Amazon से पैकेज लेते वक्त जरूर चेक करें ये डॉट, ऐसा कलर होने का मतलब पहले ही खुल चुका है पैकेट!
Amazon ने शुरू की नई पहल
डिलीवरी लेते वक्त चेक करें डॉट
डॉट का कलर पिंक या रेड मतलब पैकेट खुला है
ऐसी स्थिति में पैकेट लेने से कर दें मना
अगर आप Amazon से सामान ऑर्डर करते हैं तो पैकेज रिसीव करते वक्त एक खास पिंक डॉट जरूर चेक करें. Amazon ने नई टैंपर-प्रूफ टेक्नोलॉजी लॉन्च की है जो आपके ऑर्डर की सिक्योरिटी को अगले लेवल पर ले जाती है. सेल के करीब आते ही Amazon ने इस इनोवेटिव पैकेजिंग को रोलआउट करना शुरू कर दिया है.
Surveyटैंपरिंग को रोकने की कवायद
आपने सुना होगा कि Amazon या Flipkart जैसी ई-कॉमर्स साइट्स से ऑर्डर करने पर कभी-कभी पैकेज में गलत सामान मिलता है. कई बार स्मार्टफोन की जगह साबुन या जूतों की जगह डिटर्जेंट मिल जाता है. Amazon ने ऐसी शिकायतों को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. अब आप जो ऑर्डर करेंगे, वही मिलेगा.
कई बार डिलीवरी एजेंट्स पैकेज की सील को हीट करके खोलते हैं, सामान बदल देते हैं और फिर रीसील कर देते हैं. जिससे टैंपरिंग का पता लगाना मुश्किल होता है. Amazon ने इस स्कैम को रोकने के लिए टैंपर-प्रूफ पैकेजिंग इंट्रोड्यूस की है, जो यूजर्स को तुरंत टैंपरिंग का अलर्ट देती है.
Amazon की नई टैंपर-प्रूफ पैकेजिंग क्या है?
Amazon की टैंपर-प्रूफ पैकेजिंग में यूनिक सील और टेप्स यूज होते हैं. जिन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है. X पर कई यूजर्स ने बताया कि Amazon अब पिंक या रेड डॉट वाली स्पेशल टेप यूज कर रहा है. अगर कोई इस टेप को हीट (जैसे हेयर ड्रायर या हीट गन) से हटाने की कोशिश करता है तो डॉट का रंग बदल जाता है (जैसे रेड या पिंक), जो टैंपरिंग का साफ संकेत है.
What is this technology? pic.twitter.com/QyhuYaQYMj
— Sujit 🇮🇳 (@skh27) June 1, 2025
Amazon की वेबसाइट के मुताबिक, टैंपर-एविडेंट बैग्स में यूनिक पैकेज ID होता है, जो अल्फा-न्यूमेरिक कोड होता है. डिलीवरी के वक्त आप इस ID को ईमेल, पुश नोटिफिकेशन, या “Track Package” ऑप्शन में चेक कर सकते हैं. पैकेज रिसीव करने से पहले ये देखें:
- पैकेज ID वही है जो Amazon ने भेजा.
- बैग के किनारों पर सिक्योरिटी नंबरिंग साफ और विजिबल है.
- ब्लू सीलिंग टेप्स के बीच की सेंटर लाइन पिंक नहीं है (किनारों को छोड़कर). अगर सेंटर लाइन पिंक है तो पैकेज टैंपर्ड हो सकता है.
- ब्लू टेप पर “Tampered” वर्ड नहीं दिखना चाहिए.
अभी ये पैकेजिंग मेडिसिन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स जैसे फार्मास्यूटिकल आइटम्स के लिए यूज हो रही है, लेकिन जल्द ही स्मार्टफोन्स और दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए भी रोलआउट होगी.
क्या करें अगर पिंक डॉट दिखे?
यानी “Amazon के पैकेज पर पिंक निशान दिखे तो पैकेज लेने से मना कर दें. यह टेक्नोलॉजी खासकर हाई-वैल्यू आइटम्स (जैसे फ्लैगशिप फोन) के लिए गेम-चेंजर है. अगर पैकेज पर पिंक या रेड डॉट दिखे या सेंटर लाइन पिंक हो तो डिलीवरी तुरंत रिजेक्ट कर दें.
आपके रजिस्टर्ड ईमेल, SMS या WhatsApp पर OTP आता है. OTP डिलीवरी के वक्त ही शेयर करें, फोन पर नहीं. पैकेज रिसीव करने से पहले वीडियो रिकॉर्ड करें, ताकि टैंपरिंग का सबूत हो. टैंपरिंग की शिकायत Amazon कस्टमर सर्विस से करें.
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सुधांशु शुभम (Sudhanshu Shubham) डिजिटल मीडिया में पिछले 6 साल से सक्रिय हैं. टाइम्स ग्रुप (Times Group) में आने से पहले वह न्यूज18 (News18) और आजतक (Aaj Tak) जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक के अलावा इन्होंने हाइपर लोकल बीट, डेटा एनालिसिस का भी काम किया है. View Full Profile
