भारत में लौटा Telegram, Jio-Airtel यूजर्स के लिए अभी भी नहीं कर रहा काम, Play Store और App Store पर हुआ उपलब्ध

HIGHLIGHTS

भारत में Telegram की सेवाएं धीरे-धीरे फिर से बहाल हो रही हैं.

कुछ Jio और Airtel यूजर्स को अभी भी एक्सेस से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को सही ठहराया है.

भारत में लौटा Telegram, Jio-Airtel यूजर्स के लिए अभी भी नहीं कर रहा काम, Play Store और App Store पर हुआ उपलब्ध

करीब एक सप्ताह तक चली बाधा के बाद Telegram धीरे-धीरे भारत में फिर से सामान्य हो रहा है. मैसेजिंग ऐप एक बार फिर Google Play Store और Apple App Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो गया है. कई यूजर्स ने भी बताया है कि अब मैसेज सामान्य रूप से डिलीवर हो रहे हैं.

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यह बहाली ऐसे समय हुई है जब हाल ही में Telegram भारतीय सरकार के उस आदेश को चुनौती देने में विफल रहा था, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम के दौरान ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था. 16 जून से 22 जून तक लागू रहे इस प्रतिबंध ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सरकार की शक्तियों को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी थी.

Jio और Airtel के कुछ यूजर्स को अभी भी हो रही परेशानी

हालांकि Telegram की सेवाएं धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं, लेकिन अभी सभी यूजर्स को पूरी तरह एक्सेस नहीं मिला है. कुछ यूजर्स का कहना है कि Google Play Store या Apple App Store से ऐप डाउनलोड करने के बाद भी वे साइन अप नहीं कर पा रहे हैं या चैट्स तक पहुंच नहीं पा रहे हैं.

कुछ मामलों में यह समस्या Jio और Airtel दोनों नेटवर्क के यूजर्स को प्रभावित कर रही है. कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी अपनी शिकायतें शेयर की हैं.

एक यूजर ने X पर लिखा, “Telegram Airtel नेटवर्क पर काम क्यों नहीं कर रहा है? दूसरे नेटवर्क पर ठीक चल रहा है. कृपया Airtel नेटवर्क पर Telegram बहाल करें.” एक अन्य यूजर ने लिखा, “Telegram अभी भी VPN के बिना मेरे लिए काम नहीं कर रहा है. आप लोगों का क्या हाल है?”

हालांकि कई अन्य यूजर्स ने बताया है कि Telegram उनके लिए सामान्य रूप से काम कर रहा है. इससे संकेत मिलता है कि विभिन्न क्षेत्रों और नेटवर्क पर सेवाओं की बहाली अभी भी चरणबद्ध तरीके से जारी है.

जिन यूजर्स को समस्या आ रही है, वे ऐप को रिफ्रेश करने या Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध नवीनतम वर्जन में अपडेट करने की कोशिश कर सकते हैं.

Telegram पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया था?

सरकार ने यह प्रतिबंध उस समय लगाया था जब मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित NEET परीक्षा के परिणाम पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिए गए थे. सरकार का कहना था कि Telegram एक अलग तरह की चुनौती पेश करता है.

अधिकारियों के अनुसार प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक किए गए चैनलों को आसानी से दोबारा बनाया जा सकता है और यूजर्स फोन नंबर छिपाकर तथा यूजरनेम आधारित बातचीत के जरिए अपनी पहचान छिपा सकते हैं. सरकार का कहना था कि इन सुविधाओं के कारण नियमों को लागू करना लगातार चुनौतीपूर्ण बन जाता है.

यह प्रतिबंध केवल Telegram पर लागू किया गया था. आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने ऐप की पहुंच रोक दी थी, जबकि Google और Apple ने भी इसे अपने ऐप स्टोर्स से हटा दिया था.

अदालत ने सरकार के फैसले को सही ठहराया

शुक्रवार को Telegram दिल्ली हाई कोर्ट में इस आदेश को रद्द करवाने में सफल नहीं हो सका. अदालत ने कहा कि सरकार का फैसला कानूनी और उचित था. कोर्ट ने सरकार की इस दलील को स्वीकार किया कि एक बड़े राष्ट्रीय परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध जरूरी था.

Telegram का दावा, उसने भी उठाए थे कदम

प्रतिबंध लगने से पहले Telegram और भारत सरकार के बीच कई दिनों तक मतभेद बने रहे थे. Reuters की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी अधिकारियों ने Telegram की आलोचना की थी और कहा था कि कंपनी कथित तौर पर लीक हुए परीक्षा पेपर शेयर करने वाले अकाउंट्स को सक्रिय रूप से नहीं हटा रही थी.

हालांकि Telegram ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि सरकार ने उन प्रयासों का उल्लेख नहीं किया जो कंपनी इस तरह की सामग्री हटाने के लिए कर रही थी. कंपनी का दावा था कि उसने अवैध परीक्षा सामग्री से जुड़े 900 से अधिक लिंक हटा दिए थे. Telegram के संस्थापक Pavel Durov ने भी सार्वजनिक रूप से इस प्रतिबंध की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि इस फैसले से आम यूजर्स प्रभावित हुए, जबकि परीक्षा लीक के लिए जिम्मेदार लोग कहीं और चले गए.

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Sudhanshu Shubham

Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile