Elon Musk का खुला चैंलेज, ये करके दिखाओ.. बदले में मिलेंगे 85 लाख रुपये, अप्लाई करने का तरीका भी आसान
Elon Musk की कंपनी Starlink सैटेलाइट इंटरनेट को धीरे-धीरे कई देशों में लॉन्च कर रही है. भारत में भी जल्द इसके आने की उम्मीद है. लेकिन, अब कंपनी ने 100,000 डॉलर या लगभग 85 लाख रुपये इनाम देने का दावा किया है. इसके लिए कंपनी की तरफ से एक शर्त रखी गई है. इस शर्त को पूरा करने वाले को इनाम दिया जाएगा.
SurveySpaceX अपने Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम को हैक करने वाले किसी भी शख्स को 100,000 डॉलर तक का इनाम दे रही है. यह इनाम कंपनी के बग बाउंटी प्रोग्राम का हिस्सा है. यह सिक्योरिटी रिसर्चर्स को Starlink के सिस्टम में खामियां ढूंढने के लिए प्रोत्साहित करता है. इसका मकसद है सिस्टम को और मजबूत करना है.
SpaceX अपने बढ़ते यूजर बेस की प्राइवेसी को सुरक्षित रखना चाहता है और अपने सैटेलाइट नेटवर्क को पक्का करना चाहता है. इसमें 7,000 से ज्यादा लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स काम कर रहे हैं. कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि वो सिक्योरिटी इश्यूज को कैसे चेक करती है और किन खामियों के लिए इनाम मिल सकता है.
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Starlink की सिक्योरिटी
SpaceX का बग बाउंटी प्रोग्राम का मुख्य लक्ष्य है सिक्योरिटी खामियों को ढूंढना और ठीक करना, ताकि हैकर्स उनका फायदा न उठा सकें. पिछले तीन महीनों में इस प्रोग्राम ने 43 बग्स पकड़े हैं. जिनके लिए औसतन 913.75 डॉलर का इनाम दिया गया.
SpaceX ने अपने ब्लॉग में कहा, “हम रिसर्चर्स को Starlink में सिक्योरिटी इश्यूज को गैर-परेशान करने वाले तरीके से टेस्ट करने और अपनी खोज को हमारे बग बाउंटी प्रोग्राम के जरिए बताने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.” कंपनी ने जोर दिया कि जिम्मेदार टेस्टिंग बहुत जरूरी है, ताकि सिस्टम और कस्टमर्स के डेटा की अखंडता बनी रहे.
केस-बाय-केस तय होगा इनाम
सिक्योरिटी रिसर्चर्स को 100,000 डॉलर तक का इनाम मिल सकता है, लेकिन ये खामी की गंभीरता और असर के आधार पर “केस-बाय-केस” तय होता है. Bugcrowd के मुताबिक, इस प्रोग्राम में सबमिशन्स को चेक करने की प्रक्रिया भी तेज है. इसमें आमतौर पर दो दिन में वैलिडेशन हो जाता है.
स्टारलिंग के बग बाउंटी प्रोग्राम से रिसर्चर्स के लिए मौका है अपनी स्किल्स दिखाने का और मोटी कमाई करने का. अगर आपको भी सिस्टम और कोडिंग में खामी खोजने में मजा आता है तो आप इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं.
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सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile
