Google के ‘The Android Show’ में लॉन्च हुआ Android 16, डिजाइन से लेकर सेफ्टी तक, जानें कितना आया बदलाव
Google ने आज रात 10:30 PM IST पर “The Android Show: I/O Edition” के साथ Google I/O 2025 सीजन की आधिकारिक शुरुआत कर दी. यह खास इवेंट 20-21 मई को होने वाले Google I/O डेवलपर कॉन्फ्रेंस से पहले का एक डेडिकेटेड शो था. पिछले साल AI-सेंट्रिक होने के चलते Android को कम फोकस मिला था. लेकिन इस बार इस स्टैंडअलोन इवेंट ने Android 16, Wear OS 6, डिजाइन, AI इंटीग्रेशन, सिक्योरिटी और डिवाइस ट्रैकिंग में बड़े अपडेट्स को हाइलाइट किया गया.
SurveyGoogle का कहना है कि 190+ देशों में 3 बिलियन से ज्यादा एक्टिव डिवाइस के साथ Android दुनिया का सबसे पॉपुलर OS बना हुआ है. इस दौरान कंपनी ने कई फीचर्स को हाइलाइट भी किया.
Material 3 Expressive: Android 16 और Wear OS 6 का नया डिजाइन
Android 16 और Wear OS 6 में Material 3 Expressive डिजाइन सबसे बड़ा हाइलाइट रहा. यह Material You (2021 में लॉन्च) का अपग्रेड है जो यूजर एक्सप्रेशन पर फोकस करता है. इसमें कई नए फीचर्स को ऐड किया गया .नीचे आपको इसकी सारी डिटेल्स बताते हैं.
डायनामिक मोशन और टाइपोग्राफी: नए UI एनिमेशंस में स्प्रिंगी, फ्लूइड ट्रांजिशंस और हैप्टिक फीडबैक मिलेगा. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा आपको ऐप्स या नोटिफिकेश डिसमिस करते समय मिलता है.
ब्लर इफेक्ट्स: इंटरफेस में डेप्थ और कॉन्टेक्स्ट के लिए सूक्ष्म ब्लर इफेक्ट्स को भी ऐड किया गया है.
कस्टमाइजेशन: होम स्क्रीन ग्रिड्स, Quick Settings और थीम्स को और ज्यादा पर्सनलाइज करने का ऑप्शन दिया गया है.
Live Updates: राइड-शेयर, डिलीवरी जैसे ऐप्स से रियल-टाइम इन्फो दिखाने वाला फीचर यूजर्स को मिलेगा.
Wear OS 6 में राउंड वॉच डिस्प्ले के लिए ऑप्टिमाइज्ड डिजाइन दिया गया है. जिसमें स्मूद स्क्रॉलिंग और कंसिस्टेंट डायनामिक कलर थीमिंग शामिल है. Google का दावा है कि 18,000 यूजर्स के साथ 46 स्टडी के बाद यह अब तक का सबसे रिसर्च्ड डिजाइन अपडेट है. यह UI एलिमेंट्स को स्पॉट करना आसान बनाएगा और बुजुर्ग यूजर्स के लिए एक्सेसिबिलिटी बढ़ाएगा.
Gemini AI का विस्तार: स्मार्टवॉच से कार तक
Google का AI असिस्टेंट Gemini अब स्मार्टफोन्स से आगे बढ़कर कई डिवाइसेज में इंटीग्रेट हो रहा है.
Wear OS स्मार्टवॉच: वॉइस, टेक्स्ट और इमेज के जरिए नेचुरल इंटरैक्शंस जैसे रिमाइंडर्स सेट करना सवाल पूछना या ऐप्स कनेक्ट करने जैसे फीचर्स आपको मिलेंगे.
Android Auto और Google Built-In कार: नेविगेशन, मैसेजिंग, ट्रांसलेशन और मीडिया समरीज के लिए कन्वर्सेशनल कमांड्स मिलेंगे जो ड्राइवर सेफ्टी को प्राथमिकता देते हैं.
Google TV: TCL डिवाइसेज से शुरू होकर, Gemini एम्बिएंट डिस्प्ले फीचर्स और इंटरैक्टिव कंटेंट डिस्कवरी (एजुकेशनल एक्सपीरियंस सहित) को पावर देगा.
Android XR: Samsung के साथ को-डेवलप्ड, यह प्लेटफॉर्म हेडसेट्स और ग्लासेस के लिए AI-पावर्ड इमर्सिव एक्सपीरियंस लाएगा. पहला Samsung हेडसेट 2025 में आएगा.
Google छोटे AI मॉडल्स (जैसे BERT) और ऑन-डिवाइस NPUs/TPUs का इस्तेमाल कर हार्डवेयर लिमिटेशन्स को पार कर रहा है. डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स को Gemini को डिफॉल्ट असिस्टेंट बनाने की आजादी है. Google का कहना है कि भारत में Android Auto और Wear OS यूजर्स के लिए ये फीचर्स खासकर ट्रैफिक नेविगेशन और क्विक रिस्पॉन्स के समय गेम-चेंजर होंगे.
Android 16: सिक्योरिटी और स्कैम प्रोटेक्शन में फोकस
Android 16 डिजिटल खतरों से बचाने के लिए AI-बेस्ड सिक्योरिटी फीचर्स ला रहा है. AI-पावर्ड स्कैम डिटेक्शन फीचर से Google Messages में ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग के साथ क्रिप्टो, टोल रोड और इम्पर्सनेशन स्कैम्स को ब्लॉक करता है. यह प्राइवेसी सुनिश्चित करते हुए स्कैम मैसेज रोकता है.
इन-कॉल प्रोटेक्शन फीचर से अननोन कॉन्टैक्ट्स के साथ कॉल्स में रिस्की एक्शन्स (जैसे साइडलोडिंग ऐप्स या सेंसिटिव परमिशन्स शेयर करना) के खिलाफ वार्निंग दी जाएगी.
Key Verifier: Google Messages में जल्द लॉन्च होगा, जो QR कोड्स या नंबर कंपेरिज़न के जरिए कॉन्टैक्ट्स की पहचान वेरिफाई करता है.
एन्हांस्ड थेफ्ट प्रोटेक्शन: लॉक स्क्रीन OTP प्रोटेक्शन्स, मजबूत Factory Reset प्रोटेक्शन्स और चैलेंज क्वेश्चन्स के साथ Remote Lock के ऑप्शन्स यूजर्स को मिलेंगे.
Advanced Protection Program: हाई-रिस्क यूज़र्स के लिए डिवाइस-लेवल सेटिंग, जिसमें Intrusion Logging और सिस्टम इंटीग्रिटी फीचर्स शामिल हैं.
Google Play Protect अब AI के साथ रियल-टाइम थ्रेट डिटेक्शन करता है, जो मैलिशियस ऐप्स (जो आइकन्स छिपाते हैं या सिस्टम प्रोसेस की नकल करते हैं) को फ्लैग करता है. भारत में, जहां साइबर फ्रॉड बढ़ रहे हैं, ये फीचर्स यूज़र्स को ज़्यादा सिक्योरिटी देंगे.
Find My Device अब Find Hub: ट्रैकिंग का नया दौर
Google का डिवाइस-ट्रैकिंग सिस्टम अब Find Hub बन गया है, जो डिवाइसेज, आइटम्स और लोकेशन्स को ट्रैक करने का यूनिफाइड इंटरफेस है.
UWB-एनेबल्ड टैग्स: नजदीकी डिवाइसेज को प्रिसाइजली ट्रैक करने की सुविधा.
सैटेलाइट कनेक्टिविटी: 2025 में बिना सेल्युलर सर्विस के भी कनेक्ट रहने और लोकेशन ट्रैक करने की सुविधा.
एयरलाइन इंटीग्रेशन: 2026 में Singapore Airlines और British Airways जैसे पार्टनर्स ब्लूटूथ टैग्स के ज़रिए लॉस्ट लगेज ट्रैकिंग की सुविधा देंगे.
आपको बता दें कि कंपनी ने कहा है कि Find Hub सभी Android डिवाइस पर एक साथ लॉन्च होगा. भारत में जहां डिवाइस चोरी और लॉस्ट लगेज आम समस्याएं हैं, यह फीचर यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद होगा.
Android इकोसिस्टम और भविष्य की प्रतिबद्धता
Google ने RCS को यूनिवर्सल मैसेजिंग स्टैंडर्ड बनाने पर जोर दिया, जो Android और iOS पर मीडिया शेयरिंग और ग्रुप चैट्स को बेहतर बनाएगा. कंपनी OEMs और चिपमेकर्स के साथ मिलकर सभी डिवाइस टियर्स (एंट्री-लेवल से फोल्डेबल्स तक) पर टाइमली अपडेट्स और फीचर रोलआउट सुनिश्चित कर रही है.
Google I/O के मेन इवेंट में Gemini इंटीग्रेशंस (खासकर व्हीकल्स में), Android XR, और डेवलपर टूल्स की ज़्यादा डिटेल्स और डेमो दिखाए जाएंगे. Google का कहना है कि भारत जैसे मार्केट्स, जहां Android की 95%+ स्मार्टफोन मार्केट शेयर है, इन अपडेट्स से सबसे ज्यादा फायदा उठाएंगे.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile