WhatsApp पर नहीं होंगे स्कैम के शिकार! कंपनी ने जारी किया नया फीचर, संदिग्ध मैसेज पर भी मिलेगी चेतावनी
ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के बीच Meta Platforms ने अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए एंटी-स्कैम टूल लॉन्च किए हैं. ये सुरक्षा फीचर WhatsApp के साथ-साथ Facebook और कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स पर भी लागू होंगे. इन टूल्स का उद्देश्य यूजर्स को संभावित ऑनलाइन ठगी से पहले ही सतर्क करना और उन्हें धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाना है.
SurveyWhatsApp पर बढ़ते स्कैम को रोकने की कोशिश
WhatsApp दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग ऐप्स में से एक है. इसकी लोकप्रियता के कारण स्कैमर्स और हैकर्स भी अक्सर इसी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों को निशाना बनाने के लिए करते हैं.
ऑनलाइन फ्रॉड के कई मामलों में यूजर्स को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. इसी वजह से Meta ने अब ऐसे टूल विकसित किए हैं जो संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाकर यूजर्स को पहले ही चेतावनी देंगे.
डिवाइस लिंकिंग स्कैम पर नया अलर्ट सिस्टम
WhatsApp यूजर्स के लिए सबसे बड़ा खतरा “डिवाइस लिंकिंग” से जुड़ा स्कैम माना जाता है. इसमें हमलावर किसी तरह से पीड़ित के WhatsApp अकाउंट को दूसरे डिवाइस से लिंक करने की कोशिश करते हैं. अगर ऐसा हो जाता है तो स्कैमर न सिर्फ मैसेज पढ़ सकता है बल्कि अकाउंट से जुड़े अन्य फीचर का भी इस्तेमाल कर सकता है.
अब WhatsApp इस तरह की संदिग्ध लिंकिंग रिक्वेस्ट को पहचानने की कोशिश करेगा. अगर प्लेटफॉर्म को किसी असामान्य गतिविधि का पता चलता है तो यूजर के फोन पर तुरंत एक अलर्ट दिखाई देगा. इसके बाद यूजर तय कर सकेगा कि वह उस डिवाइस को लिंक करने की अनुमति देना चाहता है या उसे ब्लॉक करना चाहता है.
संदिग्ध मैसेज पर भी मिलेगी चेतावनी
WhatsApp पर कई स्कैम अज्ञात नंबरों से आने वाले मैसेज के जरिए शुरू होते हैं. नए सिस्टम में ऐप ऐसे मैसेज के पैटर्न को पहचानने की कोशिश करेगा जो आमतौर पर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होते हैं.
अगर सिस्टम को लगे कि मैसेज किसी स्कैम से जुड़ा हो सकता है तो यूजर को चेतावनी दी जाएगी और यह भी बताया जाएगा कि इस तरह की ठगी कैसे काम करती है.
Facebook पर भी लागू होंगे सुरक्षा टूल
Meta ने बताया कि इसी तरह के सुरक्षा फीचर Facebook पर भी लाए जा रहे हैं. अगर किसी यूजर को संदिग्ध अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलती है तो सिस्टम उसे अलर्ट कर सकता है. इसके लिए प्लेटफॉर्म कुछ संकेतों की जांच करेगा, जैसे रिक्वेस्ट भेजने वाले की लोकेशन, उसके प्रोफाइल की गतिविधि और आपके साथ मौजूद साझा संपर्क.
एन्क्रिप्शन के बीच सुरक्षा चुनौती
WhatsApp में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होने के कारण मैसेज का कंटेंट कंपनी भी नहीं देख सकती. यह यूजर्स की गोपनीयता के लिए अच्छा है, लेकिन इसी वजह से स्कैम को रोकना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण भी हो जाता है. इसी कारण Meta अब ऐसे सिस्टम विकसित कर रही है जो मैसेज के कंटेंट को पढ़े बिना संदिग्ध गतिविधियों और पैटर्न को पहचान सकें.
यह भी पढ़ें: LPG गैस संकट में वरदान हैं ये 7 इंडक्शन चूल्हे, 5000 रुपये के अंदर हर फीचर टॉप-क्लास
Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile