ChatGPT Voice Mode हुआ पहले से ज्यादा स्मार्ट! OpenAI ने लॉन्च किए GPT-Live मॉडल, अब नहीं काटेगा आपकी बात

HIGHLIGHTS

ChatGPT अब आपकी बात बीच में नहीं काटेगा

OpenAI ने लॉन्च किए GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini Voice Models

अब Voice Mode पहले से ज्यादा प्राकृतिक और रियल-टाइम बातचीत करेगा

ChatGPT Voice Mode हुआ पहले से ज्यादा स्मार्ट! OpenAI ने लॉन्च किए GPT-Live मॉडल, अब नहीं काटेगा आपकी बात

अगर आपको कभी ऐसा लगा कि ChatGPT का Voice Mode आपकी बात बीच में काट देता है, देर से जवाब देता है या बातचीत के दौरान अजीब तरीके से रुक जाता है, तो अब यह परेशानी काफी हद तक खत्म होने वाली है. OpenAI ने ChatGPT के लिए दो नए वॉयस मॉडल GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini लॉन्च किए हैं, जिनका मकसद बातचीत को पहले से कहीं ज्यादा प्राकृतिक और सहज बनाना है.

Digit.in Survey
✅ Thank you for completing the survey!

Full-Duplex तकनीक पर आधारित

कंपनी के मुताबिक ये नए मॉडल Full-Duplex तकनीक पर आधारित हैं. इसका मतलब है कि अब ChatGPT एक इंसान की तरह एक साथ सुन भी सकता है और बोल भी सकता है. यानी अगर आप उसकी बात के बीच में बोलते हैं, तो वह बातचीत को स्वाभाविक तरीके से जारी रख सकता है. यही तकनीक भविष्य में रियल-टाइम ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स को भी बेहतर बनाएगी.

OpenAI ने ChatGPT का मौजूदा Advanced Voice Mode भी बदल दिया है. अब सभी यूजर्स के लिए डिफॉल्ट रूप से GPT-Live-1 mini उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि ChatGPT के पेड प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ज्यादा शक्तिशाली GPT-Live-1 मॉडल मिलेगा.

पहले ChatGPT का Voice Mode तीन अलग-अलग AI मॉडल पर काम करता था. पहला आपकी आवाज को टेक्स्ट में बदलता था, दूसरा जवाब तैयार करता था और तीसरा उस टेक्स्ट को दोबारा आवाज में बदलता था. इसी वजह से कभी-कभी जवाब देने में देरी होती थी या AI बीच में आपकी बात काट देता था. नए GPT-Live मॉडल इस पूरी प्रक्रिया को अधिक सहज बनाते हैं.

GPT-5.5 का भी कर सकते हैं इस्तेमाल

OpenAI का कहना है कि जरूरत पड़ने पर नया Voice Mode बैकग्राउंड में GPT-5.5 जैसे एडवांस टेक्स्ट मॉडल का भी इस्तेमाल कर सकता है. इससे सर्च, लॉजिकल रीजनिंग और जटिल सवालों के जवाब भी बातचीत रोके बिना दिए जा सकेंगे.

इस अपडेट की एक खास बात यह भी है कि ChatGPT अब लंबे समय तक सिर्फ आपकी बात सुन सकता है और तब तक जवाब नहीं देगा, जब तक वास्तव में उसकी जरूरत न हो. यानी बातचीत पहले की तुलना में ज्यादा स्वाभाविक महसूस होगी.

अब Voice Mode सिर्फ बोलकर जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा. जरूरत पड़ने पर यह विजुअल जानकारी भी दिखा सकेगा, जिससे जटिल विषयों को समझना आसान होगा. OpenAI का मानना है कि भविष्य में Voice ही कंप्यूटर और AI से बातचीत का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है.

कंपनी के अनुसार फिलहाल 15 करोड़ से ज्यादा लोग ChatGPT में Voice और Dictation फीचर का इस्तेमाल कर रहे हैं. OpenAI ने यह भी साफ किया है कि उसका उद्देश्य ChatGPT को AI Companion बनाना नहीं है. नए मॉडल में सुरक्षा उपाय भी जोड़े गए हैं, ताकि किशोरों के लिए जवाब उपयुक्त रहें और संवेदनशील विषयों पर जरूरत पड़ने पर सही संसाधनों की जानकारी दी जा सके.

हालांकि नया Voice Mode अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है. OpenAI के डेमो के दौरान हिंदी ट्रांसलेशन में अमेरिकी लहजा साफ सुनाई दिया और हिंदी भी कुछ हद तक किताबों जैसी लगी. कंपनी का कहना है कि मॉडल को दुनिया की प्रमुख भाषाओं के लिए बेहतर बनाया गया है और आने वाले समय में इसमें और सुधार किए जाएंगे.

कुल मिलाकर, अगर आप ChatGPT का Voice Mode नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, तो यह अपडेट पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेज, प्राकृतिक और उपयोगी अनुभव देने वाला साबित हो सकता है.

यह भी पढ़ें: काफी काम का है Blue Aadhaar Card, कई जगहों पर होता है इस्तेमाल, जान लें डाउनलोड करने के 3-3 तरीके

Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile