4G (LTE) और 5G पेटेंट को लेकर Nokia और Oppo के बीच कानूनी लड़ाई चल रही थी। नोकिया ने तीन क्षेत्रीय जर्मन अदालतों में नौ Standard-Essential Patents (SEPs) और पांच Implementation Patents के लिए ओप्पो पर मुकदमा दायर किया था। ध्यान दें कि नोकिया 5G SEPs सेगमेंट में लगभग 130.3 बिलियन डॉलर के भारी निवेश के साथ सबसे बड़ा प्लेयर है। कंपनी के पास इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेटेंट हैं और हाल के दिनों में लेनोवो और डेमलर जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के खिलाफ हुए केस में भी जीत हासिल की थी।
Gizmochina की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि Nokia ने चार से अधिक देशों में Oppo पर मुकदमा दायर किया था, जबकि Oppo ने Nokia पर नौ देशों में मुकदमा दायर किया था। यह मुकदमा ओप्पो के लिए सरप्राइज था।
Nokia vs Oppo: Nokia के पक्ष में आया फैसला
जर्मनी में मैनहेम रीजनल कोर्ट ने नोकिया को ओप्पो के खिलाफ संघर्ष विराम का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Oppo और OnePlus के डिवाइस अब जर्मन मार्केट से बैन कर दिए गए हैं। जज ने फैसले पर ओप्पो की प्रतिक्रिया को खारिज कर दिया और कंपनी को अनिच्छुक लाइसेंसधारी करार दिया।
ओप्पो और वनप्लस के लिए यह एक बड़ा झटका है। नोकिया ने मैनहेम मामले में काउंसल की मदद ली थी, जिसने कंपनी को लेनोवो और डेमलर दोनों मामलों को जीतने में मदद की थी। ओप्पो और वनप्लस निश्चित रूप से इस फैसले से खुश नहीं होंगे। इस मामले में यह पहली सुनवाई थी। यह देखना दिलचस्प होगा कि ओप्पो इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है। हालांकि अभी के लिए, इस बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
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