भारत में निजी दूरसंचार ऑपरेटर दिवाली तक प्रीपेड टैरिफ में 10% से 12% की वृद्धि कर सकते हैं। इसका मतलब है कि टैरिफ बढ़ोतरी अक्टूबर या नवंबर 2022 तक एक बार फिर से हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इस टैरिफ वृद्धि के साथ, प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) का आंकड़ा और 10% बढ़ जाएगा। इस खबर से यूजर्स को एक बड़ा झटका लगने वाला है।
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ईटी टेलीकॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी इक्विटी रिसर्च फर्म विलियम ओ 'नील एंड कंपनी की भारतीय इकाई में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख मयूरेश जोशी ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियां 10% -12% की एक और प्रीपेड टैरिफ बढ़ोतरी कर सकती हैं और संभावित रूप से भारती एयरटेल, जियो और वीआई के एआरपीयू को क्रमशः 200 रुपये, 185 रुपये और 135 रुपये तक बढ़ा सकते हैं।
अभी हाल ही में सामने आ चुका है कि Airtel अपने Recharge Plans की कीमत को बढ़ा सकता है, और अब यते नई खबर यूजर्स को एक बड़े झटके के रूप में सामने आ रही है।
पिछले साल ही Vodafone Idea, Reliance Jio और Airtel जैसी टेलीकॉम कंपनियों ने अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। अब ग्राहकों को एक बड़ा झटका फिर से लग सकता है। जानकारी के लिए बता देते है कि, एयरटेल अपने प्रीपेड प्लान की कीमत बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस खबर की पुष्टि कंपनी के सीईओ गोपाल विट्टल ने की है। उन्होंने खुलासा किया कि एयरटेल के 2022 में फिर से कीमत में बढ़ोतरी की संभावना है। इस बार, प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) 200 रुपये निर्धारित किया जा सकता है। कुलमिलाकर ऐसा समझ आ रहा है कि देश में एक बार फिर से एयरटेल के रिचार्ज प्लांस महंगे हो सकते हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरटेल टेलीकॉम रेगुलेटर के 5G के बेस प्राइस से खुश नहीं है। विट्ठल ने इसे लेकर काफी बात भी की है। पिछले साल, सभी तीन निजी स्वामित्व वाली दूरसंचार ऑपरेटरों ने अपने प्लांस की कीमत को लगभग 18 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था।
टेलीकॉम ऑपरेटर्स रिवर्स प्राइस के लिए ट्राई की सिफारिश से खुश नहीं हैं। कंपनियां 5G रिजर्व प्राइस को 90 फीसदी कम करने पर जोर दे रही थीं।
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