इन आसान टिप्स से पता करें असली और नकली फ़ोन के बीच का अंतर

द्वारा Ashwani Kumar | पब्लिश किया गया 17 Feb 2020
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कहीं जो स्मार्टफोन आप इस्तेमाल कर रहे हैं वह नकली तो नहीं, आपने कभी इस बारे में सोचा है? आइये आज आपको बताते हैं कि असली और नकली फोन में क्या बड़े अंतर होते हैं।

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हम कभी भी इस बारे में सोच नहीं सकते हैं कि जिस स्मार्टफोन को हम इस्तेमाल कर रहे हैं, वह किसी भी तरह से नकली भी हो सकता है। हमारे मन में ऐसे सवाल कभी भी नहीं आते हैं, ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इस फोन के लिए हमने काफी पैसा खर्च किया है, अब अगर हमारा फोन नकली होता है, तो हमारे लिए इससे बड़ी चोट कोई नहीं हो सकती है। असल में ऐसा कभी कभी हो सकता है। मान लीजिये आप Samsung के किसी महंगे फोन को इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन वह मात्र बहार दे ही वह डिवाइस है जिसके लिए आपने पैसा दिया है, अंदर से तो वह एक नकली फोन है। ऐसा भी हो सकता है कि मात्र उस फोन की बॉडी ही असली हो, अंदर से वह फोन नकली पार्ट्स से बना हो। हालाँकि इस लेख से हमारा अभिप्राय यह नहीं है कि आप अपने फोंस को नकली समझना शुरू कर दें लेकिन हम आपको मात्र इतना ही समझाना चाहते हैं कि ऐसा हो सकता है, कई मामले ऐसे सामने भी आ चुके हैं। इस लेख से हम आपको मात्र नकली और असली फोन के बीच के अंतर को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। 

चीन में सैमसंग के  हाई-एंड फोंस को की नकल करना बड़ा कारोबार है। एनटूटू की 2017 की नॉक-ऑफ स्मार्टफोन रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग स्मार्टफोन का पिछले साल नकली बाजार में 36 फीसदी से अधिक का योगदान था, इसके अलावा iPhones का 7.7 फीसदी और Huawei का लगभग 3.s4 फीसदी था। इसके अतिरिक्त यूरोपीय बाजार में गैलेक्सी S7 Edge सूची में सबसे बड़े पैमाने पर फेक था। 

अब जब हम देख रहे हैं कि चीन में नकली फोंस का बाजार फल फूल रहा है, तो ऐसा हो सकता है कि हमारे देश में भी ऐसा कुछ चल रहा हो, जिसका हमें पता ही न हो। असल में इस जानकारी को मात्र चुटकी में नमक की तरह ही लेना होगा। लेकिन यह एक चिंता की बात है। क्योंकि जिस फोन के लिए आप इतना पैसा खर्च कर रहे हैं, वह अगर नकली निकले तो हम समझ सकते हैं कि आपपर क्या बीतेगी। 

अब्ब बारी आती है कि आखिर कैसे पता चले एक नकली और असली फोन के बीच का अंतर। सबसे बड़े अंतर के तौर पर ऐसा देखा जा है कि नकली फोन कुछ शैडी होता है। अब अगर आप अपने पैसे एक नकली फोन पर ख़राब नहीं करना चाहते हैं तो आइये हम आपको बताते हैं कि आखिर कैसे आप अपने ज्यादा पैसे एक ख़राब फोन पर खर्च करने से बच सकते हैं। 

बाहरी डिजाईन

सबसे पहले अगर आप एक नकली फोन को देखकर ही पहचान सकते हैं तो उसे आप बड़े आसानी से उसके बाहरी डिजाईन के माध्यम से देखकर ही पता लगा सकते हैं। नकली फोन में बटन्स की प्लेसमेंट कुछ अलग हो सकती है, बेजल्स भी आपको कुछ अलग और संदेहजनक लग सकते हैं, इसके अलावा कैमरा आदि की प्लेसमेंट को देखकर भी आप पता लगा सकते हैं। हालाँकि यह कहना बड़ा आसान लग रहा है लेकिन असल जिंदगी में यह इतना आसान है नहीं। आपको बड़ी मुश्किल होने वाली है, इस अंतर को पहचानने के लिए। हालाँकि आप इस तरह से शुरुआत कर सकते हैं। 

अगर आप किसी शॉप पर जाकर फोन ले रहे हैं तो सबसे पहले आपको करना यह होगा कि आप सबसे पहले फोन को ऑन करें। हालाँकि अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको आपके फोन लेने पर कुछ समय बाद परेशानी हो सकती है। 

इसके अलावा अगर आप फोन को ऑन कर लेते हैं तो सबसे पहले आपको यह देखना चाहिए कि आखिर उसका UI कंपनी की थीम से मेल खाता है कि नहीं। असल में नकली फोन में आपको यहाँ भी अंतर देखने को मिल सकता है। 

असल में फोन की परफॉरमेंस भी यहाँ मायने रखती है, असल में यह एक सबसे बड़ा पहलू है जो फोन को खरीद लेने के बाद ही समझ आता है। अब अगर फोन के अंदर नकली हार्डवेयर का इस्तेमाल किया गया है तो आपको इसका पता काफी समय बाद लगता है, और इसके बाद अआप्को काफी पछतावा होता है। 

टेस्टिंग करना न भूलें

अब अगर आप कोई पुराना फोन किसी से खरीद रहे हैं, तो जिस से आप इस डिवाइस को खरीद रहे हैं, उसे पूरे पैसे न देखकर आप कुछ पैसे देखकर फोन को लें लें और कुछ समय के लिए इस्तेमाल करके देखें। अगर आपको इस बीच कुछ भी समस्या आती है तो आप इस फोन के लिए पूरे पैसे न दें। इस दौरान आप फोन की बाहरी कंडीशन पर भी नजर रख सकते हैं, और इसकी परफॉरमेंस आदि का भी आपको पता चल जाता है। 

हार्डवेयर आदि का मेल करके देखें

अगर आप किसी फोन को ले रहे हैं तो आपको सबसे पहले उसके हार्डवेयर कंपनी के असल हार्डवेयर के अथ मिलकर देख लेना चाहिए। जैसे मान लीजिये कोई फोन 4GB रैम और किसी हाई-एंड प्रोसेसर के साथ लॉन्च हुआ है, इसके अलावा उसके कोई जाना माना GPU मौजूद है, और स्टोरेज के बारे में भी आपको पहले से ही जानकारी है। तो आप फोन लेते समय उसे भी मिलकर देखें। अगर यह मेल खाते हैं तो आपको एक असली फोन मिल रहा है। हालाँकि अगर यह मेल नहीं खा रहे हैं तो आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। 

CPU-Z बेंच चलाकर देखें

अगर आपने फोन ले लिया है तो आपको उसपर एक बार इस बेंचमार्क को चलाना जरुर चाहिए, इससे आपको पता चल जाता है कि आखिर फोन में मौजूद हार्डवेयर असली है या नकली। ऐसा करने से आप एक असली और नकली फोन के बीच के अंतर को बड़ी आसानी से जान सकते हैं। 

IMEI नंबर की तुलना करके देखें

अंत आपको सलाह दी जाती है कि आप फोन के IMEI नंबर की तुलना करके देख लें, अगर आपको यहाँ कुछ भी गलत लगता है तो आप धोखे से बच सकते हैं। हालाँकि ऐसा कम ही होता है कि आपको नकली फोन मिल जाए लेकिन सतर्क रहने पर आपको किसी भी समस्या से बचने की जरूरत ही नहीं है। आप पहले से ही इस बारे में काफी कुछ जानते होंगे। हमें आशा है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपके पास भी ऐसे ही कुछ सुझाव या आईडिया हैं, या आप भी इस बारे में कुछ और जानकारी रखते हैं तो हमारे साथ भी इसे साझा करें।

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