बिना OTP हो जाएगा काम, 15 हजार रुपये तक के ऑटो-पेमेंट होंगे अपने-आप, RBI ने बदल दिया नियम
अब ऑटो-डेबिट में कम होगा OTP झंझट
15,000 रुपये तक पेमेंट होंगे आसान
यूजर कंट्रोल और अलर्ट रहेंगे जारी
RBI Rule Changed: अभी तक मंथली सब्सक्रिप्शन, SIP, इंश्योरेंस प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड बिल या यूटिलिटी पेमेंट जैसी चीज़ें अक्सर इसलिए फेल हो जाती थीं क्योंकि समय पर OTP नहीं डाला गया. अब Reserve Bank of India ने नियम में बदलाव किया है. जिससे कई यूजर्स के लिए यह झंझट कम होने वाला है.
Surveyअब अगर आपने एक बार ऑटो-डेबिट को मंजूरी दे दी तो 15,000 रुपये तक के रिकरिंग पेमेंट हर महीने बिना नए OTP के अपने आप प्रोसेस हो सकेंगे.
क्या बदला है नए नियम में?
नए नियम के अनुसार, 15,000 रुपये तक के ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शन हर बार OTP मांगे बिना हो सकते हैं, बशर्ते आपने पहले ही उस पेमेंट के लिए मंजूरी दी हो. इसका सीधा फायदा यह है कि अब Netflix, SIP, मेंटेनेंस, ब्रॉडबैंड या बिजली बिल जैसे पेमेंट सिर्फ OTP मिस होने की वजह से फेल नहीं होंगे.

यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव
अक्सर पेमेंट फेल होने की वजह बहुत साधारण होती है. कभी OTP देर से आता है, कभी नेटवर्क नहीं होता, कभी नोटिफिकेशन मिस हो जाता है. इस वजह से कई बार सब्सक्रिप्शन रुक जाते हैं, SIP की तारीख निकल जाती है या फिर क्रेडिट कार्ड पर पेनाल्टी लग जाती है. नए नियम का मकसद यही है कि ऐसे छोटे कारणों से पेमेंट फेल न हो और यूजर का अनुभव बेहतर बने.
पहला पेमेंट अभी भी रहेगा कंट्रोल में
यह समझना जरूरी है कि कोई भी कंपनी सीधे आपके अकाउंट से पैसे नहीं काट सकती. जब आप पहली बार ऑटो-पे सेट करते हैं, तब आपको OTP या अन्य ऑथेंटिकेशन के जरिए मंजूरी देनी होगी. उसके बाद ही आगे के पेमेंट अपने आप होंगे. इसका मतलब है कि कंट्रोल अभी भी पूरी तरह यूजर के पास ही रहेगा.
कुछ पेमेंट के लिए 1 लाख तक की लिमिट
Reserve Bank of India ने कुछ कैटेगरी जैसे इंश्योरेंस प्रीमियम, म्यूचुअल फंड और क्रेडिट कार्ड बिल के लिए यह लिमिट 1 लाख तक बढ़ा दी है. इससे उन यूजर्स को राहत मिलेगी जिनके बड़े अमाउंट के रिकरिंग पेमेंट होते हैं और जिन्हें बार-बार ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ती थी.
अलर्ट सिस्टम अभी भी रहेगा
भले ही OTP की जरूरत कम हो गई हो, लेकिन अलर्ट बंद नहीं होंगे. बैंक को हर पेमेंट से पहले आपको नोटिफिकेशन भेजना होगा, जिसमें अमाउंट, मर्चेंट और टाइम की जानकारी होगी. पेमेंट होने के बाद भी कन्फर्मेशन मिलेगा. यानी सुविधा बढ़ी है, लेकिन पारदर्शिता बनी रहेगी.
अभी क्या करना चाहिए
यह सही समय है कि आप अपने सभी ऑटो-डेबिट मैंडेट्स चेक करें. कई बार लोग ऐसे सब्सक्रिप्शन के लिए भी पैसे देते रहते हैं जिनका इस्तेमाल ही नहीं हो रहा. अब जब पेमेंट और आसान हो रहा है, तो यह देखना और जरूरी हो जाता है कि पैसा कहां जा रहा है.
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सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile