1600 नंबर सीरीज से आ रही कॉल तो समझ जाएं..फ्रॉड को रोकने के लिए TRAI का बड़ा कदम

1600 नंबर सीरीज से आ रही कॉल तो समझ जाएं..फ्रॉड को रोकने के लिए TRAI का बड़ा कदम

फ्रॉड को रोकने के लिए TRAI लगातार काम कर रहा है. इसी के तहत टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 2022 में एक Joint Committee of Regulators (JCoR) बनाया. जिसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), SEBI, IRDAI, गृह मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) के प्रतिनिधि शामिल हैं. इस कमेटी का मकसद 1600 नंबर सीरीज को लागू करना और Telecom Commercial Communication Customer Preference Regulation, 2018 के तहत इसके मिसयूज को रोकना है.

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अप्रैल 2025 में JCoR ने Digital Consent Acquisition प्लेटफॉर्म के लॉन्च के बाद सरकारी और फाइनेंशियल सेक्टर की ट्रांजैक्शनल और सर्विस कॉल्स के लिए 1600 सीरीज को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.

JCoR और 1600 सीरीज: मकसद और काम

TRAI ने 2022 में JCoR बनाया ताकि टेलिकॉम सेक्टर में अनसॉलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन (UCC) और फ्रॉड को रोका जा सके. 1600 नंबर सीरीज को खास तौर पर बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर की ट्रांजैक्शनल और सर्विस कॉल्स के लिए रिजर्व किया गया है. इसका मकसद कंज्यूमर्स को जेनुइन कॉल्स को आसानी से पहचानने में मदद करना है, ताकि प्रोमोशनल स्पैम से बचाव हो. SBI Card जैसे कुछ BFSI इंस्टीट्यूशन्स ने इस नंबरिंग सिस्टम को पहले ही अपनाना शुरू कर दिया है.

JCoR की जिम्मेदारी है कि वो 1600 सीरीज के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करे और टेलिकॉम इक्विपमेंट के जरिए होने वाले फ्रॉड्स, जैसे फर्जी कॉल्स और मैलिशियस SMS, को रोके. कमेटी टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) और प्रिंसिपल एंटिटीज़ (PEs) के साथ मिलकर काम करती है, ताकि Know Your Customer (KYC) प्रोसेस को मजबूत किया जाए और Digital Consent Acquisition (DCA) प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स की सहमति ली जाए.

1600 सीरीज का विस्तार: कमेटी ने सरकारी संस्थानों और फाइनेंशियल सेक्टर की ट्रांजैक्शनल और सर्विस कॉल्स को 1600 सीरीज में शामिल करने के तरीकों पर बात की. TRAI और RBI ने इसकी टेक्निकल फीजिबिलिटी पर एक पायलट स्टडी भी डिस्कस की.

डिजिटल कंसेंट: DCA प्लेटफॉर्म के जरिए कमर्शियल कॉल्स के लिए यूजर्स की डिजिटल सहमति लेने की प्रक्रिया को लागू करने पर जोर दिया गया. JCoR ने PEs से कहा कि वो इस प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हों.

फ्रॉड प्रिवेंशन: डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स और फ्रॉड मैसेजेस को रोकने के लिए उपाय सुझाए गए, जैसे अनयूज़्ड SMS हेडर्स और टेम्पलेट्स को डिलीट करना, फ्रॉड SMS हेडर्स पर तुरंत एक्शन लेना और फ्रॉड में यूज़ होने वाले मोबाइल नंबर्स/IMEI को ब्लॉक करना.

व्हाइटलिस्टिंग: मैलिशियस लिंक्स से बचने के लिए SMS में URLs, APKs, OTT लिंक्स, और कॉलबैक नंबर्स की अनिवार्य व्हाइटलिस्टिंग पर चर्चा हुई.

TRAI चेयरमैन अनिल कुमार लहोटी ने कहा कि 1600 सीरीज BFSI सेक्टर की कॉल्स को क्रेडिबिलिटी देगी, जिससे कंज्यूमर्स आसानी से जेनुइन कॉल्स को प्रोमोशनल स्पैम से अलग कर सकेंगे.

टेलिकॉम इक्विपमेंट और मिसयूज प्रिवेंशन

टेलिकॉम इक्विपमेंट, जैसे मोबाइल टावर्स, राउटर्स, और सर्वर्स, UCC और फ्रॉड का जरिया बन सकते हैं, अगर उनका गलत इस्तेमाल हो. JCoR और TRAI इनके मिसयूज को रोकने के लिए कई कदम उठा रहे हैं:

  • IMEI ब्लॉकिंग: फ्रॉड में यूज़ होने वाले डिवाइसेस के IMEI को ब्लॉक करना.
  • KYC स्ट्रेंथनिंग: टेलिकॉम ऑपरेटर्स और PEs के लिए सख्त KYC प्रोसेस, ताकि फर्जी सिम्स और नंबर्स का यूज रोका जाए.
  • DLT प्लेटफॉर्म: प्रोमोशनल कॉल्स को 140 सीरीज़ में शिफ्ट करना और Distributed
  • Ledger Technology (DLT) प्लेटफॉर्म पर टेलीमार्केटर्स की फुल डिस्क्लोजर सुनिश्चित करना.
  • इन्फॉर्मेशन शेयरिंग: RBI, SEBI, IRDAI, और MHA जैसे रेगुलेटर्स के बीच प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए इन्फॉर्मेशन शेयरिंग, ताकि फ्रॉड को जल्दी पकड़ा जाए.

कंज्यूमर प्रोटेक्शन और ट्रांसपेरेंसी

1600 सीरीज़ का मकसद कंज्यूमर्स को प्राइवेसी और सिक्योरिटी देना है. TRAI ने पहले भी कंज्यूमर-फ्रेंडली कदम उठाए हैं, जैसे 2016 में ड्रॉप्ड कॉल्स के लिए ₹1 का मुआवजा (हालांकि इसे 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था). TRAI के MyCall, MySpeed, और DND 2.0 ऐप्स यूजर्स को सर्विस क्वॉलिटी और UCC से बचने में मदद करते हैं.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile

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