फ्रिज में कैसे जम गया ‘बर्फ का शिवलिंग’? आस्था के सैलाब के बीच देखें क्या है हकीकत

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आगरा में फ्रिज में यूनीक तरह से जमी बर्फ ने इंटरनेट पर वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद से आस्था बनाम विज्ञान की बहस छिड़ी है।

क्या यह कोई चमत्कार है या रेफ्रिजरेटर के अंदर का एक टेक्निकल मैकेनिज्म?

फ्रिज में कैसे जम गया ‘बर्फ का शिवलिंग’? आस्था के सैलाब के बीच देखें क्या है हकीकत

इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में कब कौन सी चीज वायरल हो जाए, इसे लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। असल में, इंटरनेट पर इस समय ताजनगरी आगरा से सामने आया एक मामला बेहद ज्यादा ट्रेंड कर रहा है, इस कह सकते हैं कि वायरल हो रहा है। असल में, एक वीडियो में देखा जा सकता है कि फ्रिज के अंदर जमी बर्फ की एक अनोखी आकृति ‘टॉक ऑफ द टाउन’ बनी हुई है। घर के फ्रीजर में जमी बर्फ का आकार हूबहू एक ‘शिवलिंग’ जैसा नजर आ रहा है, ऐसे में इसे देखकर, घर के बाहर आस्था का सैलाब उमड़ आया है, इस आकृति की तुलना तो अमरनाथ गुफा में बनने वाले प्राकृतिक शिवलिंग से की जाने लगी है। लेकिन एक टेक जर्नलिस्ट और गैजेट एक्सपर्ट होने के नाते, जब यह खबर मुझे मिली तो दिमाग की बत्ती जलना तो तय था। पहला सवाल यह था कि क्या वाकई फ्रिज के अंदर ऐसा होना मुमकिन है? क्या फ्रिज जानबूझकर ऐसी आकृति बना सकता है, या फिर इसके पीछे कोई छिपा हुआ तकनीकी कारण है? आइए ज्यादा देर न करते हुए इस मामले का तकनीकी पोस्टमार्टम करते हैं।

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क्या फ्रिज ‘शिवलिंग’ जैसी बर्फ कमा सकता है?

इसका सीधा और सपाट जवाब है, नहीं, फ्रिज ऐसा नहीं कर सकता है। कोई भी रेफ्रिजरेटर कंपनी अपने कंप्रेसर या फ्रीजर को किसी खास धार्मिक या ज्योमेट्रिकल आकार में बर्फ जमाने के लिए डिजाइन नहीं करती। फ्रिज का सिर्फ और सिर्फ एक ही काम है। थर्मोडायनामिक्स के नियमों का पालन करना और अंदर की गर्मी को बाहर फेंकना इसके अलावा फ्रीजर में रखे पानी या नमी को बर्फ में तब्दील करना।

कैसे बना ये अनोखा डिजाइन?

अब यह डिजाइन कैसे बना इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी के लिए हमें कुछ तकनीकी कारणों पर नजर डालनी होगी। आइए देखते हैं कि आखिर फ्रिज कैसे इस तरह की आकृति बना देता है।

फ्रीजर के अंदर इस तरह की आकृति में बर्फ जमने के पीछे पूरी तरह फिज़िक्स और फ्रिज की एक खास तकनीकी स्थिति जिम्मेदार होती है। इसे साइंस की भाषा में ‘आइस स्पाइक्स’ (Ice Spikes) फॉर्मेशन’ के तौर पर जाना जाता है। आइए अब जानते हैं कि आखिर इस तरह की आकृति क्यों बन जाती है।

सुपरकूलिंग और फ्रीजर का डिफ्रॉस्ट मैकेनिज्म

आजकल के ज्यादातर फ्रिज फ्रॉस्ट-फ्री तकनीक पर काम करते हैं, जो समय-समय पर जमी हुई अतिरिक्त बर्फ को पिघलाने के लिए हीटिंग साइकिल चलाती है। लेकिन अगर किसी वजह से फ्रीजर का थर्मोस्टेट (तापमान कंट्रोल करने वाला सेंसर) ठीक से काम न करे, या फ्रिज का दरवाजा बार-बार खुला छोड़ा जाए, तो फ्रीजर के अंदर की नमी एक जगह इकट्ठा होकर ‘सुपरकूल्ड’ (Supercooled) अवस्था में आ जाती है। ऐसे में पानी बहुत तेजी से ऊपर की तरफ बढ़ते हुए जमने लगता है।

पानी का बाहर से अंदर की ओर जमना

जब हम किसी खुले बर्तन या ट्रे में पानी रखते हैं, तो वह सबसे पहले ऊपर की सतह से जमना शुरू होता है। पानी जब चारों तरफ से जम जाता है, तो बीच का पानी लिक्विड ही रहता है। चूंकि पानी जमने पर फैलता है, इसलिए अंदर का बचा हुआ पानी ऊपर जमी हुई बर्फ की परत में किसी छोटे से छेद या क्रैक से दबाव के कारण बाहर की तरफ एक फव्वारे या ट्यूब की तरह निकलने लगता है। जैसे ही वह पानी बाहर निकलता है, फ्रीजर की भयंकर ठंड उसे तुरंत जमा देती है। यही प्रक्रिया जब लगातार चलती है, तो वह एक Pillar या शिवलिंग जैसे आकार निर्मित कर देती है।

वेंटिलेशन और एयर-फ्लो का कमाल

फ्रीजर के अंदर कूलिंग के लिए छोटे-छोटे वेंट्स होते हैं। अगर फ्रीजर में सामान इस तरह रखा हो कि ठंडी हवा का झोंका सीधे किसी पानी वाले बर्तन के एक खास हिस्से पर लगातार टकराए, तो वहां बर्फ का फैलाव असमान हो जाता है। हवा के दबाव और पानी के जमने की रफ्तार के तालमेल से भी ऐसी आकृतियां बन जाती हैं।

इंटरनेट पर लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, और अपनी-अपनी आस्था के हिसाब से उनका ऐसा सोचना गलत भी नहीं है। लेकिन तकनीकी और व्यावहारिक तौर पर देखा जाए तो फ्रिज के अंदर के तापमान, पानी के दबाव और एयर-फ्लो के संयोग से ऐसा होता है।

अगर आपके फ्रिज में भी कभी ऐसा हो, तो घबराएं और आपको अचंभित होने की भी जरूरत नहीं है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि आपके फ्रीजर का मॉइस्चर लेवल और कूलिंग साइकिल उस वक्त एक खास कॉम्बिनेशन में काम कर रहे थे। बाकी, विज्ञान के नियमों के दायरे में रहकर जब प्रकृति ऐसी अनोखी कलाकृतियां बनाती है, तो उसे देखकर हैरान होना लाजिमी है!

आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई हैं।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile