5 सेकंड में अपने फोन पर ही चेक करें..जिस दवा को आप खाने जा रहे हैं वह असली है या नकली
जनवरी 2024 से भारत में बनी या इम्पोर्ट हुई हर दवा के API पर QR कोड अनिवार्य किया गया है।
QR स्कैन कर दवा की असलियत, बैच नंबर और एक्सपायरी तुरंत चेक कर सकते हैं।
5 सेकंड का स्कैन नकली या खतरनाक दवा से आपकी जान बचा सकता है।
दवा खरीदते वक्त हम अक्सर बस नाम, कीमत और एक्सपायरी डेट देखकर आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में नकली और दूषित दवाओं के मामलों ने यह साफ कर दिया है कि सिर्फ पैकेजिंग पर भरोसा करना अब काफी नहीं है। यही वजह है कि भारत सरकार ने दवा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और जरूरी कदम उठाया है, जिसके बारे में आज भी ज्यादातर लोगों को सही जानकारी नहीं है। आपको जानकारी के लिए बता देते हैं कि जनवरी 2024 से भारत में बनने या बाहर से आने वाली हर Active Pharmaceutical Ingredient (API) वाली दवा पर QR कोड अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद है, दवा का असली है या नकली होना जाँचना। इसका मतलब कि दवा के असली या नकली होने का फैसला अब ग्राहक करने वाले हैं, ना की कंपनी। आइए डीटेल में जानते है कि आखिर कैसे एक QR Code के माध्यम से पता लगाया जा सकता है की दवा असली है या नकली।
SurveyQR Code में क्या-क्या जानकारी होती है?
दवा के पैकेट पर दिया गया यह QR कोड सिर्फ एक स्कैन नहीं है, बल्कि पूरी दवा की डिजिटल पहचान है। इसे स्कैन करने पर आपको एक आधिकारिक वेबपेज पर ले जाया जाता है, जहां दवा से जुड़ी अहम जानकारियां मिलती हैं, जैसे: प्रोडक्ट ID, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट आदि। यह सारी जानकारी वही होनी चाहिए, जो दवा की पैकेजिंग पर छपी है। अगर QR से यह डिटेल्स और पैकेट की जानकारी में जरा सा भी फर्क है, तो वह दवा संदिग्ध मानी जा सकती है। इसका मतलब है कि दोनों को एक जैसा होना चाहिए।

5 सेकंड में चैक करें दवा असली है या नकली
दवा की जांच करना अब बेहद आसान हो गया है और इसके लिए किसी अलग ऐप की जरूरत भी नहीं है। आइए जानते है कि आखिर आपको क्या करना है।
सबसे पहले दवा के पैकेट पर QR कोड ढूंढें। यह प्राइमरी या सेकेंडरी पैकेजिंग पर मौजूद हो सकता है। इसके बाद अपने स्मार्टफोन का कैमरा ओपन और QR कोड स्कैन करें। स्कैन करते ही एक वेबपेज खुलेगा, जहां दवा की आधिकारिक जानकारी दिखेगी।
अगर वेबसाइट पर दिखाई गई जानकारी पैकेज से मैच करती है, तो दवा सुरक्षित मानी जा सकती है। लेकिन अगर जानकारी मेल नहीं खाती, तो उस दवा का इस्तेमाल बिल्कुल न करें और तुरंत इसकी शिकायत करें।
क्यों जरूरी हो गया है यह सावधानी?
हाल ही में सामने आए नकली और दूषित सिरप मामलों जैसे Cold Syrup से जुड़े विवाद ने यह साबित कर दिया है कि एक गलत दवा जानलेवा साबित हो सकती है। सरकार ने कई संदिग्ध बैच बैन किए हैं, लेकिन आखिरी चेकपॉइंट को देखा जाए तो यह अभी भी ग्राहक ही है। जिसे यह जांच करनी चाहिए।
QR कोड सिस्टम सरकार की तरफ से दिया गया एक सुरक्षा कवच है, लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा जब लोग इसे इस्तेमाल करें।
Ashwani Kumar
Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile