इन्टरनेट पर चल रही Coronavirus से जुड़ी ये 10 बातें हैं ग़लत

इन्टरनेट पर चल रही Coronavirus से जुड़ी ये 10 बातें हैं ग़लत

Coronavirus (COVID-19) विश्वभर में स्वास्थ्य के मामले में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और भारत में भी कुछ शहरों में कोरोनावायरस के आने की शंका से लोग परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के नोएडा में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दस्तक दे दी है। यहां एक शख्स कोरोना वायरस से प्रभावित पाया गया है। विश्वस्तर पर यह बीमारी कई लोगों की जान ले चुकी है। लोग वायरस से बचने के लिए कई तरह की सावधानियां बरत रहे हैं लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन बहुत सी ग़लत जानकारी भी फ़ैल रही है। हम यहां आपको ऐसी 10 बातें बता रहे हैं जो ऑनलाइन फ़ैल रही हैं और इन बातों को सही नहीं मानना चाहिए।

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Coronavirus के लिए बने स्पेशल मास्क का दावा

Coronavirus से बचाव के लिए कोई ख़ास मास्क नहीं उपलब्ध है। इसलिए, अगर आपको ऑनलाइन विज्ञापन मिलता है जो ऐसे किसी मास्क का दावा करता हो, तो उस पर विश्वास न करें।

N95 बेहतर है या सर्जिकल मास्क

स्वास्थ्य विशेषग्य लगातार यह बता रहे है कि केवल मास्क पूरी तरह सुरक्षा की ज़िम्मेदारी नहीं लेता है और यह जानना ज़रूरी है कि SARS-CoV-2 वायरस आकर में बहुत छोटा है और आसानी से N95 मास्क के बावजूद आप तक पहुंच सकता है। इसलिए N95 या सर्जिकल मास्क के बीच बेहतर मास्क कोई बहस का मुद्दा नहीं है।

Coronavirus से बचाव के लिए ऑनलाइन किसी दवाई, तेल आदि की जांच या खरीदारी न करें

अभी तक कोरोना वायरस के लिए कोई इलाज नहीं निकला है। ऐसे दावों में न फंसे जिनसे किसी प्रोडक्ट द्वारा इस वायरस को दूर करने की बात कही गई हो। यह पैसा बचाने के लिए एक चाल हो सकती है।

किसी भी अनियमित वेबसाइट पर कोरोना वायरस के बारे में जानकार न प्राप्त करें।

ऑफिशियल किट नहीं है

वायरस से बचाव के लिए कोई ऑफिशियल किट उपलब्ध नहीं है इसलिए इस तरह के झूठे विज्ञापनों में न फंसें।

सोशल मीडिया पर झूठी ख़बरें

इस दौरान टिकटोक, व्हाट्सऐप आदि पर फ़ैल रही झूठी खबरों या विडियो में न फंसें। प्रत्येक जानकारी की प्राथमिकता जांच लें।

डॉक्टर्स के अलावा किसी व्यक्ति से सलाह न लें

कोरोना वायरस के सम्बन्ध में यूट्यूबर्स या इन्फ़्लुएन्सर्स से राय न लें। और झूठी ख़बरों को फ़ैलाने से बचाएं।

ऑनलाइन सिम्पटम्स की जांच न करें

अगर वायरस की शंका होती है तो सीधा डॉक्टर से सलाह लें और ऑनलाइन जाकर कोरोना वायरस से जुड़े सिम्पटम्स न जांचें।

असत्यापित आर्टिकल्स, विडियो आदि शेयर करने से बचें

आपके फोन पर प्राप्त हुईं इस तरह की विडियो और आर्टिकल शेयर न करें जिन्हें वेरीफाई नहीं किया गया है। इस तरह लोगों में डर बैठ सकता है।

कोरोना वायरस के सन्दर्भ में आई ईमेल्स में न फंसें

Coronavirus वायरस पूरे विश्व में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और साइबर क्रिमिनल मैलवेयर फैलने और लोगों को फंसाने के लिए WHO या अन्य ग्लोबल आर्गेनाईजेशन के नाम से झूठे ईमेल भेज रहे हैं।

Aafreen Chaudhary

Aafreen Chaudhary

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