क्या है Puch AI? यूपी में 25000 करोड़ MoU साइन के बाद मचा है बवाल, जान लीजिए कैसे करता है काम
Puch AI को लेकर अभी विवाद चल रहा है. लोग सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी बातें कर रहे हैं. दरअसल Puch AI को लेकर चर्चा तब शुरू हुई जब इसने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU साइन किया. लोगों ने सवाल उठाए कंपनी की वैल्यूशन इतनी नहीं है तो यह इतना बड़ा MoU साइन कैसे कर सकते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या है Puch AI और कैसे करता है काम.
Surveyक्यों हुआ Puch AI को लेकर विवाद?
आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने Bengaluru स्थित AI स्टार्टअप Puch AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU साइन किया है. इस डील का मकसद उत्तर प्रदेश को AI हब के रूप में विकसित करना है, जहां AI Parks, बड़े डेटा सेंटर, “AI Commons” प्लेटफॉर्म और एक समर्पित AI यूनिवर्सिटी जैसी पहलें शामिल होंगी.
New Uttar Pradesh is embracing the power of Artificial Intelligence.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 23, 2026
A ₹25,000 Crore MoU with Puch AI will bring AI Parks, large-scale data center infrastructure, AI Commons, and an AI University to the state.
This initiative will strengthen governance, drive innovation, and…
हालांकि, इस घोषणा के तुरंत बाद ही यह खबर चर्चा में आ गई और कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस साझेदारी को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. सबसे बड़ा सवाल Puch AI की प्रोफाइल को लेकर है. यह स्टार्टअप जून 2025 में शुरू हुआ था और अभी इसे एक साल भी पूरा नहीं हुआ है. इसके बावजूद इतनी बड़ी डील साइन होने पर लोगों को इसकी क्षमता पर संदेह हो रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी सालाना कमाई लगभग 42.9 लाख रुपये बताई जा रही है, जो इस MoU के मुकाबले बेहद छोटी मानी जा रही है.
इसी के साथ लोगों की दिलचस्पी कंपनी के CEO सिद्धार्थ भाटिया को लेकर भी बढ़ गई है. सिद्धार्थ भाटिया एक टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड से आते हैं और उन्होंने BITS पिलानी से पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने National University of Singapore (NUS) से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की, जहां उनका फोकस स्ट्रीमिंग anomaly detection पर था. उनके रिसर्च पेपर्स AAAI, WWW, KDD और NeurIPS जैसे बड़े इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित हो चुके हैं.
भाटिया को NUS में President’s Graduate Fellowship और कई Research Achievement Awards भी मिल चुके हैं. इसके अलावा उन्हें ACM Heidelberg Laureate Forum में Young Researcher के तौर पर भी पहचान मिली है. अपने रिसर्च के दौरान उन्होंने Google Research और Amazon Web Services में इंटर्नशिप भी की थी.
Puch AI शुरू करने से पहले उन्होंने TurboML नाम का एक प्लेटफॉर्म बनाया था, जो adaptive और personalised AI सिस्टम्स पर काम करता था. जून 2025 में उन्होंने IIT Bombay के पूर्व छात्र अर्जित जैन के साथ मिलकर Puch AI की शुरुआत की.
Puch AI क्या करता है?
कंपनी का दावा है कि वह AI को आम लोगों तक पहुंचाने पर काम कर रही है, खासकर वॉयस-बेस्ड और स्थानीय भाषा सॉल्यूशनके जरिए, ताकि बिना किसी तकनीकी ज्ञान के भी लोग इसका इस्तेमाल कर सकें. यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से WhatsApp के जरिए काम करता है और शिक्षा, हेल्थकेयर और क्रिएटिव सेक्टर में इसके उपयोग बताए जाते हैं. WhatsApp पर आप सीधे इससे भारतीय भाषाओं में किसी भी तरह के सवाल पूछ सकते हैं. जैसे आप पूछ सकते हैं कि “आज दिल्ली में मौसम कैसा रहेगा और क्या छाता लेकर निकलना सही रहेगा?”
हालांकि, उनका नाम पहले भी विवादों में आ चुका है, जब उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में Perplexity AI को 50 बिलियन डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव दिया था, जो काफी वायरल हुआ था.
जहां तक इस MoU की बात है, इसके तहत AI Parks, AI Commons प्लेटफॉर्म और AI यूनिवर्सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की योजना है, जो राज्य में टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने इसे शासन को मजबूत करने, इनोवेशन बढ़ाने और युवाओं के लिए नए मौके तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है.
लेकिन दूसरी तरफ, Puch AI की कम उम्र और सीमित राजस्व को देखते हुए कई लोगों को यह डील अव्यावहारिक लग रही है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स और कम्युनिटी नोट्स में यह सवाल उठाया गया है कि क्या इतनी छोटी कंपनी इतने बड़े स्तर के प्रोजेक्ट्स को संभाल पाएगी, खासकर जब इसमें डेटा सेंटर और यूनिवर्सिटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं.
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Sudhanshu Shubham
सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं. View Full Profile