Scam Alert! न OTP चाहिए न कार्ड, बिना इन डिटेल्स के सफाचट हो रहे बैंक अकाउंट, आप कैसे बचें?
क्या आपको पता है कि अब साइबर ठग बिना डेबिट कार्ड, पिन या OTP के भी आपके बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं? हाल के दिनों में सामने आया AEPS स्कैम इसी तरह का एक खतरनाक तरीका है, जिसमें आधार से जुड़े सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जाता है। इस बारे में ‘इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चेतावनी जारी की है। जानकारी के मुताबिक, इस फ्रॉड में ठग आपकी फोटो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके खाते तक पहुंच बना लेते हैं।
SurveyBina OTP, bina card – kya sach mein aapka bank account khali ho sakta hai?
— CyberDost I4C (@Cyberdost) April 27, 2026
Aajkal scammers ek naya tareeka use kar rahe hain – AEPS (Aadhaar Enabled Payment System)
Iss system mein Aadhaar number aur face authentication ke through transactions kiye ja sakte hain
Problem tab… pic.twitter.com/x0K5uZqEmf
क्या है AEPS स्कैम?
AEPS यानी ‘आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम’ एक ऐसी बैंकिंग सुविधा है जिसे ‘नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरशन ऑफ़ इंडिया’ ने डेवलप किया है। इसकी मदद से ग्राहक केवल आधार नंबर और बायोमेट्रिक पहचान के जरिए लेनदेन कर सकते हैं, यानी इसमें कार्ड, पिन या OTP की जरूरत नहीं होती। यही वजह है कि अपराधी इस सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

कैसे काम करता है AEPS स्कैम?
अगर इस स्कैम के काम करने के तरीके को समझें तो ठग सबसे पहले किसी व्यक्ति का आधार नंबर हासिल करते हैं। इसके बाद वे सोशल मीडिया जैसी जगहों से उसकी तस्वीरें इकट्ठा कर लेते हैं। फिर AI और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर एक नकली वीडियो तैयार किया जाता है, जो बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसा दिखता है। इसी के सहारे वे AEPS सिस्टम में घुसकर बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में न तो OTP की जरूरत पड़ती है और न ही कार्ड डिटेल्स की।
इस स्कैम से कैसे बचें?
- ऐसे में इस तरह की ठगी से बचाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। सबसे प्रभावी तरीका है कि आप अपने आधार के बायोमेट्रिक्स को लॉक कर दें, ताकि कोई भी व्यक्ति आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल न कर सके।
- जहां तक संभव हो आधार की फोटोकॉपी देने से बचें और डिजिटल तरीके से ही शेयर करें।
- बैंक से जुड़े सभी नोटिफिकेशन जैसे SMS और ऐप अलर्ट हमेशा चालू रखें, ताकि किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की तुरंत जानकारी मिल सके।
- अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट रखना भी जरूरी है, क्योंकि ठग आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल डीपफेक तैयार करने में कर सकते हैं।
टेक्नोलॉजी जितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है, साइबर अपराधी भी उतने ही नए तरीके खोज रहे हैं। इसलिए सतर्क रहना और अपने डिजिटल डेटा की सुरक्षा करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
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फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं। View Full Profile