न OTP, न लिंक, फिर भी कई अकाउंट्स से उड़ गए लाखों! साइबर अपराधियों ने बदला अपना तरीका, ऐसे रहें सेफ
अब न OTP चाहिए, न SMS, न कोई लिंक क्लिक और आपके बैंक अकाउंट से पैसे गायब हो जाएंगे. साइबर ठग अब इतने हाई-टेक हो गए हैं कि बिना किसी अलर्ट या एक्टिविटी के लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे गायब कर रहे हैं. प्रयागराज (संगमनगरी) में सिर्फ एक हफ्ते में ऐसे कई मामले सामने आए हैं.
Surveyदैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन मामलों में पीड़ितों को घंटों बाद पता चला कि उनके अकाउंट से पैसे निकल चुके हैं. सबसे चौंकाने वाली बात है कि इनलोगों में से न किसी ने लिंक पर क्लिक किया, न बैंक डिटेल शेयर की और न ही किसी को OTP की जानकारी दी लेकिन उनके अकाउंट से पैसे कट गए.
साइबर थाना भी परेशान
रिपोर्ट में बताया गया है कि साइबर थाना पुलिस खुद इन मामलों से परेशान है क्योंकि अब तक जितने भी फ्रॉड हुए थे, उनमें किसी कॉल, SMS या OTP के जरिए डाटा निकाला जाता था. लेकिन ये नए मामले ‘साइलेंट फ्रॉड’ की ओर इशारा कर रहे हैं. यानि यूजर को भनक तक नहीं लगती और अकाउंट से पैसे उड़ जाते हैं. रिपोर्ट में ऐसे दो बड़े मामले के बारे में भी बताया गया है.
मामला 1:
कर्नलगंज निवासी अरुण कुमार के अकाउंट से ₹2.5 लाख दो किस्तों में निकाल लिए गए. उन्हें न कोई OTP मिला, न कोई अलर्ट मैसेज. जब खुद बैंक बैलेंस चेक किया, तब पता चला.
मामला 2:
कालिंदीपुरम के अशोक कुमार सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ. उनके अकाउंट से ₹2.43 लाख निकाले गए, बिना OTP और अलर्ट के. उन्होंने पुलिस में दौड़ लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिला.
बढ़ती घटनाओं से शहर में दहशत
सिर्फ सात दिनों में 11 केस सामने आने के बाद खासकर बुजुर्ग और महिलाएं डरे हुए हैं. इससे लोगों में मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लेकर भरोसा टूटता नजर आ रहा है.
बैंकों की लापरवाही पर सवाल
पीड़ितों का कहना है कि बैंक को तुरंत ट्रांजैक्शन अलर्ट देना चाहिए था, लेकिन अलर्ट घंटों बाद आया. कुछ लोगों को तो नेटवर्क या सिस्टम अपडेट का बहाना देकर लौटा दिया गया. जिस वजह से लोग बैंक को भी इसके लिए लापरवाह मानते हैं.
कैसे होता है स्कैम?
इस स्कैम में गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद फर्जी ऐप्स जो असली जैसे लगते हैं. उनको डाउनलोड करने से फोन में बिना जानकारी Silent Malware की एंट्री हो जाती है. फिर सिम क्लोनिंग से OTP और नेटवर्क हैक किया जाता है. इसके अलावा पब्लिक प्लेस में लगे नकली WiFi से फोन को हैक किया जाता है.
बचाव ही उपाय
ऐसे स्कैम से बचने के लिए प्राइमरी फोन (जिसमें बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है) में सिर्फ जरूरी ऐप्स रखें. इसके अलावा बैंकिंग के लिए सिर्फ ऑफिशियल ऐप्स का इस्तेमाल करें. किसी के साथ कभी भी OTP, UPI PIN या पासवर्ड शेयर न करें. अनजान WiFi नेटवर्क से जुड़ने से बचें.
साइबर सेल की सलाह
रिपोर्ट में बताया गया है कि साइबर सेल प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन लोगों को खुद भी सतर्क रहना होगा. किसी भी साइबर क्राइम का शिकार होने पर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें या 1930 पर कॉल करें.
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सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile
