Meta लेकर आया Muse Voice Trascribe, 5 हिन्दी के साथ इन भाषाओं को करेगा सपोर्ट

HIGHLIGHTS

Meta की ओर से Muse Voice Trascribe को लॉन्च कर दिया गया है।

इसमें 5 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिल रहा है।

इसके अलावा 70+ ग्लोबल भाषाओं का सपोर्ट भी साथ आया है।

Meta लेकर आया Muse Voice Trascribe, 5 हिन्दी के साथ इन भाषाओं को करेगा सपोर्ट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में मेटा (Meta) ने एक और बड़ा तकनीकी मील का पत्थर हासिल कर लिया है। मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स ने अपना पहला रियल-टाइम ऑडियो परसेप्शन मॉडल Muse Voice Transcribe लॉन्च कर दिया है। यह नया एआई मॉडल ऑडियो रिकॉर्डिंग खत्म होने का इंतजार किए बिना, बोलते ही शब्दों को सीधे और तुरंत टेक्स्ट में बदलने की क्षमता रखता है। भारतीय यूज़र्स और डेवलपर्स के लिए सबसे खास बात यह है कि इस मॉडल में हिंदी समेत पांच प्रमुख भारतीय भाषाओं का इन-बिल्ट सपोर्ट दिया गया है।

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हिंदी समेत 5 भारतीय भाषाओं और ‘कोड-स्विचिंग’ का सपोर्ट

मेटा ने इस मॉडल को 70 से ज्यादा वैश्विक भाषाओं पर ट्रेन किया है। जानकारी मिल रही है कि मेटा की ओर से इसे 5 भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के साथ लॉन्च किया गया है, इसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बांग्ला जैसे भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। भारत में अक्सर लोग बातचीत के दौरान एक ही वाक्य में दो भाषाएं (जैसे हिंदी और अंग्रेजी) मिला देते हैं। Muse Voice Transcribe बातचीत के बीच में भाषा बदलने पर भी बिना किसी रुकावट के सही ट्रांसक्रिप्शन तैयार कर लेता है। इसके लिए यूजर को बार-बार भाषा बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। यह मॉडल बातचीत के संदर्भ, कीवर्ड्स और ऑडियो टोन को समझकर मुश्किल शब्दों को भी पूरी सटीकता के साथ लिखता है।

20 से ज्यादा स्पीकर्स की लाइव पहचान और 1 घंटे से लंबी रिकॉर्डिंग क्षमता

पारंपरिक स्पीच-टू-टेक्स्ट टूल्स के मुकाबले मेटा का यह मॉडल कई एडवांस्ड खूबियों से लैस है। आइए विस्तार से इसके बारे में जानते हैं:

स्पीकर सेपरेशन: एक साथ हो रही बातचीत या मीटिंग में यह 20 से अधिक अलग-अलग वक्ताओं (Speakers) की आवाज पहचानकर उन्हें अलग-अलग मार्क कर सकता है।

रियल-टाइम एंडपॉइंटिंग: यह 80-मिलीसेकंड के छोटे ऑडियो चंक्स में काम करता है। कोई व्यक्ति कब बोलना शुरू करता है और कब रुकता है, इसका सटीक पता सिस्टम लाइव ऑडियो स्ट्रीम के दौरान ही लगा लेता है।

लंबी बातचीत का सपोर्ट: इसे छोटे ऑडियो क्लिप्स तक सीमित नहीं किया गया है, बल्कि यह एक घंटे से अधिक लंबी रिकॉर्डिंग्स को भी बिना रुके प्रोसेस कर सकता है।

डेवलपर्स के लिए उपलब्धता और कीमत (API Pricing)

मेटा ने इस मॉडल को Meta Model API के जरिए डेवलपर्स के लिए उपलब्ध करा दिया है, जिससे वे इसे अपने थर्ड-पार्टी ऐप्स और सर्विसेज में इंटीग्रेट कर सकें। वर्तमान में ‘Meta AI for Mac’ और ‘Muse Code’ जैसे टूल्स डिक्टेशन के लिए पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

डेवलपर्स के लिए इसकी कीमत $3 (लगभग 300 रुपये) प्रति 1,000 ऑडियो मिनट रखी गई है, जो प्रति घंटे के हिसाब से लगभग $0.18 (तकरीबन 17 रुपये) बैठती है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life. View Full Profile