फिल्म नहीं ये है 2 घंटे 12 का हॉरर.. हर सीन से झलकता है डर, परिवार के साथ बैठकर कभी ना देखना
अगर आप ऐसी फिल्म की तलाश में हैं जो सिर्फ डराए नहीं, बल्कि दिमाग को झकझोर दे, तो Shaitaan आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकती है। 2 घंटे 12 मिनट की यह सुपरनेचुरल थ्रिलर Netflix पर उपलब्ध है और रिलीज के बाद से लगातार चर्चा में है। यह फिल्म गुजराती हिट ‘वश’ की आधिकारिक रीमेक है, लेकिन हिंदी वर्जन में इसे और ज्यादा इंटेंस और डार्क ट्रीटमेंट दिया गया है। आइए जानते है कि इसकी कहानी क्या है, इसे आपको परिवार के साथ बैठकर क्यों नहीं देखना चाहिए, इसके अलावा इसकि IMDb रेटिंग के बारे में भी जानकारी आपको यहीं पर मिलने वाली है।
SurveyShaitaan की कहानी क्या है?
कहानी एक साधारण परिवार से शुरू होती है। कबीर ( Ajay Devgn ) अपनी पत्नी और बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने फार्महाउस जाते हैं। रास्ते में एक ढाबे पर उनकी मुलाकात वनराज ( R. Madhavan ) से होती है। यहीं से कहानी करवट लेती है। वनराज की दी हुई मिठाई खाने के बाद Ajay Devgn की बेटी जाह्नवी रहस्यमय तरीके से उसके नियंत्रण में आ जाती है। इसके बाद जो होता है, वह सिर्फ हॉरर नहीं, बल्कि एक पूरी मानसिक लड़ाई है, जिसे आप पल पल महसूस कर सकते हैं।
हर सीन में क्यों झलकता है डर?
पूरी फिल्म लगभग एक ही लोकेशन, फार्महाउस में घूमती है। सिर्फ 4-5 मुख्य किरदार, लेकिन हर पल तनाव चरम होता है। बिना अनावश्यक शोर-शराबे के, साइलेंस और बैकग्राउंड स्कोर से डर पैदा किया गया है। माधवन का शांत लेकिन खतरनाक विलेन अवतार फिल्म की जान है। माधवन का किरदार ‘चॉकलेट बॉय’ इमेज से बिल्कुल उलट है। उनका कंट्रोल, बॉडी लैंग्वेज और आंखों का एक्सप्रेशन सिहरन पैदा करता है।
एक्टिंग और टेक्निकल पहलू
अजय देवगन एक लाचार पिता के रूप में भावनात्मक और गुस्से से भरे नजर आते हैं। ज्योतिका अजय की पत्नी सिर्फ रोती नहीं दिखतीं, बल्कि मजबूती से लड़ती भी हैं। जानकी बोडिवाला की परफॉरमेंस के तो क्या ही कहने, इन्हीं के अभिनय के कारण यह फिल्म इतनी दमदार और गजब की बन चुकी है।
यह फिल्म लॉजिक से ज्यादा माहौल और भावनात्मक टकराव पर आधारित है। अगर आप हर चीज का वैज्ञानिक कारण खोजेंगे तो शायद निराश हों, लेकिन अगर कहानी के साथ बहेंगे तो यह अनुभव लंबे समय तक याद रहेगा।
परिवार के साथ क्यों न देखें?
फिल्म का टोन काफी डार्क और असहज है। मानसिक नियंत्रण, पारिवारिक डर और सुपरनेचुरल एंगल इसे फैमिली मूड की हल्की-फुल्की फिल्म नहीं बनने देते। बेहतर होगा कि इसे अकेले या ऐसे दोस्तों के साथ देखें जिन्हें इंटेंस हॉरर पसंद हो। अगर आप स्लो-बर्न सस्पेंस और मनोवैज्ञानिक हॉरर के शौकीन हैं, तो ‘शैतान’ आपके वीकेंड को यादगार और शायद डरावना बना सकती है।
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Ashwani Kumar
Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile