WhatsApp के दिन खत्म? देसी ऐप Arattai मचा रहा तहलका, आपने शुरू किया इस्तेमाल? जानें सारी बातें
हमारी जिंदगी में WhatsApp इतना रच-बस गया है कि इसके बिना एक दिन भी गुजारना मुश्किल लगता है. फैमिली ग्रुप से लेकर ऑफिस के काम तक, हर चीज के लिए हम इसी पर निर्भर हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका कोई ‘मेड इन इंडिया’ विकल्प भी हो सकता है? जी हां, चेन्नई की कंपनी Zoho ने ‘Arattai’ (Arattai) नाम का एक ऐसा ही मैसेजिंग ऐप बनाया है, जो WhatsApp को टक्कर देने का दम रखता है.
Surveyहाल ही में, जब केंद्र सरकार के एक मंत्री ने भी इसे इस्तेमाल करने की अपील की, तो यह ऐप (Arattai) अचानक सुर्खियों में आ गया. आइए, जानते हैं कि क्या है यह अरट्टई ऐप और क्या यह वाकई WhatsApp को टक्कर दे पाएगा.
क्या है ‘Arattai’ ऐप और इसमें क्या है खास?
Arattai एक तमिल शब्द है जिसका मतलब है ‘गपशप’. इसे चेन्नई की मशहूर टेक कंपनी Zoho ने बनाया है. इसमें आपको वे सभी फीचर्स मिलते हैं जिनकी आपको एक मॉडर्न मैसेंजर से उम्मीद होती है. इसमें टेक्स्ट मैसेजिंग, वॉयस और वीडियो कॉल्स, मीडिया शेयरिंग, स्टोरीज और चैनल्स. आप इसे अपने डेस्कटॉप और एंड्रॉयड टीवी पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
लेकिन जो चीज इसे सबसे अलग बनाती है, वह है Zoho का प्राइवेसी को लेकर मजबूत कमिटमेंट. जहां WhatsApp जैसी ग्लोबल कंपनियों पर यूजर डेटा का इस्तेमाल विज्ञापनों के लिए करने के आरोप लगते रहते हैं, वहीं Arattai का दावा है कि वह आपकी व्यक्तिगत जानकारी से कोई कमाई नहीं करता है. यह बात उन लोगों को बहुत आकर्षित कर सकती है जो डिजिटल जासूसी और डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं. हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नागरिकों से अरट्टई को एक सुरक्षित, घरेलू ऑप्शन के रूप में आज़माने का आग्रह किया था, जिसके बाद यह ऐप स्टोर पर पहले स्थान पर भी पहुंच गया था.
क्या ‘Arattai’ भारत में WhatsApp की जगह ले सकता है?
अब सबसे बड़ा सवाल – क्या यह ऐप WhatsApp को हटाकर उसकी जगह ले सकता है? यह इतना आसान नहीं है. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि WhatsApp की जड़ें भारत में बहुत गहरी हैं. इससे पहले Hike और Telegram जैसे कई ऐप्स ने भी इसे टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाया.
इसका ‘मेड इन इंडिया’ होना एक बड़ा प्लस पॉइंट है, जो ‘डिजिटल संप्रभुता’ की बढ़ती मांग को पूरा करता है. दूसरी बात, सरकारी मंत्रियों का समर्थन इसे एक ऐसी विश्वसनीयता देता है जो बाकी स्टार्टअप्स को आसानी से नहीं मिलती है.
लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी है. ‘Arattai’ में वॉयस और वीडियो कॉल्स तो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं, लेकिन चैट्स (मैसेज) अभी तक नहीं हैं. यह एक ऐसा फीचर है जिस पर WhatsApp की पूरी प्राइवेसी टिकी है. जब तक Zoho इस कमी को दूर नहीं कर लेता, तब तक ‘Arattai’ WhatsApp का विकल्प बनने के बजाय सिर्फ एक चैलेंजर ही बना रहेगा.
सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile
