नौकरी करने वालों के लिए खुशखबरी! UPI से निकाल पाएंगे PF के पैसे, EPFO के मोबाइल ऐप से चुटकियों में होगा काम
क्या पीएफ (PF) का पैसा निकालने के लिए आपको भी फॉर्म भरने और हफ्तों इंतजार करने से डर लगता है? तो अब खुश हो जाइए! अब पीएफ निकालना उतना ही आसान होने वाला है जितना सब्जी वाले को Paytm करना. ईपीएफओ (EPFO) एक क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. अब आप UPI के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में पीएफ का पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे. न कोई कागजी कार्रवाई, न लंबा इंतजार. अप्रैल 2026 से आपका पीएफ का पैसा बस एक क्लिक की दूरी पर होगा.
SurveyEPFO 3.0: अप्रैल 2026 में बड़ा बदलाव
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अप्रैल 2026 तक एक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने के लिए तैयार है.
फायदा: यह ऐप इसके 8 करोड़ सदस्यों को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से अपने भविष्य निधि (EPF) के पात्र हिस्से को सीधे निकालने की अनुमति देगा.
उद्देश्य: यह नई प्रणाली ‘EPFO 3.0’ अपग्रेड का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य निकासी प्रक्रिया को तत्काल, पेपरलेस और पूरी तरह से डिजिटल बनाना है.
UPI से कैसे निकलेंगे पैसे?
सरकार ईपीएफओ सेवाओं को बैंकों के बराबर लाना चाहती है.
इंस्टेंट ट्रांसफर: सदस्य अपने यूपीआई पिन (UPI PIN) का उपयोग करके पात्र धनराशि को अपने लिंक किए गए बैंक खातों में लगभग तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं. यह पारंपरिक दावा दाखिल करने की प्रक्रिया को खत्म कर देगा जिसमें कई दिन लगते हैं.
निकासी सीमा: शुरुआती चर्चाओं के अनुसार, यूपीआई-आधारित निकासी के लिए 25,000 रुपये प्रति लेनदेन की सीमा (Cap) प्रस्तावित की गई है.
ऐप इंटीग्रेशन: यह सुविधा एक समर्पित नए ईपीएफओ ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी, जिसे BHIM ऐप और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा.
बैलेंस के नियम: कितना पैसा निकाल पाएंगे?
एक शीर्ष सूत्र ने पीटीआई को बताया कि ईपीएफ का एक निश्चित अनुपात फ्रीज किया जाएगा.
रिटायरमेंट सिक्योरिटी: ऐप निकासी के लिए एलिजिबिल बैलेंस को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करेगा, जबकि कुल शेष का कम से कम 25% सेवानिवृत्ति सुरक्षा के लिए लॉक रखा जाएगा. बाकी का बड़ा हिस्सा यूपीआई के जरिए निकाला जा सकेगा.
ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़ी: अब 5 लाख तक छूट
वर्तमान में ईपीएफओ सदस्यों को निकासी के लिए आवेदन करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है.
नया नियम: नया ऑटो-सेटलमेंट मोड (Auto-settlement mode) बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 3 दिनों के भीतर दावों का इलेक्ट्रॉनिक रूप से निपटान करता है.
बढ़ी सीमा: इस ऑटो-सेटलमेंट मोड की सीमा को मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. यह बीमारी, शिक्षा, शादी और घर जैसे उद्देश्यों के लिए मददगार होगा.
टेस्टिंग शुरू
श्रम और रोजगार मंत्रालय वर्तमान में अप्रैल 2026 में पब्लिक रोलआउट से पहले किसी भी तकनीकी समस्या को पहचानने और हल करने के लिए 100 डमी खातों का उपयोग करके ट्रायल रन कर रहा है. हालांकि नया ऐप यूपीआई निकासी के लिए प्राथमिक इंटरफेस बन जाएगा, लेकिन मौजूदा प्लेटफॉर्म जैसे ईपीएफओ यूनिफाइड मेंबर पोर्टल और उमंग (UMANG) ऐप अन्य सेवाओं के लिए काम करते रहेंगे.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile