अंग दान की आड़ में चल रहा खतरनाक रैकेट, 2 घंटे 18 मिनट की ये मलयालम क्राइम थ्रिलर है मस्ट-वॉच, रेटिंग 8

अंग दान की आड़ में चल रहा खतरनाक रैकेट, 2 घंटे 18 मिनट की ये मलयालम क्राइम थ्रिलर है मस्ट-वॉच, रेटिंग 8

साउथ इंडियन सिनेमा की एक जबरदस्त क्राइम थ्रिलर फिल्म इन दिनों फिर से चर्चा में है। यह फिल्म साल 2018 में रिलीज़ हुई थी और फिलहाल अमेज़न प्राइम वीडियो पर ट्रेंड कर रही है। इसकी लोकप्रियता की दो बड़ी वजहें हैं। पहली, IMDb पर इसे 8 की दमदार रेटिंग मिली है और दूसरी, इसी फिल्म का हिंदी रीमेक तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि हिंदी वर्ज़न में सनी देओल मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। यही कारण है कि दर्शकों की दिलचस्पी इस ओर फिर से बढ़ गई है।

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क्या है कहानी

एम. पद्मकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म का नाम ‘जोसेफ’ है। कहानी एक ऐसे पूर्व पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी तेज़-तर्रार जांच क्षमता के लिए अपने समय में जाना जाता था। रिटायरमेंट के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल चुका है। वह शराब की लत में डूबा हुआ है और बीते दिनों की यादों के सहारे जी रहा है। सब कुछ नॉर्मल चल रहा होता है, तभी एक रहस्यमयी सड़क दुर्घटना होती है, जो उसे दोबारा जांच की दुनिया में लौटने पर मजबूर कर देती है।

जोजू जॉर्ज लीड रोल में

फिल्म में मुख्य किरदार निभाया है जोजू जॉर्ज ने, जिन्होंने अपने अभिनय से इस भूमिका को पूरी तरह जीवंत कर दिया है। उनकी आंखों में झलकता अकेलापन, अंदर छिपा दर्द और केस सुलझाते समय की गंभीरता दर्शकों को कहानी से जोड़े रखती है। इस बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड में स्पेशल मेंशन से भी सम्मानित किया गया था।

फिल्म की खासियत

फिल्म की सबसे खास बात इसका दूसरा पार्ट है, जो एक बेहद संवेदनशील और डराने वाली सच्चाई की तरफ इशारा करता है। कहानी अंग दान की आड़ में चल रहे एक खतरनाक मेडिकल रैकेट और उससे जुड़े घोटालों को उजागर करती है। फिल्म यह भी दिखाती है कि असल जिंदगी में आपराधिक जांच कैसे आगे बढ़ती है और कैसे छोटे-छोटे संकेत मिलकर एक बड़े सच को सामने लाते हैं।

असली घटनाओं से प्रेरित

इस फिल्म से जुड़ा एक और अहम पहलू यह है कि इसकी कहानी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित मानी जाती है। रिलीज़ के समय इसने केरल में अंग दान से जुड़े कानूनों, प्रक्रियाओं और पारदर्शिता को लेकर गंभीर चर्चा और बहस को जन्म दिया था। यही वजह है कि ‘जोसेफ’ सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर कर देने वाली फिल्म भी है।

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Faiza Parveen

Faiza Parveen

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile

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