रेलयात्री अब ट्रैवेल सेगमेंट में है टॉप-रिकॉल्ड ब्रांड

द्वारा Press Release | पब्लिश किया गया 13 Jun 2019
रेलयात्री अब ट्रैवेल सेगमेंट में है टॉप-रिकॉल्ड  ब्रांड

रेलयात्री को भारत में ट्रैवेल ऐप्स में ऑर्गेनिक रिकॉल में नंबर वन का दर्जा दिया गया है। इसने ओटीए और मल्टी-मोडल इंटरसिटी ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर्स में सभी अग्रणी ट्रैवेल प्लेसटफॉर्म को पीछे छोड़ दिया है। रेलयात्री अब 17.4 मिलियन मासिक ऑर्गेनिक यूजर्स के साथ चार्ट में सबसे आगे है। इसने मेकमायट्रिप को पीछे छोड़ दिया है जोकि 16.3 मिलियन के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद 13.5 मिलियन मासिक ऑर्गेनिक यूजर्स के साथ क्लियरट्रिप का स्थान आता है। 

यूजर संख्या. एसईएमरश के आधार पर है जोकि एक थर्ड पार्टी साइट है और यूजर्स को मापने का एक मानक है। रेलयात्री फूड-ऑन-ट्रेन के अलावा फिलहाल ट्रेन, इंटरसिटी स्मार्टबस की पेशकश करता है और यह इंटरसिटी यात्रा की योजना बनाने में इंफॉर्मेशन टूल्स में अग्रणी है। रेलयात्री को मिली नंबर 1 पोजीशन स्परष्ट रूप से बताती है कि रेलयात्री मल्टी-मोडल इंटरसिटी यात्रा के लिए अब भारत का सबसे पसंदीदा प्लेसटफॉर्म है। 

रेलयात्री के सीईओ एवं सह-संस्थापक मनीश राठी ने कहा, “रेलयात्री का पूरा आइडिया नवाचार एवं तकनीक के जरिए भारतीय इंटरसिटी यात्रियों की समस्याओं का हल करने पर निर्मित है। हमें हमेशा से पता था कि हमें जानकारी मुहैया कराने की जरूरत है ताकि यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग प्रदान करने के अलावा उनकी यात्रा को प्लाान करने में मदद कर सकें।” 

मनीश ने यह भी कहा, “ऑर्गेनिक रिकॉल में शीर्ष स्थान हासिल करना इस बात को प्रमाणित करता है कि भारत में यात्री जानकारी से संबंधित हमारी पेशकशों और बुकिंग सेवाओं को शानदार पाते हैं। हमारा डेटा संचालित यात्रा जानकारी उपयोक्ताओं को स्मार्ट ट्रैवेल विकल्प अपनाने में मदद करती है और इससे ऑर्गेनिक यूजर एक्विजिशन बढ़ता है। जब हमने ट्रेनों एवं बसों के लिए टिकट बुकिंग लॉन्च की थी, तो हमने देखा कि हमारे मौजूदा यूजर्स ने हमारी बेहतरीन सूचना सेवाओं के कारण फौरन ट्रांजैक्ट किया।” 

रेलयात्री ने हाल ही में मैनेज्ड बसों के ब्रांडेड बेड़े के तौर पर इंटरसिटी स्मार्टबस को लॉन्च किया था। यह खासतौर पर इंटरसिटी मार्गों पर लक्षित है जहां ट्रेनों पर सबसे अधिक वेट लिस्टिंग होती है। 

रेलयात्री के सह-संस्थापक कपिल रायजादा ने कहा, “सिर्फ 3 प्रतिशत भारतीयों की पहुंच निजी वाहनों तक है और इसलिए यात्रा के लिए ट्रेनों एवं बसों पर लोगों की निर्भरता कहीं ज्या्दा है। हालांकि, कई अन्य मंच इस सेगमेंट में उच्च् यूजर एक्विजिशन लागत का एक चुनौती के तौर पर सामना करते हैं। ऑर्गेनिक यूजर वृद्धि और हाई रिपीट्स हमारे उपयोक्ताओं को मुहैया कराई जाने वाली हमारी सेवाओं की गुणवत्ता एवं फायदों का सम्मान है।”

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