Faceless YouTube कंटेंट की दुनिया में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अगर आपने हाल ही में सोशल मीडिया स्क्रॉल किया है, तो शायद आपने भी इस ट्रेंड को नोटिस किया होगा। “Little Margo Stories” नाम के एक चैनल पर इसे साफ़ देखा जा सकता है। महज 23 वीडियो के साथ इस चैनल ने 3 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हासिल कर लिए हैं, जबकि इसके कई वीडियो लाखों व्यूज बटोर चुके हैं। यह सिर्फ इत्तेफाक नहीं है, बल्कि एक सोच समझ कर बनाया गया और काम करने वाला सिस्टम है।
SurveyAI कंटेंट का सोशल मीडिया पर दबदबा
दिलचस्प बात यह है कि यह कंटेंट देखने में बेहद सरल लगता है। इसमें न तो ज्यादा एडवांस एडिटिंग होती है और न ही कोई बड़ी कहानी। छोटे-छोटे कार्टून स्टाइल वीडियो होते हैं, जिनमें वही किरदार बार-बार दिखाई देते हैं। अगर आपने स्ट्रॉबेरी, केला, समोसा या मोमोज जैसे किरदारों वाले वायरल रील्स देखे हैं, तो आप इस ट्रेंड को आसानी से समझ सकते हैं। ये वीडियो थोड़े अजीब ज़रूर लगते हैं, लेकिन देखने में बेहद आकर्षक और क्यूट होते हैं और यही इसकी असली ताकत है जिसे दर्शक खूब पसंद करते हैं।
जब दर्शक किसी किरदार को बार-बार देखते हैं, तो उनके मन में एक पहचान बन जाती है। उन्हें हर बार नई कहानी समझने की जरूरत नहीं पड़ती, वे सीधे वीडियो पर क्लिक करके देखना शुरू कर देते हैं। यही छोटी-सी पहचान धीरे-धीरे दर्शकों की रुचि और जुड़ाव बढ़ाती है। कुछ समय बाद यह एक तरह की मिनी-सीरीज जैसा अनुभव देने लगती है, जहां हर एपिसोड कुछ सेकंड का होता है लेकिन दर्शक उससे जुड़े रहते हैं।
कैसे बनता है वायरल AI कंटेंट?
अब बात करते हैं इस कंटेंट के पीछे की तकनीक की। आजकल इस तरह के कई वीडियो पारंपरिक तरीके से नहीं बनाए जा रहे हैं। sjinn.ai जैसे AI टूल्स इस पूरी प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं। क्रिएटर सिर्फ एक सिंपल आइडिया देता है, जैसे कि एक बंदर और एक बत्तख के बीच मजेदार बातचीत। इसके बाद AI खुद स्क्रिप्ट तैयार करता है, सीन बनाता है, विजुअल्स जनरेट करता है और पूरा वीडियो तैयार कर देता है। सबसे बड़ी बात यह है कि किरदार हर वीडियो में एक जैसे बने रहते हैं, जो मैन्युअली करना काफी मुश्किल होता है। जहां पहले एक वीडियो बनाने में घंटों या दिन लग जाते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही मिनटों में हो जाता है।
घर बैठे धड़ाधड़ होती है कमाई
जब ऐसे वीडियो वायरल होने लगते हैं, तो कमाई के रास्ते भी खुल जाते हैं। YouTube ऐड्स, Shorts से होने वाली लाखों रुपये की इनकम और ब्रांड डील्स इसके मुख्य स्रोत बनते हैं। अब वीडियो बनाना आसान और तेज हो गया है, इसलिए क्रिएटर्स लगातार कंटेंट पोस्ट कर सकते हैं और थकान भी महसूस नहीं होती। यही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है, एक ऐसा फॉर्मेट जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है और वह लगातार ग्रोथ देता है।
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फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile