हमेशा 100 पर्सेंट चार्ज करते हैं फोन? हो सकते हैं ये 5 भारी नुकसान

हमेशा 100 पर्सेंट चार्ज करते हैं फोन? हो सकते हैं ये 5 भारी नुकसान

आजकल ज़्यादातर लोग रात में अपना फोन चार्ज पर लगाते हैं और सुबह तब निकालते हैं जब बैटरी 100% हो जाती है। पूरा चार्ज फोन देखकर एक तरह की तसल्ली मिलती है। न चार्जर साथ रखने की चिंता रहती है, न ही पावर सॉकेट ढूंढने की। लेकिन इस आदत का एक दूसरा पहलू भी है, जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां लगातार 100% चार्ज रहना पसंद नहीं करतीं।

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पूरी तरह चार्ज करना अपने आप में खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर इसे रोज़ की आदत बना लिया जाए तो धीरे-धीरे बैटरी की सेहत पर असर पड़ सकता है। अगर आप हर दिन फोन को 100% तक चार्ज करते हैं, तो इसके कुछ नुकसान और कुछ फायदे दोनों हैं। आइए उन सभी के बारे में आपको बताते हैं।

फोन 100% चार्ज करने के 5 नुकसान

अगर फोन को हमेशा 100% तक चार्ज किया जाए, तो सबसे पहला नुकसान यह होता है कि बैटरी जल्दी घिसने लगती है। फुल चार्ज पर बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे समय के साथ उसकी क्षमता कम हो जाती है।

दूसरा बड़ा नुकसान ओवरहीटिंग से जुड़ा है। 100% के आसपास पहुंचते समय, खासकर फास्ट चार्जर इस्तेमाल करने पर, फोन ज़्यादा गर्म हो सकता है। ओवरहीटिंग बैटरी के लिए सबसे बड़ा दुश्मन मानी जाती है।

तीसरा नुकसान लंबे समय में फोन की परफॉर्मेंस पर दिखता है। जैसे-जैसे बैटरी पर दबाव बढ़ता है, वह तेज़ी से डिस्चार्ज होने लगती है। कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि बैटरी 20% से अचानक ज़ीरो पर पहुंच जाती है।

चौथा नुकसान रातभर चार्जिंग से जुड़ा है। फोन को पूरी रात प्लग में लगाए रखने से वह घंटों तक 100% पर बना रहता है। भले ही फोन में स्मार्ट चार्जिंग फीचर हो, फिर भी यह बैटरी पर बेवजह का तनाव डालता है।

पांचवां और आखिरी नुकसान यह है कि बैटरी की कुल उम्र कम हो सकती है। लगातार फुल चार्ज करने की आदत के कारण बैटरी जल्दी खराब हो सकती है, जिससे समय से पहले बैटरी बदलवाने की ज़रूरत पड़ती है। इस तरह आपका खर्च ज्यादा होता है और असुविधा भी झेलनी पड़ती है।

फोन 100% चार्ज करने के 2 फायदे

हालांकि 100% चार्ज करने के कुछ फायदे भी हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको पूरे दिन के लिए ज्यादा से ज्यादा बैटरी बैकअप मिल जाता है। यात्रा के दौरान या लंबे कामकाजी दिन में यह काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

दूसरा फायदा यह है कि बैटरी को लेकर चिंता कम रहती है। अगर दिन में चार्ज करने का मौका न मिले, तो पूरा चार्ज फोन मानसिक रूप से राहत देता है।

कुल मिलाकर, फोन को कभी-कभी 100% तक चार्ज करना नुकसानदायक नहीं है, लेकिन अगर यह रोज़ की आदत बन जाए तो लंबे समय में बैटरी की सेहत बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संतुलन बनाए रखना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

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Faiza Parveen

Faiza Parveen

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile

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