Truecaller की छुट्टी! अब फोन पर दिखेगा कॉल करने वाले का असली नाम, सरकार ने Airtel, Jio और Vi को दिया आदेश

Truecaller की छुट्टी! अब फोन पर दिखेगा कॉल करने वाले का असली नाम, सरकार ने Airtel, Jio और Vi को दिया आदेश

स्पैम कॉल्स और अनजान नंबरों से आने वाली फ्रॉड कॉल्स से परेशान हो गए हैं? अब आपको Truecaller जैसे किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि सरकार खुद इसका इलाज लेकर आ रही है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने Airtel, Jio और Vi जैसी सभी टेलीकॉम कंपनियों को एक हफ्ते के भीतर ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) सर्विस का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश दिया है.

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यह वही फीचर है जिसका हम सालों से इंतजार कर रहे थे. यानी, अब जब भी कोई आपको कॉल करेगा, तो फोन की स्क्रीन पर उसका नाम (जो सिम कार्ड खरीदते समय फॉर्म में भरा गया था) फ्लैश होगा. आइए, इस गेम-चेंजर नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं.

CNAP ऐसे करेगा काम

CNAP का मतलब है ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’. यह एक नेटवर्क-लेवल फीचर है, जिसका मतलब है कि इसके लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना पड़ेगा. जब भी कोई यूजर आपको कॉल करेगा, तो टेलीकॉम कंपनी खुद आपको उसकी स्क्रीन पर कॉलर का वह नाम दिखाएगी जो उसने सिम कार्ड खरीदते समय अपने कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) में ऑफिशियली दर्ज कराया था.

DoT ने टेलीकॉम रेगुलेटर (TRAI) को यह भी सूचित कर दिया है कि 4G और नए नेटवर्क्स पर इस सर्विस का ट्रायल सफल रहा है, इसलिए इसे तुरंत रोल आउट किया जा सकता है.

60 दिनों का पायलट प्रोजेक्ट हुआ शुरू

मनीकंट्रोल को सूत्रों ने बताया कि सरकार ने ऑपरेटर्स को पायलट शुरू करने के लिए सात दिन का समय दिया है, जो लगभग 60 दिनों तक चलेगा.

इस दो महीने के ट्रायल के दौरान, Airtel, Jio, और Vi जैसी कंपनियां देश के किसी भी एक राज्य या रीजन (जिसे वे खुद चुन सकती हैं) में इस सर्विस को शुरू करेंगी. उन्हें इस ट्रायल की वीकली प्रोग्रेस रिपोर्ट DoT को देनी होगी, ताकि किसी भी तकनीकी या नेटवर्क से जुड़ी चुनौती को पहचाना और हल किया जा सके.

इस कदम का मुख्य उद्देश्य यूजर्स को अनजान कॉलर्स की पहचान करने, स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल्स से बचने में मदद करना और टेलीकॉम इकोसिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी बनाना है.

2G यूजर्स को नहीं मिलेगा यह फीचर

इस फीचर में एक बड़ा पेंच है. यह फीचर शुरुआत में सिर्फ 4G और 5G यूजर्स को ही मिलेगा. देश के लगभग 20 करोड़ सब्सक्राइबर्स जो अभी भी पुराने 2G नेटवर्क पर हैं, वे इस सर्विस का लाभ नहीं उठा पाएंगे.

DoT ने TRAI को लिखे एक पत्र में कहा है कि पुराने 2G नेटवर्क्स में जरूरी सॉफ्टवेयर पैच और अपग्रेड की कमी के कारण इस सर्विस को लागू करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है. Airtel और Vodafone Idea (Vi), जिनके पास अभी भी करोड़ों 2G यूजर्स हैं, इस सर्विस को सभी सब्सक्राइबर्स के लिए तुरंत डिप्लॉय नहीं कर सकते.

इसके विपरीत, Reliance Jio के लिए यह काम ज्यादा आसान है, क्योंकि Jio का नेटवर्क पूरी तरह से 4G और 5G पर ही काम करता है और उसने अपनी CNAP टेक्नोलॉजी भी खुद ही (इन-हाउस) बनाई है. यह फीचर सभी यूजर्स के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से एक्टिवेट किया जाएगा, हालांकि सब्सक्राइबर्स के पास इसे डिसेबल करने का ऑप्शन भी होगा.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile

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