2015 में आई इस मर्डर मिस्ट्री ने घुमा दिया था लोगों का दिमाग, पुलिस के सामने घूमता रहा कातिल, कभी नहीं भूल पाएंगे क्लाइमैक्स

2015 में आई इस मर्डर मिस्ट्री ने घुमा दिया था लोगों का दिमाग, पुलिस के सामने घूमता रहा कातिल, कभी नहीं भूल पाएंगे क्लाइमैक्स

बॉलीवुड में सस्पेंस और मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्मों का अपना अलग ही क्रेज रहा है। पुराने दौर की क्लासिक ब्लैक-एंड-व्हाइट फिल्मों से लेकर आज के साइकोलॉजिकल थ्रिलर्स तक, इस जॉनर ने हमेशा दर्शकों को बांधे रखा है। ऐसी फिल्मों की खासियत यही होती है कि कहानी का रोमांच आखिर तक बना रहता है और दर्शक लगातार अगले मोड़ का इंतजार करते रहते हैं।

Digit.in Survey
✅ Thank you for completing the survey!

फिर चाहे 1949 की ‘महल’ हो, 1964 की ‘वो कौन थी’, 1969 की ‘इत्तेफाक’, 1997 की ‘गुप्त’ या फिर 2018 में रिलीज हुई ‘अंधाधुन’, इन फिल्मों ने अपने जबरदस्त ट्विस्ट और रहस्यमयी कहानी से लोगों को अंत तक उलझाए रखा। यही वजह है कि मर्डर मिस्ट्री और सस्पेंस फिल्मों का अलग फैन बेस आज भी मौजूद है।

एक शानदार थ्रिलर वही मानी जाती है जो सिर्फ कातिल का खुलासा करने तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी कहानी में दर्शकों के मन में लगातार सवाल पैदा करती रहे कि आगे क्या होने वाला है। आज हम ऐसी ही एक फिल्म की बात कर रहे हैं, जो करीब 11 साल पहले रिलीज हुई थी और जिसकी कहानी ने लोगों का दिमाग घुमा दिया था। फिल्म में हत्यारा पुलिस की आंखों के सामने घूमता रहता है, लेकिन सबूतों की कमी के कारण पुलिस उसे पकड़ नहीं पाती।

अजय देवगन का दमदार किरदार

यह फिल्म थी साल 2015 में आई ‘दृश्यम’। इसमें अजय देवगन ने विजय सलगांवकर का किरदार निभाया था। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन और इशिता दत्त भी अहम भूमिकाओं में नजर आई थीं। फिल्म का निर्देशन निशिकांत कामत ने किया था। रिलीज के बाद फिल्म के कई डायलॉग्स काफी लोकप्रिय हुए और लोगों की जुबान पर चढ़ गए।

कहानी का हर मोड़ था चौंकाने वाला

फिल्म की स्क्रिप्ट इस तरह तैयार की गई थी कि दर्शक खुद उस परिवार के पक्ष में खड़े नजर आते हैं, जो सच छिपाने की कोशिश कर रहा होता है। मर्डर के बाद सबूतों को इतनी चालाकी से गायब किया जाता है कि पूरी पुलिस टीम जांच में जुटने के बावजूद किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाती। परिवार का हर सदस्य एक जैसी कहानी दोहराता है, जिससे पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगता।

मलयालम फिल्म का था हिंदी रीमेक

‘दृश्यम’ दरअसल 2013 में रिलीज हुई एक सुपरहिट मलयालम फिल्म का हिंदी रीमेक थी। ओरिजिनल वर्जन में मोहनलाल मुख्य भूमिका में दिखाई दिए थे। इस कहानी की लोकप्रियता इतनी ज्यादा रही कि बाद में इसे कई भाषाओं में रीमेक किया गया। यहां तक कि चीन में भी इस फिल्म की कहानी पर आधारित ‘शीप विदआउट शेफर्ड’ नाम की फिल्म बनाई गई।

यह भी पढ़ें: हनीकॉम्ब या वुड वूल पैड्स? खरीदने से पहले जान लें कौन सा कूलर देता है बेहतरीन ठंडक!

Faiza

Faiza

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile