असली युद्ध का मतलब समझा देती है ये मूवी, बता देगी केवल बंदूक से नहीं होती लड़ाई, तगड़ा क्लाइमैक्स और स्टोरी, जानें कहां देखें
युद्ध के मैदान में सिर्फ सैनिक ही नहीं लड़ते, कुछ ऐसे भी योद्धा होते हैं जिनके हाथ में बंदूक नहीं, बल्कि दवाइयां होती हैं. क्या हो जब एक डॉक्टर को उसी दुश्मन की जान बचानी पड़े जिसने उसके अपनों को मारा हो? तमिल फिल्म ‘सल्लियारगल’ (Salliyargal) इसी नैतिक दुविधा और साहस की कहानी है.
Surveyयह फिल्म उन बहादुर डॉक्टरों को सलाम करती है जो अपनी जान की परवाह किए बिना भूमिगत बंकरों में दिन-रात काम करते हैं. अगर आप रियल और इमोशनल सिनेमा देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके दिल को छू जाएगी. आइए जानते हैं कि आप इसे कब और कहां देख सकते हैं.
कब और कहां देखें Salliyargal
आप Salliyargal को ऑनलाइन OTT Plus पर देख सकते हैं. यह फिल्म 2 जनवरी को ऑनलाइन रिलीज की गई थी. दरअसल, इसे पहले सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अपर्याप्त स्क्रीन्स मिलने के कारण इसका थिएट्रिकल रिलीज प्रभावित हुआ. इसके बाद मेकर्स ने इसे सीधे दर्शकों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का रास्ता चुना. अब आप घर बैठे इस शानदार फिल्म का आनंद ले सकते हैं.
ट्रेलर और फिल्म की कहानी
फिल्म का ट्रेलर इसके तेज संगीत और तनावपूर्ण माहौल की झलक पेश करता है. यह श्रीलंकाई गृहयुद्ध (Sri Lankan Civil War) के बाद की एक ग्रामीण पृष्ठभूमि को दिखाता है, जहाँ एक सुनसान इलाके में एक कार को मिलिट्री ऑपरेशन्स के बीच से गुजरते हुए देखा जा सकता है. कहानी के केंद्र में वे डॉक्टर्स हैं जो कैंपों और बंकरों में एक अंडरग्राउंड ऑपरेशन चला रहे हैं. वे अपने परिवारों को पीछे छोड़कर अपनी जान जोखिम में डालते हैं, ताकि वे न केवल अपने साथियों (Allies), बल्कि दुश्मनों की भी जान बचा सकें.
हालांकि, कहानी में एक गहरा भावनात्मक मोड़ तब आता है जब एक लड़की, जिसकी भावनाएं एक ऐसी घटना से जुड़ी हैं जिसमें उसके पिता को दुश्मनों में से एक ने मार दिया था, सामने आती है. यह बदले (Revenge) और भावनाओं की कहानी है, जहाँ डॉक्टरों को खतरे का सामना करते हुए अपनी नैतिकता और साहस के साथ अराजकता (Chaos) से निपटना पड़ता है. यह फिल्म निश्चित रूप से एक बार देखने लायक है.
कास्ट और क्रू
Salliyargal में कई दमदार कलाकार हैं जिन्होंने अपने अभिनय से जान डाल दी है. सत्यदेवी, करुणास, तिरुमुरुगन, जानकी, महेंद्रन, नागराज, प्रिया, आनंद सौंदरराजन, मोहन, संतोष और अन्य ने इसमें अहम भूमिकाएं निभाई हैं. इस फिल्म का लेखन और निर्देशन किट्टू ने किया है, जिन्होंने युद्ध की भयावहता के बीच मानवीय संवेदनाओं को खूबसूरती से उभारा है.
रिसेप्शन और रेटिंग
चूंकि यह कहानी युद्ध की स्थिति में डॉक्टरों की वीरता और दृढ़ संकल्प के बारे में बात करती है, इसलिए इसे दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया गया है. फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों दोनों से सराहना मिली है और इसे IMDb पर 8.7 की शानदार रेटिंग मिली है. यह रेटिंग साबित करती है कि कंटेंट के मामले में यह फिल्म बहुत मजबूत है.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile