व्हाट्सएप ने भारत में 26 लाख अकाउंट्स किए बैन, देखें कारण

व्हाट्सएप ने भारत में 26 लाख अकाउंट्स किए बैन, देखें कारण
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मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मंगलवार को कहा कि उसने नए आईटी नियमों, 2021 का पालन करते हुए सितंबर महीने में भारत में 26 लाख से अधिक आपत्तिजनक खातों को बैन कर दिया है।

जिन्हें अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर और अधिक जिम्मेदारी के साथ संशोधित किया जा रहा है।

मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मंगलवार को कहा कि उसने नए आईटी नियमों, 2021 का पालन करते हुए सितंबर महीने में भारत में 26 लाख से अधिक आपत्तिजनक खातों को बैन कर दिया है। जिन्हें अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर और अधिक जिम्मेदारी के साथ संशोधित किया जा रहा है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, जिसके देशभर में लगभग 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं, भारत में सितंबर में 666 शिकायत रिपोर्ट प्राप्त हुई और कार्रवाई रिकॉर्ड 23 रहा।

कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने सितंबर 2022 के महीने की रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस यूजर-सेफ्टी रिपोर्ट में प्राप्त शिकायतों और व्हाट्सएप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई का विवरण है, साथ ही, इसमें हमारे प्लेटफॉर्म पर दुरुपयोग से निपटने के लिए व्हाट्सएप द्वारा की गई कार्रवाइयां भी शामिल हैं।"

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प्लेटफॉर्म ने अगस्त में भारत में 23 लाख से अधिक अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया था।

अपग्रेड आईटी नियम 2021 के तहत, प्रमुख डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जिसमें पांच मिलियन से अधिक यूजर्स हैं, उन्हें मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होती है।

इस बीच, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 'डिजिटल नागरिकों' के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से कुछ संशोधनों को अधिसूचित किया है।

वर्तमान में, सोशल मीडिया मध्यस्थों को केवल यूजर्स को गलत कंटेट की कुछ कैटेगिरीज को अपलोड नहीं करने के बारे में सूचित करने की आवश्यकता होती है।

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यूजर्स को ऐसे कंटेट अपलोड करने से रोकने के लिए उचित प्रयास करना मध्यस्थों का एक कानूनी दायित्व हैं। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।

मंत्रालय द्वारा सभी स्टेकहॉल्डर्स को शामिल करते हुए एक विस्तृत सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया का पालन करने के बाद संशोधनों को अधिसूचित किया गया था। नए प्रावधान यह सुनिश्चित करेंगे कि मध्यस्थों का दायित्व महज औपचारिकता नहीं है।

IANS

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