उमस भरी गर्मी ने कर दिया बुरा हाल? ये 2 रुपये का जुगाड़ कूलर को बना देगा ‘AC’, आज ही आज़मा लो!
गर्मी अपने चरम पर है और जून के महीने में दोपहर के समय बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं लगता। ऐसे मौसम में ज्यादातर मिडिल क्लास परिवारों के लिए कूलर ही सबसे बड़ा सहारा होता है। हालांकि कई बार राहत देने वाला यही कूलर परेशानी का कारण भी बन जाता है। कमरे में ठंडक मिलने की बजाय नमी बढ़ने लगती है, जिससे चिपचिपाहट महसूस होती है और आराम से सोना भी मुश्किल हो जाता है।
Surveyयह समस्या खासकर उन लोगों के लिए ज्यादा होती है जो छोटे या बंद कमरों में रहते हैं। अगर किचन और रहने का कमरा एक ही जगह हो, तो हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं। अगर आप भी कूलर चलाने के बावजूद उमस से परेशान रहते हैं और एयर कंडीशनर पर खर्च नहीं करना चाहते, तो कुछ आसान उपाय आपकी समस्या दूर कर सकते हैं।
कूलर चलाने पर कमरे में नमी क्यों बढ़ जाती है?
कूलर का काम पानी की मदद से हवा को ठंडा करना होता है। कई लोग मानते हैं कि टैंक में ज्यादा पानी भरने या पंप को लगातार चालू रखने से बेहतर कूलिंग मिलेगी। लेकिन जब कूलर ऐसे कमरे में चलाया जाता है जहां दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद हों, तब हवा में नमी तेजी से बढ़ने लगती है।
कूलर से निकलने वाली नमी बाहर नहीं निकल पाती और कमरे के अंदर ही जमा होती रहती है। इस कारण कमरा भाप भरे वातावरण जैसा महसूस होने लगता है। ऐसी स्थिति में शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता और ठंडी हवा भी असहज लगने लगती है।

ये जुगाड़ बढ़ा सकता है कूलिंग
गर्मियों में लोग अक्सर कूलर के पानी को ज्यादा ठंडा करने के लिए उसमें बर्फ डालते हैं। हालांकि बर्फ कुछ ही समय में पिघल जाती है और इसका असर जल्दी खत्म हो जाता है। बेहतर नतीजे के लिए बर्फ डालते समय उसमें दो बड़े चम्मच मोटा नमक भी मिला सकते हैं।
नमक पानी के जमने के तापमान को कम कर देता है, जिससे बर्फ सामान्य की तुलना में धीमी गति से पिघलती है। इससे कूलर का पानी ज्यादा समय तक ठंडा बना रहता है और कमरे में ताजगी महसूस होती है। साथ ही अतिरिक्त नमी बनने की संभावना भी कम हो सकती है।
बेहतर एयरफ्लो से घटेगी उमस
कूलर की प्रभावी कूलिंग के लिए ताजी हवा का लगातार आना जरूरी होता है। इसलिए कूलर को ऐसी जगह रखें जहां से वह बाहर की हवा आसानी से खींच सके। इसके अलावा कूलर के पीछे मौजूद खिड़की या दरवाजे को थोड़ा खुला रखें। करीब 10 से 15 प्रतिशत खुला रास्ता पर्याप्त होता है। इससे कमरे की गर्म और नम हवा बाहर निकलती रहती है और अंदर ताजी हवा का प्रवाह बना रहता है। सही वेंटिलेशन मिलने पर कूलर ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करता है और ठंडक बेहतर महसूस होती है।
बिजली बचाने का आसान तरीका
अगर कूलर लंबे समय तक लगातार चलता रहे तो बिजली की खपत भी बढ़ जाती है। बिजली बचाने के लिए एक आसान तरीका अपनाया जा सकता है। जब कमरा अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तब कुछ समय के लिए कूलर का वॉटर पंप बंद कर दें और केवल फैन चलने दें।
कूलर की घास पहले से गीली और ठंडी रहती है, इसलिए बिना पंप के भी कुछ समय तक ठंडी हवा मिलती रहती है। इससे आराम में कोई खास कमी नहीं आती और बिजली की बचत भी हो जाती है।
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फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile
