कहीं हैक तो नहीं हो गया आपका स्मार्टफोन? 1 मिनट से भी कम में लगाएं पता, ये कोड डालते ही खुल जाएगा पूरा चिट्ठा
स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए एक नई साइबर चेतावनी सामने आ रही है। हाल के दिनों में कॉल-फॉरवर्डिंग और मैसेज-डायवर्जन से जुड़े फ्रॉड तेजी से बढ़े हैं, जिनमें ठग बिना जानकारी दिए आपके कॉल, मैसेज और बैंक OTP तक किसी दूसरे नंबर पर भेज देते हैं। हैरानी की बात यह है कि इसके लिए फोन को हैक करना भी ज़रूरी नहीं होता। नेटवर्क-लेवल सेटिंग्स के ज़रिए यह काम किया जा सकता है। राहत की बात यह है कि एक आसान USSD कोड से आप खुद जांच सकते हैं कि कहीं आपके नंबर पर कोई संदिग्ध फॉरवर्डिंग तो एक्टिव नहीं है।
Surveyकॉल-फॉरवर्डिंग का पता कैसे लगाएं?
अपने स्मार्टफोन में कॉल-फॉरवर्डिंग की स्थिति जानने के लिए सबसे पहले फोन का डायलर या कॉल ऐप खोलें।
इसके बाद *#21# को बिल्कुल इसी तरह डायल करें और कॉल बटन दबाएं।
कुछ सेकंड में आपकी स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई देगा, जिसमें कॉल फॉरवर्डिंग, SMS फॉरवर्डिंग और डेटा फॉरवर्डिंग की स्थिति बताई जाएगी।
अगर सभी सेवाओं के सामने “Not forwarded” लिखा है, तो इसका मतलब है कि आपका नंबर सुरक्षित है और कोई भी कॉल या मैसेज डायवर्ट नहीं हो रहा। लेकिन अगर किसी भी सर्विस के सामने कोई दूसरा नंबर दिखाई देता है, तो समझिए कि फॉरवर्डिंग चालू है और तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
*#21# का रिज़ल्ट समझें
यह USSD कोड खास तौर पर अनकंडीशनल कॉल-फॉरवर्डिंग की जांच करता है। कई बार साइबर ठग इसी फीचर का गलत इस्तेमाल करके आपके आने वाले कॉल या OTP अपने नंबर पर मंगा लेते हैं। अगर आपने खुद कोई फॉरवर्डिंग सेट नहीं की और फिर भी कोई नंबर दिख रहा है, तो इससे आपके बैंक अलर्ट, वेरिफिकेशन कोड और निजी कॉल खतरे में पड़ सकते हैं। जिन यूज़र्स की स्क्रीन पर कॉल और मैसेज के सामने “Not forwarded” आता है, उनके लिए फिलहाल कोई जोखिम नहीं है। वहीं, अगर किसी भी सर्विस के आगे “Forwarded” और कोई अनजान नंबर दिखे, तो यह साफ संकेत है कि आपकी कॉल या SMS डायवर्ट हो रहे हैं।

कॉल-फॉरवर्डिंग कैसे बंद करें?
ऐसी स्थिति में सबसे पहले सभी कॉल-फॉरवर्डिंग सेटिंग्स को तुरंत बंद करना चाहिए। इसके लिए फिर से डायलर ऐप खोलें और ##002# डायल करें। कॉल बटन दबाने के बाद कुछ सेकंड में कन्फर्मेशन मैसेज आएगा कि सभी तरह की कॉल-फॉरवर्डिंग डिसेबल कर दी गई है। यह कोड आपके नंबर से जुड़ी हर तरह की फॉरवर्डिंग को रीसेट कर देता है और तब भी उपयोगी है, जब आपको यह पता न हो कि फॉरवर्डिंग कब और कैसे चालू हुई।
कब चेक करनी चाहिए कॉल-फॉरवर्डिंग?
साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस जांच को महीने में कम से कम एक बार जरूर करना चाहिए। इसके अलावा अगर आपको कॉल मिस होने लगें, OTP देर से आएं या बैंक अलर्ट समय पर न मिलें, तो तुरंत यह कोड डायल करके स्थिति जांच लें। यह तरीका ज्यादातर Android और iOS स्मार्टफोन पर काम करता है और इसमें किसी ऐप को इंस्टॉल करने या पर्सनल डेटा एक्सेस करने की जरूरत नहीं होती। यह केवल आपके टेलीकॉम ऑपरेटर की नेटवर्क-लेवल सेटिंग्स की जानकारी दिखाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर कॉल-फॉरवर्डिंग बंद करने के बाद भी दोबारा अपने-आप एक्टिव हो जाती है, तो इसे हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर से संपर्क करें और पूरे मामले की जांच करवाएं, ताकि किसी भी तरह के फ्रॉड से समय रहते बचा जा सके।
यह भी पढ़ें: बॉक्स ऑफिस पर गाड़े झंडे, अब ओटीटी पर धूम मचा रही ममूटी की ये सुपरहिट मलयालम फिल्म, IMDb रेटिंग 7.5
Faiza Parveen
फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile