टॉयलेट में आप भी लेकर जाते हैं मोबाइल? आ गई खतरनाक चेतावनी, हो सकती है ये बीमारी, नाम जानकर आज ही छोड़ देंगें ये आदत
क्या आप भी सुबह-सुबह टॉयलेट में बैठकर न्यूज पढ़ते हैं या सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं? अगर हां, तो यह आदत आपको एक ऐसी बीमारी दे सकती है जिसके बारे में बात करने में भी शर्म आती है. इससे बवासीर यानी पाइल्स (Haemorrhoids). एक नई साइंटिफिक स्टडी ने इस बात का खुलासा किया है कि टॉयलेट में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों को यह बीमारी होने का खतरा 46% तक ज्यादा होता है.
Surveyसितंबर 2025 में PLOS One में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, स्मार्टफोन के उपयोग के कारण टॉयलेट में अधिक समय बिताने से बवासीर का खतरा काफी बढ़ सकता है.
क्या कहती है यह नई स्टडी?
बोस्टन के बेथ इजराइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर के रिसर्चर्स द्वारा की गई इस स्टडी में 125 वयस्कों का सर्वे किया गया. इसमें पाया गया कि जो लोग अक्सर बाथरूम में अपने फोन का उपयोग करते थे, उनमें बवासीर होने की संभावना उन लोगों की तुलना में 46 प्रतिशत ज्यादा थी जो टॉयलेट में अपने फोन का उपयोग नहीं करते थे.
आखिर टॉयलेट में फोन चलाने से बीमारी का क्या कनेक्शन?
अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर टॉयलेट में फोन चलाने से बवासीर का क्या लेना-देना है? इसका जवाब बहुत सीधा है – जरूरत से ज्यादा देर तक बैठना. जब आप कमोड पर बैठकर फोन में खो जाते हैं, तो आप अक्सर जरूरत से ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं.
रिसर्चर्स ने नोट किया कि इस लंबे समय तक बैठने से आपके मलाशय की नसों (rectal veins) पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, जो बवासीर का मुख्य कारण बन सकता है. स्टडी में यह भी पाया गया कि सर्वे किए गए लोगों में से लगभग 66 प्रतिशत ने टॉयलेट में फोन का उपयोग करना स्वीकार किया और इनमें से 37 प्रतिशत यूजर्स पांच मिनट से भी ज्यादा समय बिताते थे, जबकि फोन इस्तेमाल न करने वालों में यह आंकड़ा सिर्फ 7 प्रतिशत था.
इस बारे में सिर्फ विदेशी ही नहीं, बल्कि भारत के एक्सपर्ट्स भी चेतावनी दे रहे हैं. नई दिल्ली के धरमशिला नारायण अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. महेश गुप्ता ने इंडिया टुडे को बताया, “वॉशरूम में मोबाइल फोन का उपयोग करना एक आम आदत बन गई है, लेकिन यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है… मोबाइल डिवाइस से होने वाला ध्यान भटकाव अक्सर प्रक्रिया में देरी करता है.”
तो क्या है इसका समाधान?
इसका समाधान बहुत ही सरल है, लेकिन शायद उतना ही मुश्किल भी, अपनी आदत को बदलना. अगली बार जब आप बाथरूम जाएं, तो अपने फोन को बाहर ही छोड़कर जाएं. रिसर्चर्स का सुझाव है कि पब्लिक हेल्थ कैंपेन टॉयलेट के समय को सीमित करने और स्मार्टफोन के ध्यान भटकाव से बचने के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. तो, अगली बार जब आप बाथरूम में अपने फोन के लिए पहुंचें, तो दो बार सोचें, वे कुछ अतिरिक्त स्क्रॉल एक छिपी हुई स्वास्थ्य लागत के साथ आ सकते हैं.
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सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile
