक तकनीक को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखती है.
The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने Synchron नाम की न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी के साथ इसके लिएसाझेदारी की है. यह कंपनी अपने Stentrode डिवाइस के लिए जानी जाती है.
क्या है Stentrode और यह कैसे काम करता है?
Stentrode एक अनोखा BCI है, जो मस्तिष्क के मोटर कॉर्टेक्स (मूवमेंट के लिए जिम्मेदार हिस्सा) के पास रक्त वाहिका में डाला जाता है. यह पारंपरिक ब्रेन इम्प्लांट्स की तुलना में कम हस्तक्षेपकारी है क्योंकि इसमें मस्तिष्क में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती है. इसका प्रोसेस कॉम्प्लेक्स है. Stentrode न्यूरल सिग्नल्स को कैप्चर करता है और उन्हें डिजिटल कमांड में बदलता है. यूजर्स बिना स्क्रीन टच किए ऐप्स खोल सकते हैं, मेन्यू नेविगेट कर सकते हैं या कंटेंट के साथ इंटरैक्ट कर सकते हैं.
The Wall Street Journal के अनुसार, 2024 में ALS (एम्योट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस) से पीड़ित एक मरीज ने Stentrode के जरिए Vision Pro हेडसेट को कंट्रोल किया और स्विस आल्प्स का वर्चुअल सिमुलेशन देखा.
आपको बता दें कि यह तकनीक सिर्फ कॉन्सेप्ट नहीं है. Synchron ने Apple Vision Pro के साथ इसके सफल उपयोग का प्रदर्शन किया है. TechCrunch के अनुसार, Synchron इस सिस्टम को ChatGPT जैसे AI टूल्स के साथ जोड़ने की योजना बना रहा है, ताकि यूजर्स टेक्स्ट जनरेशन या वॉयस कमांड जैसे फीचर्स दिमाग से इस्तेमाल कर सकें.
अभी लगेगा लंबा समय
Apple एक सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क भी डेवलप कर रहा है, जो थर्ड-पार्टी डेवलपर्स को इस तकनीक के लिए ऐप्स बनाने की सुविधा देगा. हालांकि, अभी इसकी लॉन्च डेट की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन 2025 के अंत में और जानकारी सामने आ सकती है.
हालांकि, मौजूदा हालात को देखकर लगता है कि अभी इसके आम इस्तेमाल में कई साल लगेंगे. कंपनी के लिए FDA और अन्य स्वास्थ्य नियामक संस्थानों से मंजूरी लेना जटिल हो सकता है. इसके अलावा BCI डिवाइसेज की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस की जांच में समय लग सकता है.
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सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile
