Jio, Airtel और Vi ने दिया तगड़ा झटका! चुपचाप हो गए ये बड़े बदलाव, ग्राहकों को नुकसान ही नुकसान
भारत की तीनों प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनियां Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea (Vi) के करोड़ों यूजर्स देशभर में हैं. हालांकि, ये कंपनियां लगातार अपने प्लान में बदलाव करती रहती हैं. जिससे ग्राहकों को नुकसान भी होता है. अब इन तीनों कंपनियों ने अपने डेटा वाउचर के नियमों में चुपचाप बदलाव कर दिए हैं.
Surveyखास बात यह है कि Jio जिसने अब तक इस क्षेत्र में यूजर-फ्रेंडली विकल्प दिए थे, अब उसने भी Airtel और Vi की राह पकड़ ली है. इन तीनों कंपनियों ने अपने सस्ते डेटा वाउचर्स से वो सुविधा हटा दी है जिसे यूजर्स “Existing वैलिडिटी बेनिफिट” के नाम से जानते थे. इसका सीधा असर करोड़ों यूजर्स पर पड़ रहा है, जो अब बार-बार डेटा वाउचर रिचार्ज करने को मजबूर हो गए हैं.
क्या होता था Existing Validity वाला बेनिफिट?
पहले यदि किसी यूजर का बेस प्लान (मुख्य रिचार्ज प्लान) एक्टिव है और वह इसके साथ एक 1GB या 2GB डेटा बूस्टर वाउचर लेता था तो वह डेटा तब तक इस्तेमाल किया जा सकता था जब तक उसका मेन प्लान वैध होता था.
उदाहरण के लिए, अगर आपका 28 दिनों का रिचार्ज है और आपने 10वें दिन एक 1GB का डेटा वाउचर लिया है, तो वह पूरा वाउचर 18 दिन और चलता. यानी आपका पैसा और डेटा दोनों की पूरी वैल्यू मिलती थी. लेकिन, अब इसको चुपचाप बदल दिया गया है. ऐसे में जरूरी है कि रिचार्ज करने से पहले आपको पूरी जानकारी हो.
अब क्या बदला है?
अब Jio, Airtel और Vi तीनों कंपनियाँ अपने डेटा वाउचर्स पर शॉर्ट वैलिडिटी यानी 1 दिन या कुछ घंटों की वैधता ही दे रही हैं. इससे यूजर्स को दो बड़े नुकसान हो रहे हैं-
- डेटा खत्म न भी हो तो वैलिडिटी खत्म हो जाती है
- बार-बार रिचार्ज करना पड़ता है, भले ही जरूरत थोड़ी हो
अब अगर किसी को सिर्फ 200-300MB डेटा की जरूरत है तो भी उसे 1GB का वाउचर लेना पड़ेगा और वह भी सिर्फ एक दिन के लिए. अगली बार जरूरत हो तो फिर से वही खर्चा यूजर्स को उठाना पड़ेगा.
Jio ने भी बदला अपना सिस्टम
Jio को अक्सर यूजर फ्रेंडली विकल्पों के लिए सराहा जाता है. हालांकि, अब उसने भी Airtel और Vi की तरह अपने 1GB डेटा वाउचर की वैलिडिटी को घटा दिया है. पहले यह वाउचर आपके बेस प्लान की बची हुई अवधि तक वैध रहता था लेकिन अब यह सिर्फ 1 दिन तक ही वैध होगा. JioFiber और Jio Prepaid के यूजर्स इस बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
यूजर्स के लिए क्यों है ये बदलाव परेशानी वाला?
- पैसे की बर्बादी: कम डेटा की जरूरत होने पर भी पूरा रिचार्ज करना पड़ेगा
- बार-बार की झंझट: बार-बार छोटे वाउचर्स लेना झंझट भरा है
- डेटा बच भी जाए तो खत्म हो जाएगा: यूजर का इस्तेमाल न होने वाला डेटा बर्बाद हो जाएगा
इस बदलाव ने ज्यादातर यूजर्स को नाराज कर दिया है, खासकर उन्हें जो कम डेटा में काम चला लेते हैं और जिन्हें सिर्फ कभी-कभी टॉप-अप की जरूरत पड़ती है.
क्या कर सकता है TRAI?
Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) आमतौर पर टेलीकॉम टैरिफ में दखल नहीं देता,लेकिन वह कंपनियों द्वारा पेश किए जा रहे प्लान्स के नियम और उनकी पारदर्शिता की निगरानी करता है. TRAI को इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि यह बदलाव उपभोक्ताओं को अनफेयर डेटा यूजेज मॉडल में धकेल रहा है. बार-बार डेटा रिचार्ज करवाना और बचा हुआ डेटा छीन लेना यूजर के पैसे की वैल्यू को खत्म करता है.
क्या समाधान हो सकता है?
- डेटा वाउचर्स को फिर से बेस प्लान की वैलिडिटी से लिंक किया जाए
- यूजर्स को शॉर्ट वैलिडिटी या existing वैलिडिटी दोनों विकल्प दिए जाएं
- छोटे पैक वाले डेटा की validity कम से कम 3-7 दिन की हो
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile