साइबर फ्रॉड के हो गए शिकार? इस सरकारी पोर्टल पर कर दें शिकायत, फौरन मिलेगा समाधान

HIGHLIGHTS

Chakshu Portal से फ्रॉड रिपोर्ट आसान

30 दिन के अंदर शिकायत दर्ज करें

सरकार ने बढ़ाई साइबर सुरक्षा

साइबर फ्रॉड के हो गए शिकार? इस सरकारी पोर्टल पर कर दें शिकायत, फौरन मिलेगा समाधान

भारत में ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर स्कैम के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए एक खास प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जिसका नाम है Chakshu Portal. यह पोर्टल यूजर्स को संदिग्ध कॉल, मैसेज और WhatsApp फ्रॉड की शिकायत करने की सुविधा देता है.

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Chakshu Portal कैसे काम करता है?

यह पोर्टल Department of Telecommunications द्वारा मार्च 2024 में Sanchar Saathi पहल के तहत लॉन्च किया गया था. इस प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स पिछले 30 दिनों के अंदर हुई किसी भी संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज की शिकायत कर सकते हैं. इसका मकसद लोगों को धोखाधड़ी से बचाना और साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना है.

ऐसे फ्रॉड की कर सकते हैं शिकायत

Chakshu Portal पर कई तरह के ऑनलाइन फ्रॉड की रिपोर्ट की जा सकती है:

  • KYC फ्रॉड, जहां बैंक या अन्य सेवाओं के नाम पर जानकारी मांगी जाती है
  • इम्पर्सोनेशन, जहां कोई खुद को सरकारी अधिकारी या जान-पहचान वाला बताता है
  • फर्जी कस्टमर केयर, जिसमें नौकरी, लोन या ऑफर के नाम पर धोखा दिया जाता है
  • ऑटोमेटेड कॉल, बार-बार आने वाले रोबोटिक कॉल
  • मैलिशियस लिंक, जो खतरनाक वेबसाइट पर ले जाते हैं

Chakshu Portal पर शिकायत कैसे दर्ज करें?

अगर आप किसी स्कैम का शिकार हुए हैं या संदिग्ध मैसेज मिला है, तो इस तरह शिकायत दर्ज कर सकते हैं:

  • सबसे पहले Sanchar Saathi वेबसाइट खोलें
  • Citizen Centric Services सेक्शन में जाकर “Chakshu – Report Suspected Fraud” पर क्लिक करें
  • फ्रॉड का प्रकार चुनें और पूरी जानकारी भरें
  • संबंधित स्क्रीनशॉट अपलोड करें, जिसमें तारीख और समय साफ दिखे
  • अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें
  • OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें

इसके बाद आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी और जांच शुरू की जाएगी.

यह पोर्टल क्यों जरूरी?

Chakshu Portal न सिर्फ शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका देता है, बल्कि यह फ्रॉड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में भी मदद करता है. इस प्लेटफॉर्म को Digital Intelligence Platform से जोड़ा गया है, जिससे संबंधित एजेंसियों को जानकारी तेजी से मिलती है. कई मामलों में आरोपी के मोबाइल IMEI को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है, जिससे वह दोबारा फ्रॉड न कर सके. अगर आपको कभी संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय रिपोर्ट करना ज्यादा जरूरी है.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile